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हर तरह के रोजगार का तैयार होगा डाटा
Sat, 01 Jun 2019 01:00 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 01 Jun 2019 01:00 AM IST
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टीजीटी के 404 पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे जबकि 380 पद बैचवाइज भरे जाएंगे।
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हर तरह के रोजगार और उनमें लगे लोगाें का डाटा एक जगह होगा। खास यह कि पूरा डिटेल ऑनलाइन होगा। 14 जून से प्रस्तावित सातवीं आर्थिक गणना की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसी क्रम मेंशुक्रवार को विकास भवन के सभागार में पांच मंडल के अफसरों को इसकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
इस बार सर्वे में खास यह है कि पूरी प्रकिया कागज रहित होगी। मोबाइल एप के माध्यम से सर्वे होगा। लखनऊ के बेहटा गांव में इसका प्रयोग किया जा रहा है। सर्वे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के हर छोटे-बड़े आर्थिक कार्यों को शामिल किया जाएगा। विकास भवन में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला में अफसरों और कर्मचारियों को सर्वे के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद जिला और ब्लाक स्तर पर अफसरों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
आर्थिक गणना का कार्य सांख्यिकी विभाग की निगारानी में कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से किया जाएगा। डीईएस की संयुक्त निदेशक दिव्या सरीन मेहरोत्रा ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। उप निदेशक गोपाल शर्मा ने सर्वे की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पिछले सर्वे में 14 महीने लगे थे लेकिन इस बार एप के माध्यम से गणना में कम समय लगने की उम्मीद है। सीएससी स्टेट हेड अतुलिय राय ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सर्वे के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में 18 जिलों के करीब 200 लोग शामिल रहे।
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इस बार सर्वे में खास यह है कि पूरी प्रकिया कागज रहित होगी। मोबाइल एप के माध्यम से सर्वे होगा। लखनऊ के बेहटा गांव में इसका प्रयोग किया जा रहा है। सर्वे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के हर छोटे-बड़े आर्थिक कार्यों को शामिल किया जाएगा। विकास भवन में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला में अफसरों और कर्मचारियों को सर्वे के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद जिला और ब्लाक स्तर पर अफसरों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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आर्थिक गणना का कार्य सांख्यिकी विभाग की निगारानी में कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से किया जाएगा। डीईएस की संयुक्त निदेशक दिव्या सरीन मेहरोत्रा ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। उप निदेशक गोपाल शर्मा ने सर्वे की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि पिछले सर्वे में 14 महीने लगे थे लेकिन इस बार एप के माध्यम से गणना में कम समय लगने की उम्मीद है। सीएससी स्टेट हेड अतुलिय राय ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सर्वे के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में 18 जिलों के करीब 200 लोग शामिल रहे।
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