प्रयागराज : आचार संहिता लागू होने के एक महीने बाद भी लगे हैं दलों के पोस्टर, रोजाना आ रहीं 50 से 100 आपत्तियां
16 मार्च को आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद ही सरकार की योजनाओं, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के फोटो वाले सरकारी विज्ञापन आदि हटाने के दावा किए गए थे। दीवारों पर हुए प्रचार, चस्पा पंफलेट आदि भी 48 घंटे के भीतर हटाए जाने के दावे किए गए थे लेकिन सच्चाई यह है कि एक महीने बाद भी इस तरह की शिकायतें बनी हुई हैं।
विस्तार
आचार संहिता लागू होने के एक महीने बाद भी दीवारों पर राजनीतिक दलों तथा सरकार की योजनाओं वाले पेंटिंग तथा पंफलेट लगे हैं तो जगह-जगह बैनर-पोस्टर भी मिल जा रहे हैं। इसे लेकर विरोधी दलों की ओर से तीखी आपत्ति जताई गई है। स्थिति यह है कि इस तरह की रोजाना 50 से अधिक शिकायतें आ रही हैं। इसके बाद पंफलेट, पोस्टर, बैनर आदि हटाए जा रहे हैं।
16 मार्च को आचार संहिता लागू हो गई है। इसके बाद ही सरकार की योजनाओं, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के फोटो वाले सरकारी विज्ञापन आदि हटाने के दावा किए गए थे। दीवारों पर हुए प्रचार, चस्पा पंफलेट आदि भी 48 घंटे के भीतर हटाए जाने के दावे किए गए थे लेकिन सच्चाई यह है कि एक महीने बाद भी इस तरह की शिकायतें बनी हुई हैं।
इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि कलेक्ट्रेट परिसर में बने कंट्रोल रूम में बृहस्पतिवार को 101 शिकायतें आईं थीं। इसी तरह से 15 अप्रैल को 50 शिकायतें आईं थीं। यानि, रोजाना 50 से 100 शिकायतें आ रही हैं और इनमें ज्यादातर आचार संहिता के उल्लंघन की हैं। लोगों की ओर से सरकार के प्रचार एवं राजनीतिक दलों के पोस्टर-बैनर लगे होने से संबंधित शिकायतें की गई हैं। वहीं टोल फ्री नंबर 1950 पर वोटर आईडी कार्ड नहीं पहुंचने की शिकायतें आ रही हैं।
शिकायत सेल के प्रभारी एडीएम वित्त एवं राजस्व विनय कुमार सिंह का कहना है कि बिना अनुमति पोस्टर, बैनर लगे होने की ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। कई बार अनुमति से लगे बैनर-पोस्टर की भी शिकायतें आ जा रही हैं। सभी का समय रहते निस्तारण कराया जा रहा है। दीवारों पर लिखे प्रचार तथा पंफलेट भी निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार हटाए जा रहे हैं।
यूनीपोल पर अभी से भाजपा का कब्जा, 151 स्थानों पर लगाए होर्डिंग
प्रयागराज में 29 अप्रैल से नामांकन शुरू होगा तो 25 मई को मतदान है। ऐसे में चुनाव प्रचार का बहुत शोर नहीं सुनाई दे रहा लेकिन शहर में लगे यूनीपोल पर चुनावी दस्तक सुनाई देने लगी है। हालांकि, इसमें भाजपा सबसे आगे दिखाई दे रही है। भाजपा की ओर से 151 स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाने के लिए अनुमति ली गई हैं। ज्यादातर पोल पर होर्डिंग्स लगाने की अनुमति मांगी गई है। इतना ही नहीं एक अन्य संस्था की ओर से भी भाजपा के प्रचार से संबंधित होर्डिंग्स लगाने की अनुमति मांगी गई है। सीआरओ कुंवर पंकज का कहना है कि राजनीतिक दल प्रचार के लिए अनुमति ले सकते हैं। अभी सिर्फ एक ही दल की ओर से अनुमति मांगी गई है। अन्य किसी दल ने अनुमति नहीं मांगी है।
प्रधानमंत्री के होर्डिंग्स पर आपत्ति, आयोग से शिकायत
भाजपा की ओर से शहर में जगह-जगह प्रधानमंत्री के चित्र वाले बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं। अधिवक्ता केके राय, चार्ली प्रकाश एवं प्रबल प्रताप ने इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया। इसे लेकर उन्होंने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा और होर्डिंग्स हटवाने की मांग की है। वहीं, डीएम नवनीत सिंह चहल का कहना है कि अनुमति लेकर राजनीतिक दल या प्रत्याशी होर्डिंग्स आदि लगवा सकते हैं। इसी क्रम में अनुमति लेकर होर्डिंग्स लगाई गई है। बिना अनुमति कोई होर्डिंग्स लगाई गई है तो आचार संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आकाश आनंद 26 को कौशाम्बी में करेंगे रैली
बसपा के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद की 26 अप्रैल को कौशाम्बी के मूरतगंज में रैली है। करछना में शुक्रवार को हुई तैयारी बैठक में रैली को सफल बनाने की अपील की गई। बैठक में जिला कार्यकारिणी सदस्य रामबृज गौतम, रमेश गौतम, जमुना प्रसाद, महमूद अली, हरीश संत आदि मौजूद रहे।