फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Encroachment cases cannot be registered under the Public Property Damage Act

Prayagraj : अतिक्रमण के मामले को सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम में नहीं दर्ज कर सकते

Wed, 10 Sep 2025 06:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 10 Sep 2025 06:17 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ग्रामसभा की जमीन पर घर बनाना सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम-1984 के तहत नहीं माना जा सकता। कब्जे से संबंधित विवादों का निपटारा राजस्व अधिकारियों की ओर से किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
Encroachment cases cannot be registered under the Public Property Damage Act
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ग्रामसभा की जमीन पर घर बनाना सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम-1984 के तहत नहीं माना जा सकता। कब्जे से संबंधित विवादों का निपटारा राजस्व अधिकारियों की ओर से किया जाना चाहिए। इस टिप्पणी संग कोर्ट ने प्रयागराज के जमुना प्रसाद उर्फ लल्लू के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की एकलपीठ ने दिया।

विज्ञापन


याची पर आरोप था कि उसने बारा तहसील में आराजी नंबर 105 पर अवैध रूप से घर बनाया था जो राजस्व रिकॉर्ड में खलिहान के रूप में दर्ज है। यह जमीन ग्रामसभा की है। मामले को लेकर पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। इस पर उसने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर मुकदमे को रद्द करने की मांग की।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि अधिनियम का उद्देश्य दंगों और सार्वजनिक हंगामे के दौरान होने वाली तोड़फोड़ और क्षति को रोकना है। ग्रामसभा की जमीन पर अवैध कब्जे से संबंधित विवादों का निपटारा राजस्व अधिकारियों की ओर से किया जाना चाहिए। कोर्ट ने मुंशी लाल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के फैसले का हवाला दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed