Prayagraj : निबंधन मुख्यालय के कर्मचारी व सभी काम लखनऊ होंगे शिफ्ट, शासन ने जारी किया आदेश
निबंधन का मुख्यालय राजस्व परिषद परिसर स्थित भवन में हैं। इसके ज्यादातर काम पहले ही लखनऊ शिफ्ट हो चुके हैं। महानिरीक्षक निबंधन समेत अन्य वरिष्ठ अफसर लखनऊ कैंप कार्यालय में ही बैठते हैं। यहां एडिशनल महानिरीक्षक प्रशासन का पद है, लेकिन आठ साल से नियुक्ति नहीं हुई है।
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राजस्व परिषद परिसर स्थित निबंधन मुख्यालय को भी लखनऊ शिफ्ट करने की तैयारी है। यहां कार्यरत कर्मचारियों को संबद्ध करने के साथ सभी फाइलें लखनऊ कैंप कार्यालय भेजी जाएंगी। शासन से आदेश जारी होने के बाद फाइलें शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, विरोध के बाद अफसर लौट गए।
निबंधन का मुख्यालय राजस्व परिषद परिसर स्थित भवन में हैं। इसके ज्यादातर काम पहले ही लखनऊ शिफ्ट हो चुके हैं। महानिरीक्षक निबंधन समेत अन्य वरिष्ठ अफसर लखनऊ कैंप कार्यालय में ही बैठते हैं। यहां एडिशनल महानिरीक्षक प्रशासन का पद है, लेकिन आठ साल से नियुक्ति नहीं हुई है। विभागीय एडिशनल महानिरीक्षण की भी यहां नियुक्ति की गई है, लेकिन वह नहीं बैठते। मुख्यालय में सिर्फ बजट व तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से संबंधित कार्य होते रहे हैं। इनके लिए करीब 20 कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन अब सभी काम लखनऊ शिफ्ट करने का आदेश हुआ है।
सुविधा का हवाला देते हुए महानिरीक्षक की ओर से मुख्यालय के सभी कर्मचारियों को लखनऊ कैंप कार्यालय से सबंद्ध करने व फाइलें शिफ्ट करने को लिखा गया था। शासन की ओर से 17 दिसंबर को पत्र जारी करके अनुमति प्रदान कर दी गई। महानिरीक्षक ने 18 दिसंबर को पत्र जारी कर डीआईजी को बजट के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सहायकों समूह ग एवं घ से संबंधित पटल सहायक को लखनऊ शिविर कार्यालय से संबद्ध करने को कहा। इसके अलावा सभी फाइलें, अलमारी, कंप्यूटर आदि सामान भी शिविर कार्यालय में शिफ्ट करने का आदेश दिया। शिफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया 23 दिसंबर तक ही पूरी करने का आदेश दिया था। इसके लिए अफसर पहुंचे, पर कर्मचारियों ने विरोध किया। इसके बाद फिलहाल, प्रक्रिया रोक दी गई है।
मुख्यालय शिफ्ट करने के विरोध में कर्मचारी, होगा आंदोलन
निबंधन मुख्यालय लखनऊ शिफ्ट करने का विरोध भी शुरू हो गया है। उनके विरोध के बाद सामान शिफ्टिंग की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। उत्तर प्रदेश स्टांप एवं निबंधन विभाग लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ की ओर से सीएम व महानिरीक्षक को पत्र लिखकर शिफ्टिंग संबंधित आदेश वापस लेने की मांग की गई है। अध्यक्ष जितेंद्र सोनकर का कहना है कि शासन की ओर से पहले ही कहा चुका है कि मुख्यायल यहां से शिफ्ट नहीं होगा। ऐसे में यह आदेश वापस लिया जाए। उनका कहना है कि मुख्यालय की गरिमा को बनाए रखने के लिए बजट व अन्य कार्य लखनऊ न ले जाने की मांग की गई है। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।