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गुजरात के सांसद के फर्जी पैड पर की कर्मचारी की शिकायत
Mon, 19 Jul 2021 11:46 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 19 Jul 2021 11:46 PM IST
सार
- सांसद की पुष्टि के बाद डीपीओ ने शुरू की जांच, निलंबित सीडीपीओ पर आरोप
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Complaint
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विस्तार
गुजरात के सांसद नारणभाई काछडिया के फर्जी पैड और हस्ताक्षर से जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी राजेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
राजेंद्र की आपत्ति के बाद सांसद से बात करने पर पता चला कि पैड और उस पर बने हस्ताक्षर फर्जी हैं। सांसद ने ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। मामला तूल पकड़ता देख जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) मनोज राव ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित सीडीपीओ ने कर्मचारी के खिलाफ इस तरह से शिकायत की है।
शिकायतकर्ता ने सांसद के पैड पर कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। डीपीओ मनोज राव का कहना है कि प्रथम दृष्टतया पैड फर्जी लगा। इसलिए सांसद से बात की गई तो पता चला कि उन्होंने इस तरह का कोई पत्र नहीं लिखा है। इसके बाद डीपीओ की ओर से सांसद को पत्र भी लिखा गया।
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इसके जवाब में सांसद ने फर्जी पैड पर शिकायत करने वाले के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। डीपीओ का कहना है कि सांसद के फर्जी पैड पर किसने शिकायत की है इसकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजेंद्र का कहना है कि निलंबित सीडीपीओ के खिलाफ रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। इसलिए सीडीपीओ ने पेशबंदी के तहत इस तरह का पत्र लिखा है।
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राजेंद्र की आपत्ति के बाद सांसद से बात करने पर पता चला कि पैड और उस पर बने हस्ताक्षर फर्जी हैं। सांसद ने ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। मामला तूल पकड़ता देख जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) मनोज राव ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित सीडीपीओ ने कर्मचारी के खिलाफ इस तरह से शिकायत की है।
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शिकायतकर्ता ने सांसद के पैड पर कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। डीपीओ मनोज राव का कहना है कि प्रथम दृष्टतया पैड फर्जी लगा। इसलिए सांसद से बात की गई तो पता चला कि उन्होंने इस तरह का कोई पत्र नहीं लिखा है। इसके बाद डीपीओ की ओर से सांसद को पत्र भी लिखा गया।
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इसके जवाब में सांसद ने फर्जी पैड पर शिकायत करने वाले के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। डीपीओ का कहना है कि सांसद के फर्जी पैड पर किसने शिकायत की है इसकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजेंद्र का कहना है कि निलंबित सीडीपीओ के खिलाफ रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। इसलिए सीडीपीओ ने पेशबंदी के तहत इस तरह का पत्र लिखा है।