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बल्लियों पर बिजली के तार, शहर उत्तरी ‘बीमार’

Tue, 10 Mar 2015 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Tue, 10 Mar 2015 12:49 AM IST
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Electrical wires on poles , city North ' sick '
इलाहाबाद। एक तरफ हाईकोर्ट से लेकर सोहबतियाबाग तक की फोर लेन चमचमाती सड़क और दूसरी ओर गंगानगर की ऐसी गली, जहां पैदल चलना भी मुहाल। गंगानगर से कुछ दूरी पर स्थित शांतिपुरम में बल्लियों से बंधे बिजली के हाईटेंशन तार। जॉर्जटाउन, टैगोरटाउन में बड़े और साफ-सुथरे बंगले जबकि महज पांच सौ मीटर की दूरी पर संजय नगर, अलोपीबाग, सोहबतियाबाग रेलवे लाइन के किनारे वाली मलिन बस्ती, जहां गली-मुहल्ले के नेता भी नाक पर रुमाल रखकर वोट मांगने पहुंचते हैं। एक ही विधानसभा क्षेत्र के मुहल्लों में इतना अंतर, यकीन करना मुश्किल है लेकिन हकीकत यही है और शहर उत्तरी की इस हकीकत को नकारना वहां के विधायक के लिए भी आसान नहीं है।
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शासन की तरफ से हर साल विधायक को अपने क्षेत्र में विकास के लिए विधायक निधि के रूप में डेढ़ करोड़ रुपये मिलते हैं। इस साल जारी डेढ़ करोड़ रुपये और पिछले वर्ष खर्च होने से बाकी रह गई रकम को जोड़ लिया जाए तो वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने में भी विधायक अनुग्रह नारायण सिंह अपनी निधि से तकरीबन एक करोड़ 15 लाख रुपये खर्च नहीं कर सके हैं और न ही इस रकम को खर्च करने के लिए उनकी तरफ से कोई प्रस्ताव डीआरडीए को दिया गया है।
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खर्च होने से बाकी रह गई यह रकम शहर उत्तरी में कम से कम तीन मलिन बस्तियों की सूरत तो बदल ही सकती है या आधा दर्जन मुहल्लों की सड़कें इससे दुरुस्त की जा सकती हैं। जॉर्जटाउन और अल्लापुर जैसे इलाके, जहां जलभाव की समस्या दशकों से उन इलाकों के लिए नासूर बनी हुई है, विधायक निधि का कुछ हिस्सा भी मिल जाए तो समस्या से लोगों को निजात मिल सकती है। जहां तक शहर उत्तरी के पॉश इलाकों की चमचमाती सड़कों का सवाल है, तो इसमें किसी को कोई योगदान नहीं। ये सड़कें तो कुंभ के बहाने सुधर गईं, वरना हाल वहां भी बदतर था।
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अनुग्रह नारायण सिंह की विधायक निधि से पिछले वर्ष खर्च होेने से बाकी रह गई रकम और इस साल मिले डेढ़ करोड़ रुपये को जोड़ लिया जाए तो वित्तीय वर्ष 2014-15 में कुल तीन करोड़ 36 लाख 44 हजार रुपये विधायक निधि में थे। विधायक ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में कुल 60 प्रस्ताव दिए, जिनमें से दो करोड़ 20 लाख 52 हजार रुपये की लागत वाले 57 प्रस्ताव स्वीकृत कर दिए गए।


इन प्रस्तावों के लिए अब तक एक करोड़ 62 लाख 14 हजार रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं और इसमें से एक करोड़ तीन लाख 68 हजार रुपये खर्च हुए हैं जबकि तकरीबन एक करोड़ 15 लाख रुपये से संबंधित कोई प्रस्ताव विधायक की तरफ से नहीं दिया गया है। जो 60 प्रस्ताव दिए गए हैं, उनमें विकास कार्यों से जुड़े 36 प्रस्ताव हैं और बाकी के 24 प्रस्ताव बीमार व्यक्तियों के इलाज से संबंधित है, जिसके तहत तकरीबन 19 लाख रुपये जारी किए गए और अब तक छह लाख 69 हजार रुपये खर्च हुए।
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