Atiq Ahmad : अतीक के सीए के यहां छापेमारी में ईडी को मिले अहम सबूत, कई और करीबी और कारोबारी रडार पर
शंका जताई जा रही है कि माफिया अतीक के नाम पर होने वाली वसूली को असद कुछ शेल कंपनियों में खपा रहा था। ईडी के अधिकारी इसकी गहनता से छानबीन कर रहे हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक ठिकानों से 30 लाख रुपये से अधिक नगदी और सौ से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए है।
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प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के करीबियों के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापों के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट नीरज अग्रवाल के ठिकानों पर छानबीन के दौरान अतीक के बेटे असद के नाम पर बड़े पैमाने पर निवेश किए जाने से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए है। आशंका जताई जा रही है कि माफिया अतीक के नाम पर होने वाली वसूली को असद कुछ शेल कंपनियों में खपा रहा था।
ईडी के अधिकारी इसकी गहनता से छानबीन कर रहे हैं। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक ठिकानों से 30 लाख रुपये से अधिक नगदी और सौ से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए है। सूत्रों के मुताबिक अतीक के करीबी रियल एस्टेट कारोबारी अतुल द्विवेदी, अमित गोयल और आटोमोबाइल शोरूम संचालक दीपक भार्गव के चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों को खंगाला गया है।
इनमें से नीरज अग्रवाल अतुल द्विवेदी, अमित अग्रवाल दीपक भार्गव और विजय गुप्ता अमित गोयल का चार्टर्ड अकाउंटेंट बताया जा रहा है। इन सभी के ठिकानों पर तलाशी के दौरान अतीक के निवेश से जुड़े तमाम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक अतीक और उसके कुनबे के सदस्यों ने तमाम शेल कंपनियों में काली कमाई को निवेश किया है। इसके अलावा दिल्ली में अतीक के करीबी कारोबारी शरद गुप्ता और संतोष गुप्ता के ठिकानों से भी अतीक को करोड़ों रुपये का भुगतान करने के सुबूत मिले हैं। ये रकम दिल्ली और नोएडा में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से जुटाई गई थी।
द्वारिका में अतीक की प्लाटिंग के तलाशे जा रहे सुराग
दिल्ली के द्वारिका इलाके में भी अतीक अहमद की एक बेशकीमती संपत्ति के सुराग ईडी तलाश रही है। दरअसल दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित विभिन्न देशों के दूतावासों को द्वारिका इलाके में शिफ्ट किया जाना था। इस दौरान अतीक ने दूतावासों के लिए चिन्हित भूमि के पास मौजूद एक विवादित जमीन को अपने कुछ करीबियों के नाम से खरीदा था। बाद में इस जमीन पर प्लाटिंग करके कई लोगों को बेचा गया था। इनमें कुछ अधिकारी भी शामिल थे। ईडी के अधिकारी इस जमीन के बारे में पता लगाने में जुटे हैं।