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Research :  कदम्ब का फल खाएं, आंखों की रोशनी बढ़ाएं, इविवि के शोध में किया गया दावा

Tue, 08 Nov 2022 08:50 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 08 Nov 2022 08:50 AM IST
सार

यह शोध टेलर एंड फ्रांसिस समूह के अंतरराष्ट्रीय जर्नल एनालिटिकल लेटर्स में चार नवंबर 2022 को प्रकाशित किया गया है। भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. केएन उत्तम के नेतृत्व में शोधार्थी छवि बरन, आराधना त्रिपाठी, अपर्णा तिवारी, आरती जायसवाल, सृष्टि शर्मा और ऐश्वर्या अवस्थी की ओर से किए गए इस शोध में कई ऐसे जैविक एवं रासायनिक तत्व और खनिज पाए गए हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं।
 

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Eat the fruit of Kadamba, increase eyesight, claimed in the research of Ivivi
Prayagraj News : कदम्ब। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

आमतौर पर कदम्ब के पेड़ का उपयोग कागज बनाने और लकड़ी के उद्योग में किया जाता है, लेकिन इसका फल पेड़ से भी अधिक उपयोगी है। इसमें दर्द निवारण की नेचुरल थेरेपी होती है और आंखों की रोशनी के लिए भी फायदेमंद है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के भौतिक विज्ञान विभाग के शोध में यह दावा किया गया है।

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यह शोध टेलर एंड फ्रांसिस समूह के अंतरराष्ट्रीय जर्नल एनालिटिकल लेटर्स में चार नवंबर 2022 को प्रकाशित किया गया है। भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. केएन उत्तम के नेतृत्व में शोधार्थी छवि बरन, आराधना त्रिपाठी, अपर्णा तिवारी, आरती जायसवाल, सृष्टि शर्मा और ऐश्वर्या अवस्थी की ओर से किए गए इस शोध में कई ऐसे जैविक एवं रासायनिक तत्व और खनिज पाए गए हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं।

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कंफोकल माइक्रोरमन स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक से हुए इस शोध में पता चला है कि कदम्ब का फल क्लोफिल, कैरोटेनॉइड, ट्राइटरपेंस, ट्राइटरपेनॉइड ग्लाइकोसाइड्स, फ्लेवोनोइड्स, सैपोनिंस, इंडोल एल्कलॉइड्स, टेनिन और आयरन, कैल्शियम, जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम, कॉपर, पोटैशियम और मैगनीज जैसे खनिजों का समृद्ध स्नोत है। 


पेट में गैस से होने वाली जलन, आंखों की सूजन, बुखार, यूरिन इंफेक्शन, मलेरिया जैसी बीमारियों के नियंत्रण में यह काफी कारगर है। इसके उपयोग से घाव भी जल्दी भर जाता है। कच्चे फल के पकने तक पांच चरणों में हुए शोध के दौरान यह भी देखा गया कि शुरुआत में क्लोरोफिल बनता है, जो बाद में कैरोटेनॉइड में तब्दील हो जाता है।


कैरोटोनॉइड एक तरह का एंटी ऑक्सीडेंट हैं, जो विटामिन का भंडार है। आंखों की रोशनी के लिए इसे काफी फायेदमंद माना जाता है। प्रो. उत्तम ने बताया कि अत्यधिक पौष्टिक एवं औषधीय मूल्य होने के बावजूद जानकारी की कमी के कारण कदम्ब के फल का उपयोग बहुत कम किया जाता है। शोध में पता चला है कि फल के गूदे और इसकी ऊपरी सतह पर औषधीय गुणों का भंडार है।

धूप से बचाव के लिए लगाते हैं पेड़

आमतौर पर लोग धूप से बचाव के लिए कदम्ब का पेड़ लगाते हैं। इस पेड़ की विशेष देखरेख की जरूरत नहीं पड़ती, सो सड़क किनारे भी कदम्ब का पेड़ लगा दिया जाता है। प्रो. उत्तम बताते हैं कि असिंचित भूमि में भी यह पेड़ आसानी से फलता-फूलता है और गर्मी में तेज धूप से बचाता है। यह आसपास के पेड़-पौधों की प्रतिरक्षा के काम में भी आता है।



गोलाकार होता है फल
कदम्ब का फल गोलाकार होता है। फल की सतह पर हल्के कांटे होते हैं। शुरुआत में यह फल गाढ़े हरे रंग का होता है। इसके बाद हल्के हरे, फिर हल्के पीले और पूरी तरह से पकने के बाद गाढ़े पीले रंग का हो जाता है। फल खराब होने की स्थिति में इसका रंग काला होने लगता है।

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