{"_id":"5fdb9a6e8ebc3e3c57148f78","slug":"drug-department-takes-action-by-raiding-near-tb-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीबी अस्पताल के पास छापामारी कर ड्रग विभाग ने की कार्रवाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीबी अस्पताल के पास छापामारी कर ड्रग विभाग ने की कार्रवाई
Thu, 17 Dec 2020 11:20 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 17 Dec 2020 11:20 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
शहर के बीचोबीच टीबी अस्पताल के बृहस्पतिवार को ड्रग विभाग की टीम ने परचून की दुकान पर छापा मारकर प्रतिबंधित आक्सीटोसिन इंजेक्शन बेचे जाने का खुलासा किया। टीम ने दुकान से करीब 17 हजार का ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद किया है। दुकानदार के खिलाफ लिखापढ़ी की गई है।
ड्रग विभाग को शिकायत मिली थी कि शहर में टीबी अस्पताल के पास स्थित गुलबास की परचून की दुकान पर प्रतिबंधित आक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री की जा रही है। इस पर बृहस्पतिवार को टीम ने दुकान पर छापा मारा। दुकान से प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की 16 बड़ी बोतल और 200 मिलीग्राम की 1021 शीशियां बरामद हुईं। इसकी कीमत 17 हजार रुपये बताई गई। दुकानदार के खिलाफ लिखापढ़ी की गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक उसके खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज हुआ था। बताया जा रहा है कि शहर में कई और जगहों पर इसकी बिक्री की जा रही है। लखनऊ तक शिकायत पहुंचने के बाद विभाग सक्रिय हुआ।
विज्ञापन
प्रतिबंधित आक्सीटोसिन व नशे के इंजेक्शन बिकने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जिस पर टीम ने कार्रवाई की। परचून की दुकान में मिले इंजेक्शन के मामले की जांच की जा रही है। -राहुल कुमार, औषधि निरीक्षक।
विज्ञापन
ड्रग विभाग को शिकायत मिली थी कि शहर में टीबी अस्पताल के पास स्थित गुलबास की परचून की दुकान पर प्रतिबंधित आक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री की जा रही है। इस पर बृहस्पतिवार को टीम ने दुकान पर छापा मारा। दुकान से प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की 16 बड़ी बोतल और 200 मिलीग्राम की 1021 शीशियां बरामद हुईं। इसकी कीमत 17 हजार रुपये बताई गई। दुकानदार के खिलाफ लिखापढ़ी की गई है। हालांकि खबर लिखे जाने तक उसके खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज हुआ था। बताया जा रहा है कि शहर में कई और जगहों पर इसकी बिक्री की जा रही है। लखनऊ तक शिकायत पहुंचने के बाद विभाग सक्रिय हुआ।
विज्ञापन
दूध बढ़ाने के लिए गाय-भैंस को लगाते हैं इंजेक्शन
ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन प्रतिबंधित है। इसके बाद भी इसका उपयोग डेयरियों में धड़ल्ले से किया जा रहा है। दूध बढ़ाने के लिए गाय-भैंस को चोरी से यह इंजेक्शन लगाया जा रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि गाय व भैंस को लगाए जाने वाले ऑक्सीटोसिन की आंशिक मात्रा दूध में भी आ जाती है। ऑक्सीटोसिन मिश्रित दूध जहर से कम नहीं है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
विज्ञापन
प्रतिबंधित आक्सीटोसिन व नशे के इंजेक्शन बिकने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। जिस पर टीम ने कार्रवाई की। परचून की दुकान में मिले इंजेक्शन के मामले की जांच की जा रही है। -राहुल कुमार, औषधि निरीक्षक।