फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Drought finish of success, city got top rank

सफलता का सूखा खत्म, शहर को मिली टॉप रैंक

Thu, 01 Jun 2017 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 01 Jun 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
Drought finish of success, city got top rank
ias officer - फोटो : ias officer
आईएएस की खान कहे जाने वाले इलाहाबाद को आठ वर्षों बाद एक बार फिर से इतराने का मौका मिला है। सौम्या पांडेय ने इस सूखे को खत्म किया है। सौम्या को आईएएस परीक्षा में पूरे देश में चौथी रैंक मिली है। इसी के साथ शहर के आशीष कुमार शुक्ल, कृति पांडेय, सत्यम सहित कई मेधावियों ने सिविल सेवा परिणाम में सफलता पाई है।
विज्ञापन


सिविल सेवा परीक्षार्थियों का गढ़ कहे जाने वाले इलाहाबाद से इससे पूर्व में 2008 में 76 मेधावियों का चयन आईएएस में हुआ था। इसके बाद 2009 में ईवा सहाय ने देश की सर्वोच्च परीक्षा में तीसरी रैंक और महिला वर्ग में टॉप करके संगम नगरी का मान बढ़ाया था। इस सफलता के बाद इलाहाबाद से इक्का-दुक्का ही चयन हुआ। इसी बीच सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में बदलाव कर दिया गया। पैटर्न में बदलाव के बाद तो इलाहाबाद का एकदम से सफाया हो गया। पहले जितने अभ्यर्थी अंतिम रूप से चयनित होते थे, उतने प्रारंभिक परीक्षा में नहीं हो रहे थे। इससे शहर के प्रतियोगी छात्रों का उत्साह खत्म हो रहा था। अब एक बार फिर से टॉप फाइव में इलाहाबादी ने जगह बनाकर पूरे देश में संगम नगरी का मान बढ़ाया है।
विज्ञापन


इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावास बदलाव की बयार में अपने को बचा नहीं पाए। यहां के छात्रावासों से अब पहले जैसे सफलता नहीं मिल रही है। इविवि के छात्रावासों एएन झा, जीएन झां,पीसी बनर्जी, एसएसएल और डॉ. ताराचंद से बड़ी संख्या में छात्र सफल होते थे। अब इन छात्रावासों से सफल होने वालों की संख्या कम हो गई है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान केपूर्व अध्यक्ष प्रो. एचके शर्मा का कहना है कि 2010 के आसपास पैटर्न में हुए बदलाव के बाद इलाहाबाद विवि के छात्रों की सफलता की दर गिरी है। अबकी बार विवि नहीं बल्कि शहर के छात्रों ने इस परीक्षा में सफलता हासिल करके शहर में पुराने दौर की वापसी की है। विवि के छात्रावासों के खाली हो जाने से पता नहीं चल सका कि आखिरकार यहां से कितने छात्रों को सफलता मिली है। इसके साथ अल्लापुर, गोविंदपुर, कटरा, सलोरी सहित डेलीगेसी से कुछ छात्रों के चयन की सूचना देर रात तक मिलती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed