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हॉस्टल से चल रहा था रंगदारी वसूली का खेल, रसीदें बरामद

Fri, 19 Apr 2019 01:37 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 19 Apr 2019 01:37 AM IST
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Driving recovery game, receipts recovered from the hostel
pcb - फोटो : प्रयागराज
हॉस्टलों में छापेमारी की कार्रवाई के दौरान बृृहस्पतिवार को एक बड़ा मामला सामने आया। पता चला कि शहर में रंगदारी वसूली का खेल हॉस्टलों से ही खेला जा रहा है। खास बात यह है कि वसूली के लिए बाकायदा रसीदें भी छपवाई जाती हैं ताकि, रुपये देने या न देने वाले का नाम याद रखा जा सके। यह खुलासा तब हुआ जब छापेमारी के दौरान डायमंड जुबली हॉस्टल के एक कमरे से 100 से ज्यादा रसीदें व डायरी बरामद हुई। 
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शहर में कोचिंग संस्थानों, व्यापारियों, डॉक्टरों, बिल्डरों से रंगदारी मांगने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। खासतौर से विवि क्षेत्र और आसपास के इलाकों में रंगदारी मांगने के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। कर्नलगंज, जार्जटाउन, शिवकुटी में पिछले दिनों ऐसे कई मामलों में एफआईआर भी हुुई। मामले भले ही अज्ञात में दर्ज हों लेकिन, ज्यादातर में दबंग छात्रनेताओं का ही नाम सामने आता है।
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महंगे शौक पूरे करने के लिए छात्रनेता और उनके गुर्गे अवैध वसूली करते हैं। इनमें से कुछ लोग ही ऐसे होते हैं जो पुलिस से शिकायत करते हैं वरना ज्यादातर इनके खौफ के चलते चुपचाप रकम दे देते हैं। बृहस्पतिवार को डायमंड जुबली हॉस्टल में छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ कुछ ऐसे कागजात मिले, जिससे साफ हो गया कि रंगदारी वसूलने का यह खेल हॉस्टलों से खेला जा रहा है। यहां तलाशी के दौरान कमरा नंबर 64 में दो गड्डियों में 100 से ज्यादा रसीदें मिलीं। दोनों में कुल 33 रसीदें कटी मिलीं जिनमें अलग-अलग राशि दर्ज थी। यह राशि पांच हजार से शुरू होकर 21 हजार तक की थी।
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जिन लोगों के नाम यह रसीदें काटी गई थीं, इनमें कोचिंग संस्थान, दुकानदार के अलावा रेस्टोरेंट आदि के नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि ‘इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र कल्याण समिति’ के नाम से छपी इन रसीदों पर अध्यक्ष के रूप में अविनाश दुबे का नाम अंकित है, जो रेस्टोरेंट पर बमबाजी मामले में जेल में बंद है। पुलिस अफसरों की मानें तो इन रसीदों के माध्यम से छात्र कल्याण के नाम पर अवैध वसूली का खेल खेला जाता है। रसीदें इसलिए छपवाई जाती हैं ताकि रुपये देने वाले का नाम याद रखा जा सके। जिस कमरे से रसीदें मिली हैं, पुलिस ने वहां से एक डायरी भी बरामद की है। इस डायरी में करीब 40 लोगों के नाम दर्ज हैं। जिनमेें व्यापारी, डॉक्टर, कोचिंग संचालक आदि के नाम हैं। पुलिस अफसरों ने बताया कि जांच की जा रही है। 

रेस्टोरेंट संचालक से मांगे थे 21 हजार रुपये

Driving recovery game, receipts recovered from the hostel
pcb - फोटो : प्रयागराज
पुलिस के हाथ जो रसीदें लगी हैं उनमें सभी अलग-अलग नामों से कटी हैं और इनमेें कई नामी कोचिंग, रेस्टोरेंट व व्यापारिक संस्थानों के भी नाम हैं। इन्हीं में से एक रसीद बालसन चौराहे के पास स्थित सागररत्ना रेस्टोरेंट के नाम से जारी हुई है। इस पर 21 हजार रुपये की राशि अंकित है और राशि के कॉलम के ठीक बगल में ‘बाकी’ लिखा हुआ है। इससे माना जा रहा है कि रेस्टोरेंट संचालक से 21 हजार रुपये मांगे गए थे। 

नौ अप्रैल को भेजा गया था जेल

Driving recovery game, receipts recovered from the hostel
pcb - फोटो : प्रयागराज
रसीदों में जिस अविनाश दुबे का नाम दर्ज है उस पर करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने बीते नौ अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस का दावा था कि बलिया निवासी अविनाश ने अपने साथियों के साथ 23 फरवरी को सागररत्ना रेस्टोरेंट में अपने साथी इंद्रेश के साथ बम चलाए थे। इसके अलावा कुलपति की छवि खराब करने के लिए चैट वायरल करने के आरोप में विवि प्रशासन ने भी उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

ऐसी किसी समिति की जानकारी मुझे नहीं है। फिलहाल रसीदें पुलिस ने कब्जे में ले ली है। इस बारे में जांच पड़ताल की जा रही है। 
प्रो. रामसेवक दुबे, चीफ प्रॉक्टर इविवि

रसीदें मिली हैं और इन पर अलग-अलग राशि दर्ज है। इस बारे में विवि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलते ही जांच कराकर विधिक कार्रवाई की जाएगी। 
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी
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