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Prayagraj News: जलवायु संकट के दौर में ड्रैगन फ्रूट बना लाभकारी विकल्प
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जलवायु परिवर्तन अब केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं रह गया है बल्कि इसका सीधा असर कृषि और किसानों की आय पर दिख रहा है। अत्यधिक गर्मी और अनियमित बारिश पारंपरिक फसलों के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे में ड्रैगन फ्रूट जैसे फल जो कम पानी में भी उग जाते हैं, किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रहे हैं।
प्रयागराज के रीवा रोड़ स्थित किसान सीएल गौतम पिछले कुछ वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की शोध टीम उनकी खेती में लगातार वैज्ञानिक सहयोग प्रदान कर रही है।
इस वर्ष मौसम में बदलाव के कारण ड्रैगन फ्रूट की फसल विभिन्न रोगों की चपेट में आ गई है। इससे उत्पादन प्रभावित होने लगा। फसल में बढ़ती बीमारी को देखते हुए विभाग की शोध टीम ने पौधों का निरीक्षण किया। टीम रोगग्रस्त पौधों के नमूने एकत्र कर बीमारी के कारणों का पता लगा रही है।
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इस शोध में डॉ.सुनील कुमार सिंह, डॉ.मनोज कुमार सिंह, प्रदीप कुमार यादव, डॉ. रिक्की राय और डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव के साथ विभाग के 17 पीएचडी शोध छात्र भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ड्रैगन फ्रूट जैसी जलवायु सहनशील फसलें किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं।
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प्रयागराज के रीवा रोड़ स्थित किसान सीएल गौतम पिछले कुछ वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की शोध टीम उनकी खेती में लगातार वैज्ञानिक सहयोग प्रदान कर रही है।
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इस वर्ष मौसम में बदलाव के कारण ड्रैगन फ्रूट की फसल विभिन्न रोगों की चपेट में आ गई है। इससे उत्पादन प्रभावित होने लगा। फसल में बढ़ती बीमारी को देखते हुए विभाग की शोध टीम ने पौधों का निरीक्षण किया। टीम रोगग्रस्त पौधों के नमूने एकत्र कर बीमारी के कारणों का पता लगा रही है।
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इस शोध में डॉ.सुनील कुमार सिंह, डॉ.मनोज कुमार सिंह, प्रदीप कुमार यादव, डॉ. रिक्की राय और डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव के साथ विभाग के 17 पीएचडी शोध छात्र भी शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ड्रैगन फ्रूट जैसी जलवायु सहनशील फसलें किसानों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं।