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डॉ. एसएम सिंह इटली आमंत्रित, पढ़ेगे शोध पत्र
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Dr SM Singh
74 वीं लीगा वर्ल्ड होम्योपैथिक कांग्रेस में पढ़ेंगे शोध पत्र
प्रयागराज। होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. एसएम सिंह जीबी सेंड्रोम (ग्रेरियन बारइन) पक्षाघात से पीड़ित मरीज को ठीक करने संबंधी शोध पत्र पढ़ने इटली जाएंगे। वह वहां होम्योपैथ दवाओं से पक्षाघात के इलाज संबंधी जानकारी देंगे। इटली के हेलटन सोरेंटो शहर में 25 से 28 सितंबर तक आयोजित 74 वीं लीगा वर्ल्ड होम्योपैथिक कांग्रेस कांफेंस (एलएमएचआई )में उन्हें बतौर मुख्य वक्ता आमंत्रित किया गया है।
डॉ. सिंह के मुताबिक जीबी सेंड्रोम पीड़ित मरीज पैरालिसिस (पक्षाघात) का शिकार हो जाता है। इससे पीड़ित के शरीर, पेट के साथ दिमाग पर असर पड़ता है। शहर की ही एक छोटी बच्ची को चार माह के होम्योपैथ उपचार से उन्होंने ठीक किया। पीड़ित मरीज को होम्योपैथिक औषधि कोनियम कैकूलेटम की 200 शक्ति की दवा दी गई। इटली से इस बारे विचार विमर्श के बाद उन्हें वर्ल्ड होम्योपैथिक कांग्रेस में आमंत्रित किया गया है। इससे पहले डॉ.सिंह जापान, कोलंबो, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, साउथ अफ्रीका के केपटाउन समेत कई देशों में होम्योपैथिक इलाज पर शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। वह शुक्रवार 20 सितंबर को इटली रवाना होंगे।
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प्रयागराज। होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. एसएम सिंह जीबी सेंड्रोम (ग्रेरियन बारइन) पक्षाघात से पीड़ित मरीज को ठीक करने संबंधी शोध पत्र पढ़ने इटली जाएंगे। वह वहां होम्योपैथ दवाओं से पक्षाघात के इलाज संबंधी जानकारी देंगे। इटली के हेलटन सोरेंटो शहर में 25 से 28 सितंबर तक आयोजित 74 वीं लीगा वर्ल्ड होम्योपैथिक कांग्रेस कांफेंस (एलएमएचआई )में उन्हें बतौर मुख्य वक्ता आमंत्रित किया गया है।
डॉ. सिंह के मुताबिक जीबी सेंड्रोम पीड़ित मरीज पैरालिसिस (पक्षाघात) का शिकार हो जाता है। इससे पीड़ित के शरीर, पेट के साथ दिमाग पर असर पड़ता है। शहर की ही एक छोटी बच्ची को चार माह के होम्योपैथ उपचार से उन्होंने ठीक किया। पीड़ित मरीज को होम्योपैथिक औषधि कोनियम कैकूलेटम की 200 शक्ति की दवा दी गई। इटली से इस बारे विचार विमर्श के बाद उन्हें वर्ल्ड होम्योपैथिक कांग्रेस में आमंत्रित किया गया है। इससे पहले डॉ.सिंह जापान, कोलंबो, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, साउथ अफ्रीका के केपटाउन समेत कई देशों में होम्योपैथिक इलाज पर शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं। वह शुक्रवार 20 सितंबर को इटली रवाना होंगे।
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