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साक्ष्य के अभाव में डॉ संजय हत्याकांड के सभी आरोपी दोषमुक्त
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 13 Aug 2015 01:36 AM IST
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इलाहाबाद(ब्यूरो) । पुलिसिया लापरवाही और लचर कार्यशैली के कारण आठ वर्ष पूर्व कत्ल हुए डॉ. संजय के परिजनों को अब शायद कभी न्याय नहीं मिल सकेगा। अभियोजन की नाकामी से उनकी हत्या के आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिए गए। सजा का फैसला सुनाते हुए अदालत ने पुलिस की नाकामी और गैरजिम्मेदाराना कार्यशैली पर भी तीखी टिप्पणी की है।
मुकदमा सुनाते हुए एडीजे महताब अहमद ने साक्ष्य के अभाव में डॉ. संजय हत्याकांड के आरोपी चरन सिंह पटेल, अमित सिंह और दलबहादुर को दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन के अनुसार मामला करेली थाने का है। करेंहदा स्थित अमर दीप नर्सिग होम के संचालक डॉ. संजय सिंह की अज्ञात हमलावरों ने तीन जनवरी 2006 को गोली मार कर हत्या कर लूटपाट भी की थी। पुलिस ने विवेचना बाद चरन सिंह, अमित सिंह,दल बहादुर और शेषधर दुबे के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। दौरान मुकदमा शेषधर की मृत्यु हो गई। मृतक शेषधर के पास से पुलिस ने डॉक्टर के घर से लूटे गए मेडिकल औजाराें को बरामद किया था।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष न केवल अपराध साबित करने में विफल रहा है, बल्कि पेश किए गए साक्ष्य संकेत देते है कि विवेचक ने अभियुक्ताें के खिलाफ झूठे सबूत गढ़ने का प्रयास किया है। अदालत ने यह सलाह देते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस यदि मामलाें की जटिलता के कारण जांच में अपने को सक्षम न पाए तो उसे सीबीसीआईडी या एसटीएफ जैसी एजेंसी को सौंप देना चाहिए । अदालत ने लीपापोती कर आरोप पत्र भेजने की भर्त्सना की है । निर्णय की प्रति एसएसपी को भेजे जाने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
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इलाहाबाद(ब्यूरो)। जिला न्यायालय ने हत्या के आरोप में नैनी जेल में बंद गंभीर रोग से पीड़ित कैदी नूरैनी के इलाज कराने का आदेश नैनी जेल को दिया है। यह आदेश एडीजे एके गुप्ता ने दिया है।
अभियोजन के अनुसार नैनी थाने के एक हत्या के मामले में अभियुक्त नूरैनी लगभग डेढ साल से जेल में बंद है। अभियुक्त के वकील विकास गुप्ता ने अदालत में अर्जी दिया है कि अभी तक अभियोजन एक भी गवाही नही करा सका जबकि अभियुक्त नूरैनी गंभीर रूप से बीमार है। अधिवक्ता ने कैदी का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टर से कराए जाने की याचना की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर निर्देश दिया है। साथ ही अभियोजन को आदेश दिया है कि मामले की अगली तारीख पर गवाह पेश करें। सुनवाई के लिए 21अगस्त तय की है।
युवक को जला कर घायल करने में दो पर मुकदमा
इलाहाबाद(ब्यूरो)। जिला न्यायालय ने युवक को मिट्टी का तेल डालकर जला देने के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है। वादी राजकुमार ने 156(3) के तहत अर्जी देकर कहा कि लेनदेन के विवाद में आरोपी मनीष जायसवाल और रमेश जायसवाल ने 18 अप्रैल 2015 को उसके बेटे विपुल को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसका इलाज एक स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है। पीड़ित 60 प्रतिशतजल गया है इसके बावजूद पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। स्पेशल सीजेएम सोनिका चौधरी ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करते हुए वादी को बयान के लिए 12 सितंबर को बुलाया है। वादी की ओर से अधिवक्ता जगत नारायण और बृजेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
पासपोर्ट जब्त करने की मांग
इलाहाबाद(ब्यूरो)। मारपीट और धमकाने के मामले में आरोपी का पासपोर्ट जब्त करने की मांग पर सीजेएम ने पासपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखकर अभियुक्त के बारे में सूचित किया है। वादी नमो नारायण शुक्ल ने प्रार्थनापत्र देकर कहा कि अभियुक्त सरदार लोचन सिंह के खिलाफ वर्ष 1993 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। जमानत कराने के बाद से वह गायब हो गए। उनकी अमेरिका में संपत्ति है। आशंका है कि वह भाग सकते हैं। उन्होंने अपने पासपोर्ट का नवीनीकरण झूठा शपथपत्र देकर कराया है। इस पर कोर्ट ने पासपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखकर सूचित किया है।
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मुकदमा सुनाते हुए एडीजे महताब अहमद ने साक्ष्य के अभाव में डॉ. संजय हत्याकांड के आरोपी चरन सिंह पटेल, अमित सिंह और दलबहादुर को दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन के अनुसार मामला करेली थाने का है। करेंहदा स्थित अमर दीप नर्सिग होम के संचालक डॉ. संजय सिंह की अज्ञात हमलावरों ने तीन जनवरी 2006 को गोली मार कर हत्या कर लूटपाट भी की थी। पुलिस ने विवेचना बाद चरन सिंह, अमित सिंह,दल बहादुर और शेषधर दुबे के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। दौरान मुकदमा शेषधर की मृत्यु हो गई। मृतक शेषधर के पास से पुलिस ने डॉक्टर के घर से लूटे गए मेडिकल औजाराें को बरामद किया था।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष न केवल अपराध साबित करने में विफल रहा है, बल्कि पेश किए गए साक्ष्य संकेत देते है कि विवेचक ने अभियुक्ताें के खिलाफ झूठे सबूत गढ़ने का प्रयास किया है। अदालत ने यह सलाह देते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस यदि मामलाें की जटिलता के कारण जांच में अपने को सक्षम न पाए तो उसे सीबीसीआईडी या एसटीएफ जैसी एजेंसी को सौंप देना चाहिए । अदालत ने लीपापोती कर आरोप पत्र भेजने की भर्त्सना की है । निर्णय की प्रति एसएसपी को भेजे जाने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
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इलाहाबाद(ब्यूरो)। जिला न्यायालय ने हत्या के आरोप में नैनी जेल में बंद गंभीर रोग से पीड़ित कैदी नूरैनी के इलाज कराने का आदेश नैनी जेल को दिया है। यह आदेश एडीजे एके गुप्ता ने दिया है।
अभियोजन के अनुसार नैनी थाने के एक हत्या के मामले में अभियुक्त नूरैनी लगभग डेढ साल से जेल में बंद है। अभियुक्त के वकील विकास गुप्ता ने अदालत में अर्जी दिया है कि अभी तक अभियोजन एक भी गवाही नही करा सका जबकि अभियुक्त नूरैनी गंभीर रूप से बीमार है। अधिवक्ता ने कैदी का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टर से कराए जाने की याचना की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर निर्देश दिया है। साथ ही अभियोजन को आदेश दिया है कि मामले की अगली तारीख पर गवाह पेश करें। सुनवाई के लिए 21अगस्त तय की है।
युवक को जला कर घायल करने में दो पर मुकदमा
इलाहाबाद(ब्यूरो)। जिला न्यायालय ने युवक को मिट्टी का तेल डालकर जला देने के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया है। वादी राजकुमार ने 156(3) के तहत अर्जी देकर कहा कि लेनदेन के विवाद में आरोपी मनीष जायसवाल और रमेश जायसवाल ने 18 अप्रैल 2015 को उसके बेटे विपुल को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसका इलाज एक स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है। पीड़ित 60 प्रतिशतजल गया है इसके बावजूद पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। स्पेशल सीजेएम सोनिका चौधरी ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करते हुए वादी को बयान के लिए 12 सितंबर को बुलाया है। वादी की ओर से अधिवक्ता जगत नारायण और बृजेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
पासपोर्ट जब्त करने की मांग
इलाहाबाद(ब्यूरो)। मारपीट और धमकाने के मामले में आरोपी का पासपोर्ट जब्त करने की मांग पर सीजेएम ने पासपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखकर अभियुक्त के बारे में सूचित किया है। वादी नमो नारायण शुक्ल ने प्रार्थनापत्र देकर कहा कि अभियुक्त सरदार लोचन सिंह के खिलाफ वर्ष 1993 में मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। जमानत कराने के बाद से वह गायब हो गए। उनकी अमेरिका में संपत्ति है। आशंका है कि वह भाग सकते हैं। उन्होंने अपने पासपोर्ट का नवीनीकरण झूठा शपथपत्र देकर कराया है। इस पर कोर्ट ने पासपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखकर सूचित किया है।