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डॉ.जोशी का इलाहाबाद से है गहरा नाता
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 26 Jan 2017 01:44 AM IST
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murali manohar joshi
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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद डॉ.मुरली मनोहर जोशी को देश के दूसरे सर्वोच्च सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा जाएगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भौतिक विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.जोशी संघ प्रमुख राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भइया के शिष्य भी रहे। इलाहाबाद से गहरा नाता रखने वाले डॉ.जोशी ने शिक्षा के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के अतिरिक्त भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रहते अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां दीं। उन्होंने इलाहाबाद में फ्लाईओवर, सड़कों का जाल बिछवाने के साथ बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए।
इलाहाबाद से तीन बार सांसद रहे डॉ.जोशी की यहां के लोगों में बुद्धिजीवी की हैसियत से पहचान है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री समेत अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने इलाहाबाद की अलग पहचान बनाने का प्रयास किया। यमुना पर नए ब्रिज जोशी जी की देन है। शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाते हुए उन्होंने इलाहाबाद में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) की स्थापना कराई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा दिलाने में भी डॉ.जोशी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। शिक्षा के क्षेत्र में इलाहाबाद को शिखर पर पहुंचाने के लिए डॉ.जोशी यहीं नहीं रुके।
उन्होंने शियाट्स, मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) एवं ट्रिपल आईटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने में भी अहम योगदान दिया। इसके साथ अनेक इंस्टीट्यूट, कॉलेज, मदरसा आदि के आधुनिकरण के लिए भी काम किया। अधिवक्ता देवेंद्र नाथ मिश्र कहते हैं कि जोशीजी जितने विद्वान हैं, उतने ही विनम्र भी हैं। उन्होंने एक उच्चतम आदर्श के मापदंडों को जीवन में उतारकर विभिन्न क्षेत्रों में आयाम स्थापित किया। इविवि के डीन साइंस रहे प्रो.एके श्रीवास्तव कहते हैं कि डॉ.जोशी राजनीति के शिखर पुरुष हैं। वह विरले अध्यापकों में से रहे जो भौतिकी की पढ़ाई हिन्दी में भी कराते थे। इलाहाबाद का चतुर्दिक विकास कराने में उनकी भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता।
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डॉ.मुरली मनोहर जोशी ने इलाहाबाद में विकास की लहर पैदा की। उन्होंने यमुना पर नए ब्रिज के साथ कोहडार घाट पर पुल का निर्माण कराया। चौफटका फ्लाईओवर का निर्माण भी उन्हीं के प्रयास से संभव हुआ। मेजा के पहले बना फ्लाईओवर भी उन्हीं की देन है। उन्होंने सिर्फ इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र ही नहीं बल्कि इलाहाबाद के बड़े हिस्से में सड़कों को दुरुस्त कराने, नई सड़कों का निर्माण भी कराया। चंद्रशेखर आजाद पार्क का सुंदरीकरण भले अभी पूरा हुआ हो, लेकिन इसकी शुरूआत शहीद स्थल से जोशी जी ने ही कराई थी। लोकनाथ चौराहा पर शहीद स्थल का निर्माण भी उन्हीं की देन है। माना जाता है कि डॉ.जोशी ने इलाहाबाद में छह हजार करोड़ रुपये से अधिक के काम कराए।
डॉ.मुरली मनोहर जोशी को पद्म विभूषण से सम्मानित करने की घोषणा से इलाहाबाद में भाजपाइयों ने खुशी जताई है। पूर्व प्रवक्ता देवेंद्र नाथ मिश्र का कहना है कि ऐसे व्यक्ति को सम्मान मिलना पार्टी ही नहीं बल्कि राष्ट्र के लिए गर्व की बात है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह, नंद गोपाल गुप्ता, दिवाकर त्रिपाठी, अनीता सचान, डॉ.एलएस ओझा, प्रभाशंकर पांडेय, हर्षवर्धन वाजपेई, नरेंद्र देव पांडेय, राघवेंद्र मिश्र, शशि वार्ष्णेय, डॉ.कमला सिंह, राजेंद्र मिश्र, अवधेश गुप्त आदि ने डॉ.जोशी को पद्म विभूषण मिलने पर प्रसन्नता प्रकट की है।
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इलाहाबाद से तीन बार सांसद रहे डॉ.जोशी की यहां के लोगों में बुद्धिजीवी की हैसियत से पहचान है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री समेत अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने इलाहाबाद की अलग पहचान बनाने का प्रयास किया। यमुना पर नए ब्रिज जोशी जी की देन है। शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाते हुए उन्होंने इलाहाबाद में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) की स्थापना कराई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा दिलाने में भी डॉ.जोशी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। शिक्षा के क्षेत्र में इलाहाबाद को शिखर पर पहुंचाने के लिए डॉ.जोशी यहीं नहीं रुके।
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उन्होंने शियाट्स, मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) एवं ट्रिपल आईटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने में भी अहम योगदान दिया। इसके साथ अनेक इंस्टीट्यूट, कॉलेज, मदरसा आदि के आधुनिकरण के लिए भी काम किया। अधिवक्ता देवेंद्र नाथ मिश्र कहते हैं कि जोशीजी जितने विद्वान हैं, उतने ही विनम्र भी हैं। उन्होंने एक उच्चतम आदर्श के मापदंडों को जीवन में उतारकर विभिन्न क्षेत्रों में आयाम स्थापित किया। इविवि के डीन साइंस रहे प्रो.एके श्रीवास्तव कहते हैं कि डॉ.जोशी राजनीति के शिखर पुरुष हैं। वह विरले अध्यापकों में से रहे जो भौतिकी की पढ़ाई हिन्दी में भी कराते थे। इलाहाबाद का चतुर्दिक विकास कराने में उनकी भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता।
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डॉ.मुरली मनोहर जोशी ने इलाहाबाद में विकास की लहर पैदा की। उन्होंने यमुना पर नए ब्रिज के साथ कोहडार घाट पर पुल का निर्माण कराया। चौफटका फ्लाईओवर का निर्माण भी उन्हीं के प्रयास से संभव हुआ। मेजा के पहले बना फ्लाईओवर भी उन्हीं की देन है। उन्होंने सिर्फ इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र ही नहीं बल्कि इलाहाबाद के बड़े हिस्से में सड़कों को दुरुस्त कराने, नई सड़कों का निर्माण भी कराया। चंद्रशेखर आजाद पार्क का सुंदरीकरण भले अभी पूरा हुआ हो, लेकिन इसकी शुरूआत शहीद स्थल से जोशी जी ने ही कराई थी। लोकनाथ चौराहा पर शहीद स्थल का निर्माण भी उन्हीं की देन है। माना जाता है कि डॉ.जोशी ने इलाहाबाद में छह हजार करोड़ रुपये से अधिक के काम कराए।
डॉ.मुरली मनोहर जोशी को पद्म विभूषण से सम्मानित करने की घोषणा से इलाहाबाद में भाजपाइयों ने खुशी जताई है। पूर्व प्रवक्ता देवेंद्र नाथ मिश्र का कहना है कि ऐसे व्यक्ति को सम्मान मिलना पार्टी ही नहीं बल्कि राष्ट्र के लिए गर्व की बात है। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह, नंद गोपाल गुप्ता, दिवाकर त्रिपाठी, अनीता सचान, डॉ.एलएस ओझा, प्रभाशंकर पांडेय, हर्षवर्धन वाजपेई, नरेंद्र देव पांडेय, राघवेंद्र मिश्र, शशि वार्ष्णेय, डॉ.कमला सिंह, राजेंद्र मिश्र, अवधेश गुप्त आदि ने डॉ.जोशी को पद्म विभूषण मिलने पर प्रसन्नता प्रकट की है।