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डॉ. केके गुप्ता बोले : डेंगू में पपीता के पत्ते का रस व बकरी का दूध नहीं है कारगर, प्लेटलेट्स भी जरूरी नहीं

Sun, 07 May 2023 10:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 07 May 2023 10:09 PM IST
सार

डेंगू का मरीज पपीता के पत्ते का रस व बकरी के दूध के सेवन से ठीक नहीं हो सकता। इसके अलावा डेंगू के मरीज का इलाज करने में प्लेटलेट्स चढ़ाया जाना भी जरूरी नहीं है। यह बातें रविवार को अपने संबोधन में बीएचयू के जनरल मेडिसिन आईएमएस के प्रोफेसर डॉ. केके गुप्ता ने कहीं।

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Dr. KK Gupta said: Papaya leaf juice and goat's milk are not effective in dengue, platelets are also not neces
Prayagraj News : डॉ. केके गुप्ता। प्रोफेसर, जनरल मेडिसिन, बीएचयू। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

डेंगू का मरीज पपीता के पत्ते का रस व बकरी के दूध के सेवन से ठीक नहीं हो सकता। इसके अलावा डेंगू के मरीज का इलाज करने में प्लेटलेट्स चढ़ाया जाना भी जरूरी नहीं है। यह बातें रविवार को अपने संबोधन में बीएचयू के जनरल मेडिसिन आईएमएस के प्रोफेसर डॉ. केके गुप्ता ने कहीं।

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उन्होंने बताया कि एक सामान्य इंसान में दस दिन के अंदर अपने आप प्लेटलेट्स बन जाते हैं। डेंगू होने की दशा में पैरासीटामॉल, पानी, जूस व नमक नींबू की शिकंजी का सेवन करना चाहिए। यह जानकारी प्रो. गुप्ता ने इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के सभागार में आयोजित 14वें राज्य स्तरीय रिफ्रेशर कोर्स आईएमए सीजीपी अपडेट 2023 में न्यूरोलॉजी व हेमेटोलॉजी विषय पर व्याख्यान देते हुए दी।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रो. वाईआर यादव, मोती लाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह, एमएलसी डॉ. केपी श्रीवास्तव एवं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह ने एएमए के सदस्यों की सराहना की। उन्होंने आयोजन सचिव डॉ. वर्षा कुमार और डॉ. पंकज गुप्ता, सहायक निदेशक डॉ. राजेश मौर्य, सहायक सचिव डॉ. सुनील सिंह की भी प्रशंसा की। वहीं, एएमए सचिव डॉ. आशुतोष गुप्ता, वैज्ञानिक सचिव डॉ. अनुभा श्रीवास्तव और सामाजिक सचिव डॉ. विनीता मिश्रा को उनके अथक प्रयासों के लिए बधाई दी। विशेषज्ञ व्याख्यान के दौरान कई प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई।

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Prayagraj News : मेडिकल कॉफ्रेंस में जुटे देश के जाने माने चिकित्सक। - फोटो : अमर उजाला।

 

न्यूरोएंडोस्कोपिक सर्जरी के महत्वपूर्ण लाभों में से एक यह है कि पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में रोगियों को आमतौर पर कम दर्द और तेजी से ठीक होने का अनुभव प्राप्त होता है। हालांकि, यह स्वीकार करना आवश्यक है कि सभी सर्जिकल प्रक्रियाओं की तरह न्यूरोएंडोस्कोपिक सर्जरी से जुड़ी सीमाएं भी हैं। - डॉ. वाईआर यादव, प्रोफेसर, न्यूरो सर्जरी विभाग, एनएससीबी मेडिकल कॉलेज, जबलपुर


पुराने दर्द में सबसे आम हैं पीठ, सिर व जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों का दर्द और कैंसर से संबंधित दर्द। कुछ दर्द थोड़े समय के लिए होते हैं, कुछ साधारण होते हैं और कुछ दर्द लंबे समय तक बने रहते हैं। इस तरह के दर्द के निवारण को लेकर न्यूरो रिजेनरेशन पद्धति को अपनाया जा रहा है, जिसमें नस कमजोर होने पर उसे रिजेनरेट किया जाता है। - डॉ. निमिशा वर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट एनेस्थीसिया एंड पेन मैनेजमेंट, आईएमएस, बीएचयू

Dr. KK Gupta said: Papaya leaf juice and goat's milk are not effective in dengue, platelets are also not neces
Prayagraj News : मेडिकल कॉंफ्रेंस का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया गया। - फोटो : अमर उजाला।

दो से 10 दिनों में डेंगू बुखार के नैदानिक लक्षणों में सिरदर्द, रेट्रो ऑर्बिटल दर्द, मायलगिया, पीठ दर्द, हड्डी में दर्द, गठिया, दाने, रक्तस्राव, पेट में दर्द, पेशाब में कमी आना, शिशु में चिड़चिड़ापन शामिल हैं। 10 हजार से अधिक प्लेटलेट काउंट वाले या रक्तस्राव न होने वाले रोगियों में प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन करने की जरूरत नहीं होती है। रोगी को उचित आराम करना चाहिए और तरल पेय पदार्थ लेते रहना चाहिए। - डॉ. केके गुप्ता, प्रोफेसर, आईएमएस, बीएचयू

रीढ़ की समस्याएं, विशेष रूप से पीठ दर्द वयस्कों में सबसे अधिक देखने को मिलता है, जिससे भारत में 66 प्रतिशत लोग प्रभावित हैं। महिलाओं, ग्रामीण आबादी और प्राथमिक श्रमिकों को यह समस्या सबसे अधिक होती होती है। व्यायाम की मदद से इसका इलाज किया जा सकता है। - डॉ. राकेश कुमार, प्रोफेसर, न्यूरो सर्जरी विभाग, आरएमएल आईएमएस, लखनऊ

स्ट्रोक में तत्काल देखभाल की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह एक मिनट से भी कम समय में लगभग 20 लाख मस्तिष्क कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। देश में प्रतिवर्ष एक लाख में से सौ लोग स्ट्रोक के शिकार होते हैं। स्ट्रोक थेरेपी का उद्देश्य न्यूरोलॉजिकल क्षति को रोकना और मृत्यु दर को कम करना है। उच्च रक्तचाप, हाइपरलिपिडेमिया को नियंत्रित करना और धूम्रपान छोड़ना स्ट्रोक के जोखिम को कम करने की दिशा में सरल कदम हैं। - डॉ. दीपक कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष, न्यूरो सर्जरी आरएमएल आईएमएस, लखनऊ

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