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डॉ. त्रिपाठी के निधन पर इविवि शिक्षकों ने जताया शोक
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Dr dp tripathi demise
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व छात्र एवं राजनीति विज्ञान विभाग में प्राध्यापक रहे डॉ. डीपी त्रिपाठी के निधन पर इविवि के शिक्षकों ने शोक जताया है। मंगलवार को ऑटा की ओर से हुई शोक सभा में शिक्षकों ने कहा कि डॉ. त्रिपाठी एक महान चिंतक, राजनीतिज्ञ एवं प्रखर वक्ता थे। अनेक भाषाओं के ज्ञाता डॉ. त्रिपाठी अपनी विशेषताओं के कारण हमेशा यादि किए जाएंगे। शिक्षकों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। शोक सभा में ऑटा अध्यक्ष प्रो. राम सेवक दुबे समेत प्रो. केएन उत्तम, प्रो. धनंजय यादव, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. विनम्रसेन सिंह, डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र, डॉ. सुजीत कुमार सिंह, अयय प्रताप सिंह आदि उपिस्थत रहे।
डीपीटी की अस्थियां संगम में विसर्जित
- विश्वविद्यालय, जीएन झा छात्रावास में छात्रों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
-अस्थि कलश यात्रा में शिक्षकों और छात्रों संग शामिल हुए शहरी
प्रयागराज। राज्यसभा के पूर्व सदस्य एवं एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी की अस्थियां मंगलवार को गंगा की शांत लहरों में सदा के लिए विलीन हो गईं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही राजनीति सीखने वाले डीपीटी की अस्थि कलश यात्रा में शहर के बुद्धिजीवी, राजनेता समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विश्वविद्यालय के सीनेट परिसर तथा जीएन छात्रावास में भी छात्र-छात्राओं ने अपने नेता को श्रद्धाजंलि अर्पित की।
अस्थि कलश प्रयागराज ट्रेन से दिल्ली से यहां लाई गई। ट्रेन करीब साढे़ चार घंटे देरी से आई लेकिन लोग स्टेशन पर जुटे रहे। अस्थिकल को पहले सिविल लाइंस स्थित यात्रिक होटल लाया गया। उनके बेटे अंशुमान तथा भतीजे सुरेंद्र तथा परिवार के अन्य सदस्य ट्रक पर आगे-आगे अस्थि कलश लेकर चल रहे थे और उनके पीछे दर्जनों वाहनों में बड़ी संख्या में शहरी यात्रा में शामिल हुए। यात्रिक होटल पर शहरियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। वहां से यात्रा कचहरी गई जहां अधिवक्ताओं तथा अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षक रहे डीपीटी के यहां से विशेष लगाव को देखते हुए तथा विद्यार्थियों की मांग पर अस्थि कलश को सीनेट परिसर स्थित लाल पद्मधर की प्रतिमा के पास तथा जीएन झा छात्रास में भी रखा गया। दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां से अस्थि कलश यात्रा संगम के रवाना हुई। इस दौरान रास्ते में बालसन चौराहा तथा अन्य स्थानों पर एकत्रित लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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किला घाट से अस्थि कलश को नाव से संगम स्थल ले जाया गया तथा उनके पुत्र ने परंपरागत तरीके से अस्थियाें को विसर्जित किया। यात्रा तथा श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व मंत्री उत्पल राय, अनुग्रह नारायण सिंह, केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र सिंह, रामसूरत पटेल, इफको के महाप्रबंधक संजय कुदेशिया, विनोद चंद्र दुबे, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जनक पांडेय, हर सागर मिश्र, अमरेंद्र सिंह, प्रदीप मिश्र अंशुमन, जितेंद्र चौधरी, विजय द्विवेदी, राजेश सिंह, सुरेश यादव, प्रोफेसर शशिकांत राय, डॉ. शैलेंद्र राय, अभय अवस्थी, प्रभाकर भट्ट, कुमार नारायण आदि शामिल रहे।
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डीपीटी की अस्थियां संगम में विसर्जित
- विश्वविद्यालय, जीएन झा छात्रावास में छात्रों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
-अस्थि कलश यात्रा में शिक्षकों और छात्रों संग शामिल हुए शहरी
प्रयागराज। राज्यसभा के पूर्व सदस्य एवं एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी की अस्थियां मंगलवार को गंगा की शांत लहरों में सदा के लिए विलीन हो गईं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही राजनीति सीखने वाले डीपीटी की अस्थि कलश यात्रा में शहर के बुद्धिजीवी, राजनेता समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। विश्वविद्यालय के सीनेट परिसर तथा जीएन छात्रावास में भी छात्र-छात्राओं ने अपने नेता को श्रद्धाजंलि अर्पित की।
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अस्थि कलश प्रयागराज ट्रेन से दिल्ली से यहां लाई गई। ट्रेन करीब साढे़ चार घंटे देरी से आई लेकिन लोग स्टेशन पर जुटे रहे। अस्थिकल को पहले सिविल लाइंस स्थित यात्रिक होटल लाया गया। उनके बेटे अंशुमान तथा भतीजे सुरेंद्र तथा परिवार के अन्य सदस्य ट्रक पर आगे-आगे अस्थि कलश लेकर चल रहे थे और उनके पीछे दर्जनों वाहनों में बड़ी संख्या में शहरी यात्रा में शामिल हुए। यात्रिक होटल पर शहरियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। वहां से यात्रा कचहरी गई जहां अधिवक्ताओं तथा अन्य लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षक रहे डीपीटी के यहां से विशेष लगाव को देखते हुए तथा विद्यार्थियों की मांग पर अस्थि कलश को सीनेट परिसर स्थित लाल पद्मधर की प्रतिमा के पास तथा जीएन झा छात्रास में भी रखा गया। दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहां से अस्थि कलश यात्रा संगम के रवाना हुई। इस दौरान रास्ते में बालसन चौराहा तथा अन्य स्थानों पर एकत्रित लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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किला घाट से अस्थि कलश को नाव से संगम स्थल ले जाया गया तथा उनके पुत्र ने परंपरागत तरीके से अस्थियाें को विसर्जित किया। यात्रा तथा श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व मंत्री उत्पल राय, अनुग्रह नारायण सिंह, केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र सिंह, रामसूरत पटेल, इफको के महाप्रबंधक संजय कुदेशिया, विनोद चंद्र दुबे, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जनक पांडेय, हर सागर मिश्र, अमरेंद्र सिंह, प्रदीप मिश्र अंशुमन, जितेंद्र चौधरी, विजय द्विवेदी, राजेश सिंह, सुरेश यादव, प्रोफेसर शशिकांत राय, डॉ. शैलेंद्र राय, अभय अवस्थी, प्रभाकर भट्ट, कुमार नारायण आदि शामिल रहे।