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ब्रह्मा, राजा हर्षवर्धन भी दान करने आए थे कुंभ, संगम में तिल, स्वर्ण, वस्त्र, भोजन दान का महत्व
Tue, 22 Jan 2019 02:00 PM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 22 Jan 2019 02:00 PM IST
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प्रयागराज कुंभ 2019 दान
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कुंभ क्षेत्र में रोजाना आ रहे लाखों श्रद्धालुओं की एक ही कामना है, जीवन में सुख और शांति बनी रहे। इसके लिए संत हो या श्रद्धालु कई तरह की परंपराओं का पालन करते हैं। इसी परंपरा में शामिल है, दान करना। देवरहा बाबा सेवाश्रम पीठ के प्रमुख डा. रामेश्वर प्रपन्नाचार्य ने बताया कि तीर्थराज प्रयाग की पावन भूमि पर दान करने आने वालों में स्वयं ब्रह्मा और राजा हर्षवर्धन भी शामिल रहे हैं।
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ब्रह्मा ने प्रयाग कुंभ में अश्वमेध यज्ञ किया, बाद में स्वयं सरस्वती को आदेश किया कि वह लक्ष्मी के साथ यहां आए ब्राह्मणों को दान करें। इसी तरह हर्षवर्धन में कुंभ आकर अपना सब कुछ दान कर जाते थे। उन्होंने बताया कि तिल और स्वर्ण दान का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा अन्न और वस्त्र दान भी यहां आकर लोग करते हैं।
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संगमेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख सत्यप्रकाश मिश्र ने बताया कि तिल और गुड़ दान को भी शास्त्रों में विशेष बताया गया है। विशेष स्नान पर्वों पर काफी संख्या में श्रद्धालु यहां दान करने आते हैं। राजेश चौरसिया ने बताया कि उन्होंने सपत्नी पूजा कर दान किया, जिससे उन्हें अपार सुख मिला। दान करने संगम क्षेत्र में आए दूसरे श्रद्धालुओं रामजी अग्रहरि, कोमल पांडेय ने भी दान को सुख और संपदा देने वाला बताया।
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