Doctor Death Case : एसआरएन पहुंची एसओजी टीम, जेआर अटेंडेंस रजिस्टर खंगाला, आठ घंटे तक की छानबीन
जानकारी जुटाई कि घटना वाले दिन कौन सा जूनियर डाॅक्टर कितनी देर कहां रहा। कितने बजे उनकी ड्यूटी थी और वह कितने बजे ड्यूटी समाप्त कर लौटे। ड्यूटी के बीच में कहीं गए या नहीं। अगर गए तो कहां गए। करीब आठ घंटे तक एसओजी में तैनात पुलिसकर्मी छानबीन करते रहे।
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मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कार्तिकेय श्रीवास्तव की मौत के मामले में बुधवार को एसओजी की टीम एसआरएन पहुंची। इस दौरान जूनियर डाॅक्टरों के अटेंडेंस रजिस्टर खंगाले गए। घटना वाले दिन कौन कब आया और कब गया, इसकी पड़ताल की गई। आठ घंटे तक छानबीन करने के दौरान नर्सिंग समेत अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की गई।
फिलहाल, चौथे दिन भी इस मामले में पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। एसओजी की टीम सुबह 11 बजे के करीब एसआरएन अस्पताल पहुंची। वहां पहुंचकर टीम ने जूनियर डॉक्टरों के अटेंडेंस रजिस्टर को खंगाला।
जानकारी जुटाई कि घटना वाले दिन कौन सा जूनियर डाॅक्टर कितनी देर कहां रहा। कितने बजे उनकी ड्यूटी थी और वह कितने बजे ड्यूटी समाप्त कर लौटे। ड्यूटी के बीच में कहीं गए या नहीं। अगर गए तो कहां गए। करीब आठ घंटे तक एसओजी में तैनात पुलिसकर्मी छानबीन करते रहे।
इसके बाद नर्सिंग स्टाफ के साथ वार्ड बॉय, सफाईकर्मियों से भी पूछताछ की जो उस दिन ड्यूटी पर थे। पड़ताल विशेषकर आर्थो विभाग से जुड़ी रही। जांच पड़ताल के दौरान एसओजी की टीम एक बार फिर एसआरएन अस्पताल की उस पार्किंग में पहुंची जहां अपनी कार में डॉक्टर मृत मिले थे।
सीडीआर में कुछ संदिग्ध नंबर मिले
उधर सूत्रों के मुताबिक, डाॅक्टर कार्तिकेय के मोबाइल फोन की सीडीआर में कुछ संदिग्ध नंबर मिले हैं। यह वह नंबर हैं जो उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं थे। फिलहाल इनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह कौन थे और डॉक्टर की उनसे किस विषय पर बात होती थी, यह पता लगाने में सीडीआर एनालिसिस के लिए लगाई गई एसओजी जुटी है।
एफएसएल को भेजा जाएगा रिमाइंडर
उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में विसरा की जांच रिपोर्ट भी बेहद अहम साबित हो सकती है। यही वजह है कि अफसरों का जोर इस बात पर है कि जल्द यह जांच हो जाए। इसके लिए एफएसएल को रिमाइंडर भेजने की भी तैयारी की जा रही है।