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हंगामे के बाद ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी
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औद्योगिक क्षेत्र के ट्रांजिट कैंप राज्य विश्वविद्यालय में बने खाने को चखते डीएम
- फोटो : NAINI
औद्योगिक क्षेत्र के महुवारी स्थित राजेंद्र प्रसाद (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय परिसर में बने ट्रांजिट कैंप का मंगलवार को जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। सोमवार को यहां नाश्ता, खाना व बस न मिलने का आरोप लगाकर प्रवासी मजदूरों ने मिर्जापुर राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया था। डीएम ने यहां मौजूद एसडीएम करछना और सीओ को प्रवासी यात्रियों की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने को कहा। इस दौरान उन्होंने ट्रांजिट कैंप में बने खाने को भी चखा।
जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने मातहतों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क पर पैदल और ट्रकों अथवा मालवाहकों से कहीं भी प्रवासी मजदूर जाते नहीं दिखने चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उनको उचित माध्यम से उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आश्रय स्थल में ठहराये गए लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। सब को बस से अथवा सवारी वाहन से ही उनके गंतव्य की ओर भेजा जाए। बतातें चले कि सोमवार को सुबह करीब पांच दर्जन प्रवासियों ने ट्रांजिट कैंप के सामने मिर्जापुर राजमार्ग पर आकर चक्काजाम कर दिया था। मजदूरों ने खाना, नाश्ता और बस की उचित व्यवस्था न होने को लेकर विरोध जताते हुए हंगामा किया था।
हालांकि अधिकारियों ने सभी को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया था। डीएम ने वहां ठहरे प्रवासियों से बातचीत भी की और उन्हें धैर्य बनाकर रखने को कहा। राज्य यूनिवर्सिटी में बने ट्रांजिट कैंप (अस्थायी आश्रय स्थल) में श्रमिकों व उनके परिवार का हाल चाल जानते हुए उनसे यहां पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी ली एवं खुद भी श्रमिकों के लिए बनाए गए बाटी-चोखा को चखकर उसकी गुणवत्ता को परखा। इस दौरान एसडीएम करछना आकांक्षा राना व सीओ आशुतोष तिवारी भी मौजूद थे।
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जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने मातहतों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क पर पैदल और ट्रकों अथवा मालवाहकों से कहीं भी प्रवासी मजदूर जाते नहीं दिखने चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उनको उचित माध्यम से उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आश्रय स्थल में ठहराये गए लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। सब को बस से अथवा सवारी वाहन से ही उनके गंतव्य की ओर भेजा जाए। बतातें चले कि सोमवार को सुबह करीब पांच दर्जन प्रवासियों ने ट्रांजिट कैंप के सामने मिर्जापुर राजमार्ग पर आकर चक्काजाम कर दिया था। मजदूरों ने खाना, नाश्ता और बस की उचित व्यवस्था न होने को लेकर विरोध जताते हुए हंगामा किया था।
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हालांकि अधिकारियों ने सभी को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया था। डीएम ने वहां ठहरे प्रवासियों से बातचीत भी की और उन्हें धैर्य बनाकर रखने को कहा। राज्य यूनिवर्सिटी में बने ट्रांजिट कैंप (अस्थायी आश्रय स्थल) में श्रमिकों व उनके परिवार का हाल चाल जानते हुए उनसे यहां पर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जानकारी ली एवं खुद भी श्रमिकों के लिए बनाए गए बाटी-चोखा को चखकर उसकी गुणवत्ता को परखा। इस दौरान एसडीएम करछना आकांक्षा राना व सीओ आशुतोष तिवारी भी मौजूद थे।
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