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अवैध खनन रोकने को डीएम ने गठित की टीम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 01 Nov 2017 01:41 AM IST
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जमीन की खुदाई
- फोटो : फाइल फोटो
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यमुनापार के पाठा इलाके में सिलिका सैंड के अवैध खनन की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद खलबली मच गई है। डीएम और एसएसपी ने अवैध खनन पर नाराजगी जाहिर करते हुए एडीएम प्रशासन तथा एसपी यमुनापार की टीम गठित कर चार दिन में जांच आख्या मांगी है। इसके अलावा एसडीएम और सीओ को मौके पर भेजा गया तो खनन तथा वाशिंग प्लांट चला रहे लोग कोई कागजात नहीं दिखा सके। शंकरगढ़ पुलिस ने 42 वाशिंग प्लांट संचालकों को नोटिस भेजा है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि माफियाओं की खनन विभाग के लोगों से मिलीभगत है इसलिए पुलिस की तमाम सख्ती के बावजूद वे धड़ल्ले से खनन और लोडिंग करते हैं।
अमर उजाला में मंगलवार के अंक में ‘सफेद खजाने की खुली लूट’ शीर्षक से सिलिका सैंड के अवैध खनन तथा वाशिंग प्लाटों से ट्रकों में लोडिंग की खबर पर पुलिस-प्रशासन हरकत में आया है। डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि उन्होंने एडीएम प्रशासन और एसपी यमुनापार की टीम गठित की है जो सिलिका सैंड के अवैध खनन की मौके पर जांच कर चार दिन में रिपोर्ट देंगे। साथ ही बारा के एसडीएम तथा सीओ को मंगलवार दोपहर प्राथमिक जांच के लिए भेजा गया तो साफ हो गया कि खनन अवैध रूप से हो रहा है।
इसके बाद अफसरों के निर्देश पर खनन के सबसे अहम क्षेत्र शंकरगढ़ के थानाध्यक्ष अमित मिश्रा ने 42 वाशिंग प्लांट के संचालकों को नोटिस जारी किया। उनसे तीन दिन के भीतर वाशिंग प्लांट संचालन के वैध कागजात लेकर आने को कहा है। अगर इस अवधि में प्लांट संचालक कागजात नहीं दिखाते हैं तो उनके खिलाफ अवैध खनन और चोरी का नामजद केस लिखकर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अवैध वाशिंग प्लांट सीज कर दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शंकरगढ़, बारा, लालापुर इलाके से रोज तीन सौ ज्यादा ट्रकों में सिलिका सैंड की अवैध रूप से ढुलाई होती है जिससे राजस्व को लाखों की चपत लग रही है।
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घूरपुर में इरादतगंज स्थित खनिज बैरियर पर रोज लाखों रुपये की अवैध उगाही हो रही है। यहां से रोज तकरीबन एक हजार ट्रक सिलिका सैंड तथा बालू लादकर गुजरते हैं। उनमें ज्यादातर ओवरलोड होते हैं और उनके पास रवन्ना भी नहीं होता है। बिना रवन्ना वाले ओवरलोड ट्रकों से खनिज विभाग के बैरियर पर तीन से पांच हजार रुपये की नाजायज उगाही होती है। कुछ दूर पर घूरपुर थाने की पुलिस भी ऐसे हर ट्रक से तीन से पांच सौ रुपये उगाहती है। आरटीओ का भी दस्ता ओवरलोड ट्रकों से धन उगाही करता हैं। यूं खनिज विभाग की टीम रोज 10 से 15 लाख रुपये की अवैध वसूली कर रही है। पुलिस भी मोटी उगाही करती है।
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अमर उजाला में मंगलवार के अंक में ‘सफेद खजाने की खुली लूट’ शीर्षक से सिलिका सैंड के अवैध खनन तथा वाशिंग प्लाटों से ट्रकों में लोडिंग की खबर पर पुलिस-प्रशासन हरकत में आया है। डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि उन्होंने एडीएम प्रशासन और एसपी यमुनापार की टीम गठित की है जो सिलिका सैंड के अवैध खनन की मौके पर जांच कर चार दिन में रिपोर्ट देंगे। साथ ही बारा के एसडीएम तथा सीओ को मंगलवार दोपहर प्राथमिक जांच के लिए भेजा गया तो साफ हो गया कि खनन अवैध रूप से हो रहा है।
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इसके बाद अफसरों के निर्देश पर खनन के सबसे अहम क्षेत्र शंकरगढ़ के थानाध्यक्ष अमित मिश्रा ने 42 वाशिंग प्लांट के संचालकों को नोटिस जारी किया। उनसे तीन दिन के भीतर वाशिंग प्लांट संचालन के वैध कागजात लेकर आने को कहा है। अगर इस अवधि में प्लांट संचालक कागजात नहीं दिखाते हैं तो उनके खिलाफ अवैध खनन और चोरी का नामजद केस लिखकर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। अवैध वाशिंग प्लांट सीज कर दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शंकरगढ़, बारा, लालापुर इलाके से रोज तीन सौ ज्यादा ट्रकों में सिलिका सैंड की अवैध रूप से ढुलाई होती है जिससे राजस्व को लाखों की चपत लग रही है।
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घूरपुर में इरादतगंज स्थित खनिज बैरियर पर रोज लाखों रुपये की अवैध उगाही हो रही है। यहां से रोज तकरीबन एक हजार ट्रक सिलिका सैंड तथा बालू लादकर गुजरते हैं। उनमें ज्यादातर ओवरलोड होते हैं और उनके पास रवन्ना भी नहीं होता है। बिना रवन्ना वाले ओवरलोड ट्रकों से खनिज विभाग के बैरियर पर तीन से पांच हजार रुपये की नाजायज उगाही होती है। कुछ दूर पर घूरपुर थाने की पुलिस भी ऐसे हर ट्रक से तीन से पांच सौ रुपये उगाहती है। आरटीओ का भी दस्ता ओवरलोड ट्रकों से धन उगाही करता हैं। यूं खनिज विभाग की टीम रोज 10 से 15 लाख रुपये की अवैध वसूली कर रही है। पुलिस भी मोटी उगाही करती है।