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दूसरे चरण की काउंसलिंग में भी ऑनलाइन आवेदन और मूल प्रमाण पत्रों में अंतर
Fri, 04 Dec 2020 12:36 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 04 Dec 2020 12:36 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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69000 शिक्षक भर्ती काउंसलिंग में बड़े पैमाने पर मूल प्रमाण पत्रों और ऑनलाइन आवेदन में अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। पूछताछ में अभ्यर्थी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। इससे पहले भी पहले चरण की काउंसलिंग एवं पहली बार 67867 अभ्यर्थियों की सूची जारी करते समय भी मूल प्रमाण पत्रों एवं आवेदन मेें अलग-अलग जानकारी होने पर अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बाद भी नियुक्ति पत्र देने से रोक दिया गया था। यह अभ्यर्थी आज तक 31277 में चयन के बाद भी नियुक्ति पत्र हासिल नहीं कर सके हैं।
2018 दिसंबर में 69000 शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। उस समय आवेदन करते समय बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने मूल प्रमाण पत्रों में जो जानकारी दी गई, उससे इतर ऑनलाइन आवेदन में जानकारी भर दिया था। चयन के बाद अभ्यर्थियों को जब अपनी गलती संज्ञान में आई तो उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद एवं सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। निराश होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने 31277 अभ्यर्थियों वाली सूची में नाम आने पर काउंसलिंग भी करवा ली, काउंसलिंग के बाद जब इन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो ऑनलाइन आवेदन और मूल प्रमाण पत्र अलग-अलग पाए जाने के चलते नियुक्ति पत्र देने से मना कर दिया गया।
अब दूसरे चरण की काउंसलिंग में भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से इस प्रकार की शिकायत सामने आ रही है। जनपदीय समिति इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर रही है। काउंसलिंग करवा चुके अभ्यर्थियों ने मेरिट प्रभावित नहीं होने की दशा में नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है। इनका कहना है कि जहां अंकों के कारण मेरिट बदल रही है, उन्हें छोड़कर शेष अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।
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2018 दिसंबर में 69000 शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। उस समय आवेदन करते समय बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने मूल प्रमाण पत्रों में जो जानकारी दी गई, उससे इतर ऑनलाइन आवेदन में जानकारी भर दिया था। चयन के बाद अभ्यर्थियों को जब अपनी गलती संज्ञान में आई तो उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद एवं सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। निराश होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने 31277 अभ्यर्थियों वाली सूची में नाम आने पर काउंसलिंग भी करवा ली, काउंसलिंग के बाद जब इन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो ऑनलाइन आवेदन और मूल प्रमाण पत्र अलग-अलग पाए जाने के चलते नियुक्ति पत्र देने से मना कर दिया गया।
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अब दूसरे चरण की काउंसलिंग में भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से इस प्रकार की शिकायत सामने आ रही है। जनपदीय समिति इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर रही है। काउंसलिंग करवा चुके अभ्यर्थियों ने मेरिट प्रभावित नहीं होने की दशा में नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की है। इनका कहना है कि जहां अंकों के कारण मेरिट बदल रही है, उन्हें छोड़कर शेष अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए।
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