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Diabetes Conference : मुंह छालों को नजर अंदाज न करें मधुमेह रोगी, थकान-सुस्ती का तत्काल कराएं उपचार

Mon, 13 Feb 2023 12:52 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 13 Feb 2023 12:52 AM IST
सार

देश में मधुमेह रोगियों की लगातार बढ़ती तादाद पर डॉक्टरों ने चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि लगातार व्यायाम और पौष्टिक आहार लेकर शरीर को खोखला बनाने वाली इस खतरनाक बीमारी से बचा जा सकता है।

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Diabetic patients should not ignore mouth ulcers, get immediate treatment for fatigue and
मधुमेह - फोटो : social media

विस्तार

देश में मधुमेह रोगियों की लगातार बढ़ती तादाद पर डॉक्टरों ने चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि लगातार व्यायाम और पौष्टिक आहार लेकर शरीर को खोखला बनाने वाली इस खतरनाक बीमारी से बचा जा सकता है। यह बातें मधुमेह रोग विशेषज्ञों के दो दिवसीय 12वें अधिवेशन के समापन अवसर पर रविवार को कही गईं। चिकित्सकों का कहना था कि आमतौर पर मधुमेह रोगी अपनी बीमारी के प्रति लापरवाह हो जाते हैं। खासतौर से मुंह के छालों को लेकर लोग सजग नहीं रहते। जिससे मुुख कैंसर जैसी घातक बीमारी हो जाती है।

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रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया की ओर से आयोजित अधिवेशन के आखिरी दिन कोलकाता के डॉ. अमित डे ने इस बीमारी पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि मधुमेह के मरीजों के मुंह में छाले होने की समस्या लगातार बनी रहती है, जिससे उनमें मुख कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है। यह एक मेटाबोलिज्म समस्या है। इसमें मरीजों के मुंह में कई तरह के घाव बन जाते हैं और लगातार मुंह सूखे रहने की शिकायत बनी रहती है। ऐसे में मधुमेह के डॉक्टर के तौर पर मुंह और दांत दोनों का परीक्षण कराना जरूरी होता है। ताकि, सही समय पर मरीज को दांत के डॉक्टरों के पास रेफर किया जा सके।

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दिल्ली के मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि अगर शुरुआती दौर में ही मरीज के मधुमेह का स्तर 7.5 - 9.0 के बीच है तो उसे दो या तीन दवाइयों के संयोजन से काबू किया जा सकता है। इसके साथ ही दवाइयों की कम डोज से भी मरीजों को ज्यादा राहत दी जा सकती है। इस विधि के सकारात्मक परिणाम भी मिल रहें हैं। साथ ही मरीजों में लो डायबिटीज और वजन बढ़ने की समस्या भी कम आती है। डायबिटीज एंड ओबेसिटी सेंटर के निदेशक डॉ. बृज मोहन मक्कर ने मधुमेह के नवीनतम उपचार के एवं उसके रोकथाम पर चर्चा की। इस दौरान डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. कमलाकांत त्रिपाठी, डॉ. विजय पाटनी, डॉ. सुभाष कुमार, डॉ. प्रीति कुमार, डॉ. शाकिब खान ने मधुमेह से जुड़े अनुभवों को साझा किया।

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