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प्रयाग कुंभ: ई-रिक्शा कराएंगे मेले का भ्रमण, व्हील चेयर की भी होगी सुविधा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Tue, 27 Nov 2018 10:13 PM IST
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फाइल फोटो
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कुंभ मेला क्षेत्र में भ्रमण का मुख्य आधार ई-रिक्शा होंगे। झूंसी, परेड समेत कई स्थानों पर निजी वाहन रोक दिए जाएंगे। वहां से मेले में जाने तथा भ्रमण कराने के लिए ई-रिक्शा होंगे। इसके लिए 500 ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। सलोरी से मेला के 100 फीट चौड़ी समानांतर सड़क भी बनाई जा रही है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में भी दो मार्ग होंगे जिन पर ई-रिक्शा का संचालन होगा।
मेला क्षेत्र में इस बार कम से कम वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा। भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित करने की योजना है। ऐसे में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों के लिए शहर के चारों तरफ पार्किंग की व्यवस्था की गई है। झूंसी में पुरेसुरदास में पार्किंग बनाई जा रही है। यहां से मेला क्षेत्र में सीधे प्रवेश होगा।
पार्किंग स्थल से ई-रिक्शा की सुविधा मिलेगी, जिनकी मदद से झूंसी के अलावा सेक्टर 14 से नौ तक जाया जा सकेगा। लखनऊ से आने वालों के लिए फाफामऊ के बेला कछार में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहां गंगा नदी पर पीपे के दो पुल बनाए जा रहे हैं। स्नानार्थी वहां से सलोरी आएंगे।
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सलोरी में ई-रिक्शा की सुविधा होगी, जिनकी मदद से सीधे मेला में जा सकेंगे। इसके लिए सलोरी से 100 फीट चौड़ी समानांतर सड़क बनाई जा रही है, जो बड़ा बघाड़ा, नागबासुकी, बख्शी बांध होते हुए मेला में जाएगी। उप मेलाधिकारी राजीव राय ने बताया कि ई-रिक्शा संचालन के लिए तैयारी की जा रही है। कई जगहों पर सीएनजी वाहन भी चलाने की योजना है।
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मेला क्षेत्र में इस बार कम से कम वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा। भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित करने की योजना है। ऐसे में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों के लिए शहर के चारों तरफ पार्किंग की व्यवस्था की गई है। झूंसी में पुरेसुरदास में पार्किंग बनाई जा रही है। यहां से मेला क्षेत्र में सीधे प्रवेश होगा।
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पार्किंग स्थल से ई-रिक्शा की सुविधा मिलेगी, जिनकी मदद से झूंसी के अलावा सेक्टर 14 से नौ तक जाया जा सकेगा। लखनऊ से आने वालों के लिए फाफामऊ के बेला कछार में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहां गंगा नदी पर पीपे के दो पुल बनाए जा रहे हैं। स्नानार्थी वहां से सलोरी आएंगे।
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सलोरी में ई-रिक्शा की सुविधा होगी, जिनकी मदद से सीधे मेला में जा सकेंगे। इसके लिए सलोरी से 100 फीट चौड़ी समानांतर सड़क बनाई जा रही है, जो बड़ा बघाड़ा, नागबासुकी, बख्शी बांध होते हुए मेला में जाएगी। उप मेलाधिकारी राजीव राय ने बताया कि ई-रिक्शा संचालन के लिए तैयारी की जा रही है। कई जगहों पर सीएनजी वाहन भी चलाने की योजना है।
परेड में ही रोक दिए जाएंगे वाहन
प्रशासन की पूरी कोशिश होगी कि आयोजन के दौरान मेला क्षेत्र में कम से कम वाहनों को प्रवेश दिया जाए। इस मकसद से सीएमपी समेत शहर के कई स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। विशेष परिस्थितियों में भी परेड तक वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा। परेड से मेला क्षेत्र में भ्रमण के लिए ई-रिक्शा तथा सीएनजी वाहन चलाए जाएंगे।
व्हील चेयर की होगी सुविधा
दिव्यांग, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को अब कंधे पर उठाकर नहीं ले जाना पड़ेगा और न ही उन्हें कई किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी होगी। हर प्रवेश द्वार पर व्हील चेयर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए कई संस्थाओं ने मेला प्रशासन से संपर्क किया है।
न्यूनतम होगा ई-रिक्शा का किराया
अफसरों का दावा है कि ई-रिक्शा का किराया भी न्यूनतम होगा। सिर्फ प्रबंधन की दृष्टि किराया लिया जाएगा। इससे इनकम बढ़ाना मकसद नहीं है।