महाशिवरात्रि के अवसर पर संगम में आधी रात से ही पुण्य की डुबकी शुरू हो गई है। माघ मेले के आखिरी स्नान पर्व पर पौ फटने तक संगम समेत गंगा के सभी पांच घाट स्नानार्थियों की भीड़ से भर गए। हर तरफ से भक्त संगम की ओर ही पहुंच रहे हैं।
2 of 5
संगम तट पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
रेती पर शिव स्वरूप के विग्रह बनाकर पूजे जा रहे हैं। सुबह 10 बजे तक माघ मेला प्रशासन ने दो लाख श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया है। माघ मेले के आखिरी स्नान पर्व पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए भक्ति की गठरी उठाए श्रद्धालु संगम पहुंच रहे हैं।
3 of 5
संगम तट पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
लाल मार्ग हो या काली मार्ग या फिर त्रिवेणी मार्ग, हर तरफ बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों से श्रद्धालुओं की भीड़ सड़कों पर लयबद्ध होकर गुजर रही है। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संगम पर आखिरी डुबकी के साथ ही मेले से संत-भक्त वर्ष भर के लिए विदा हो जाएंगे। रेती पर जगह-जगह भक्त दान के साथ यज्ञ और आरती भी कर रहे हैं।
4 of 5
संगम तट पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि भोले के भक्त दर्शन, पूजन के साथ ही जलाभिषेक, रुद्राभिषेक एवं महामृत्युंजय का जप कर रहे हैं। आज रात्रि जागरण करते हुए उन्हें याद किया जाएगा। मान्यता है कि ग्रहों के शुभफल की प्राप्ति के लिए इस दिन भगवान शिव की पूजा श्रेष्ठ फलदायक होती है।
5 of 5
संगम तट पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इस पर्व पर आज चतुर्दश लिंग की पूजा के साथ ही बैद्यनाथ जयंती भी मनाई जाएगी। व्रत का पारण 12 मार्च को किया जाएगा। उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी ‘पूर्वांचली’ के मुताबिक त्रयोदशी तिथि का संचरण 10 मार्च को दिन में 2.52 बजे हुआ, तिथि 11 मार्च को दिन में 2.21 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। ऐसे में प्रदोष एवं निशीथ काल मे चतुर्दशी तिथि मिलने से पर्व का महत्व कई गुना बढ़ गया है।