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देवता, निशान संग नगर पहुंचा जूना का रमता पंच
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Thu, 29 Nov 2018 02:07 AM IST
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कुंभ पर्व में संतों के आगमन की पहली दस्तक बुधवार को जूना के संतों से हुई। पंच दशनाम जूना अखाड़ा का रमता पंच अखाड़े के देव भगवान दत्तात्रेय, निशान भाला और ध्वज के साथ प्रयागराज पहुंचा। झूंसी के रामापुर में श्री रोकडिया हनुमान मंदिर पर देव पूजन और दही-खिचड़ी प्रसाद के बाद संतों का काफिला रवाना हुआ। फूलों से सजे आकर्षक रथ पर भगवान दत्तात्रेय के विग्रह को रखा गया था।
रमता पंच के साथ जूना के महामंडलेश्वर, श्रीमहंत, महंत सहित अन्य संतों का काफिला शास्त्री पुल से होता हुआ यमुना बैंक रोड स्थित जूना के मुख्यालय मौजगिरि मंदिर पहुंचा। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अखाड़े के देव भगवान दत्तात्रेय और निशान भाला की स्थापना सहित ध्वज लहराया गया। रमता पंच के संतों ने आरती, पूजन के बाद प्रयागराज के जयकारे लगाए। नगर प्रवेश पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि एवं महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि के अतिरिक्त कुंभ मेला अधिकारी सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने रमता पंच सहित अन्य संतों का स्वागत किया।
जुलूस के आगे-आगे हाथी, घोड़े, ऊंट शामिल रहे। शोभायात्रा में महामंडलेश्वरों के साथ ही अखाड़े के प्रमुख श्रीमहंत भी रथों पर सवार थे। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत सोहन गिरि, भागवत पुरी, श्रीमहंत उमाशंकर भारती, श्री महंत पृथ्वी गिरि, जूना के कुंभ मेला प्रभारी श्री महंत प्रेम गिरि, श्री महंत विद्यानंद सरस्वती, श्री महंत अभय पुरी, महंत नारायण गिरि, श्री महंत परशुराम गिरि, श्री महंत मोहन भारती, श्रीमहंत कमल पुरी, गोविंद सोलंकी सहित अखाड़े के अन्य संत, श्रद्धालु मौजूद थे। अब रमता पंच 24 दिसंबर तक यहीं रुककर आरती, पूजन करेगा, 25 दिसंबर को पेशवाई निकलेगी।
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रमता पंच का स्वागत करने के लिए निर्मोही अनी अखाड़े के श्री महंत राजेंद्र दास, निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास, दिगंबर अनी के श्रीमहंत शिवशंकर दास, नया उदासीन अखाडे़ के श्रीमहंत सहित पंचअग्नि, आह्वान के संत भी शामिल थे। जूना के रमता पंच में जूना के तीन महामंडलेश्वर भी शामिल हुए। इसमें काली मंदिर, पटियाला के महामंडलेश्वर श्री महंत जगतगुरु पंचानंद गिरि. काठमांडू, नेपाल से आईं महामंडलेश्वर हेमानंद गिरि, दत्तात्रेय ध्यान केंद्र की शैलजा माता, चार मढ़ी के श्रीमहंत विश्वंभर भारती, तेरह मढ़ी के श्रीमहंत बलराज गिरि, चौदह मढ़ी के श्रीमहंत आनंद गिरि और सोलह मढ़ी के श्रीमहंत गोल्डेन पुरी मुख्य थे।
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रमता पंच के साथ जूना के महामंडलेश्वर, श्रीमहंत, महंत सहित अन्य संतों का काफिला शास्त्री पुल से होता हुआ यमुना बैंक रोड स्थित जूना के मुख्यालय मौजगिरि मंदिर पहुंचा। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अखाड़े के देव भगवान दत्तात्रेय और निशान भाला की स्थापना सहित ध्वज लहराया गया। रमता पंच के संतों ने आरती, पूजन के बाद प्रयागराज के जयकारे लगाए। नगर प्रवेश पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि एवं महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि के अतिरिक्त कुंभ मेला अधिकारी सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने रमता पंच सहित अन्य संतों का स्वागत किया।
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जुलूस के आगे-आगे हाथी, घोड़े, ऊंट शामिल रहे। शोभायात्रा में महामंडलेश्वरों के साथ ही अखाड़े के प्रमुख श्रीमहंत भी रथों पर सवार थे। श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत सोहन गिरि, भागवत पुरी, श्रीमहंत उमाशंकर भारती, श्री महंत पृथ्वी गिरि, जूना के कुंभ मेला प्रभारी श्री महंत प्रेम गिरि, श्री महंत विद्यानंद सरस्वती, श्री महंत अभय पुरी, महंत नारायण गिरि, श्री महंत परशुराम गिरि, श्री महंत मोहन भारती, श्रीमहंत कमल पुरी, गोविंद सोलंकी सहित अखाड़े के अन्य संत, श्रद्धालु मौजूद थे। अब रमता पंच 24 दिसंबर तक यहीं रुककर आरती, पूजन करेगा, 25 दिसंबर को पेशवाई निकलेगी।
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रमता पंच का स्वागत करने के लिए निर्मोही अनी अखाड़े के श्री महंत राजेंद्र दास, निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास, दिगंबर अनी के श्रीमहंत शिवशंकर दास, नया उदासीन अखाडे़ के श्रीमहंत सहित पंचअग्नि, आह्वान के संत भी शामिल थे। जूना के रमता पंच में जूना के तीन महामंडलेश्वर भी शामिल हुए। इसमें काली मंदिर, पटियाला के महामंडलेश्वर श्री महंत जगतगुरु पंचानंद गिरि. काठमांडू, नेपाल से आईं महामंडलेश्वर हेमानंद गिरि, दत्तात्रेय ध्यान केंद्र की शैलजा माता, चार मढ़ी के श्रीमहंत विश्वंभर भारती, तेरह मढ़ी के श्रीमहंत बलराज गिरि, चौदह मढ़ी के श्रीमहंत आनंद गिरि और सोलह मढ़ी के श्रीमहंत गोल्डेन पुरी मुख्य थे।