खाकी का क्रेज : पहले से सेवा में होने के बावजूद युवाओं में दरोगा बनने की चाह, सेना के कई जवान भी कतार में
लिखित और शारीरिक परीक्षा पास करने के बाद शनिवार को वह मेडिकल में शामिल हुए और सफलतापूर्वक इस पड़ाव को पार भी किया। कहा, पुलिस की वर्दी पहनने का सपना हमेशा से रहा है। सेना में तैनात हो गया लेकिन इच्छा कहीं न कहीं दबी रही।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रोजगार के तमाम अवसरों के बावजूद खाकी का क्रेज आज भी बरकरार है। हाल यह है कि बेरोजगार तो छोड़िए, पहले से नौकरी कर रहे लोगों पर भी खाकी का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। पुलिस लाइन में दरोगा भर्ती 2021-22 की मेडिकल परीक्षा में ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। प्रतापगढ़ के शुभम पांडेय भी इन्हीं में से एक हैं। 2017 में उनका चयन नौसेना में सैनिक के पद पर हुआ। लेकिन, खाकी का क्रेज ऐसा कि 2021 में भर्ती आई तो वह खुद को आवेदन करने से नहीं रोक पाए।
लिखित और शारीरिक परीक्षा पास करने के बाद शनिवार को वह मेडिकल में शामिल हुए और सफलतापूर्वक इस पड़ाव को पार भी किया। कहा, पुलिस की वर्दी पहनने का सपना हमेशा से रहा है। सेना में तैनात हो गया लेकिन इच्छा कहीं न कहीं दबी रही। यही वजह थी कि नौकरी में होने के बावजूद जीतोड़ मेहनत करके आखिरकार सपना पूरा किया।
नौकरी में रहने के बावजूद दरोगा भर्ती में दावेदारी करने वालों में प्रतापगढ़ के ही शिवम मिश्रा भी शामिल रहे। शिवम ने बताया, दो वर्ष से सीआरपीएफ में तैनात हैं। लेकिन, शुरू से ही यूपी पुलिस में दरोगा बनने का सपना रहा। यही वजह रही कि दरोगा भर्ती में शामिल हुआ। पहली बार मेडिकल में असफल होने के बाद अपील पर शनिवार को दोबारा मेडिकल हुआ, जिसमें सफलता मिली।
प्रतापगढ़ के ही शिवम सरोज व अजय मिश्रा भी इन्हीं में शामिल रहे। अजय एसएससी परीक्षा के जरिए स्टेनो के पद पर कार्यरत हैं जबकि शिवम सेना में तैनात हैं। इन दोनों ने भी कहा कि नौकरी अपनी जगह है लेकिन पुलिस की वर्दी पहनना गौरव की बात है। यूपी पुलिस का हिस्सा होने का ख्याल ही अपने आप में उपलब्धि है। यही वजह थी कि नौकरी में होने के बावजूद दरोगा भर्ती में शामिल हुए।
किसान के बेटे भी बने दरोगा
नौकरी में होने वालों के साथ ही दरोगा भर्ती में ऐसे भी युवा शामिल हैं, जिन्होंने सिर्फ और सिर्फ खाकी पहनने का ही सपना देखा और मेहनत के बल पर उसे साकार भी किया। प्रतापगढ़ के ही सूरज वर्मा व प्रशांत सिंह इन्हीं में शामिल रहे। किसान परिवार से जुड़े इन होनहारों ने बताया कि दरोगा बनना हमेशा से उनका सपना रहा है। शनिवार को मेडिकल व शारीरिक मानक परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों में दोनों शामिल रहे।
अब तक 400 अभ्यर्थियों का परीक्षण
पुलिस लाइन में चल रही दरोगा भर्ती 2021-22 की मेडिकल व शारीरिक मानक परीक्षा में अब तक कुल 400 अभ्यर्थियों का परीक्षण हो चुका है। 17 अक्तूबर से शुरू हुई परीक्षा के आठ दिन बीत चुके हैं। प्रत्येक दिन 50 अभ्यर्थियों का परीक्षण हुआ। शनिवार को कुल 49 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया जबकि असफल होने पर एक अभ्यर्थी की ओर से मंडलीय अपर निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष अपील की गई। इसी तरह शुक्रवार को हुई परीक्षा में एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा जबकि चार असफल हुए। उनकी ओर से भी बोर्ड में अपील की गई है।
परीक्षण में प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी व फतेहपुर के अभ्यर्थी शामिल हुए। अंतिम रूप से परीक्षण पूरा होने के बाद ही सफल अभ्यर्थियों की घोषणा की जाएगी। इसके बाद इनके दस्तावेजों का सत्यापन भी कराया जाएगा। - रविशंकर निम, एसपी प्रोटोकॉल व नोडल अधिकारी