प्रयागराज : छावनी अस्पताल में डेंगू संक्रमित महिला की कराई सामान्य डिलेवरी, बचाई जान
परिजन उम्मीद की आखिरी किरण लिए 16 अक्तूबर की रात छावनी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के प्रोजेक्ट हेड डॉ. सिद्वार्थ पांडेय ने इस केस को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के बजाए महिला की जान बचाने का निर्णय लिया।
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परिजन उम्मीद की आखिरी किरण लिए 16 अक्तूबर की रात छावनी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के प्रोजेक्ट हेड डॉ. सिद्वार्थ पांडेय ने इस केस को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के बजाए महिला की जान बचाने का निर्णय लिया। उन्होंने महिला को तत्काल भर्ती कर लिया। खून की कमी होने के कारण सबसे पहले तेज बहादुर सप्रू अस्पताल (बेली) से ब्लड की मांग की गई।
डॉ. उत्तम ने तत्काल नौ यूनिट ब्लड उपलब्ध कराया। छावनी अस्पताल में भर्ती के होने के तीसरे दिन डॉ. प्रीती सिंह व डॉ. वैशाली सिंह ने महिला की मेडिकल स्थित को देखते हुए सामान्य तरीके से प्रसव कराने का निर्णय लिया। चार घंटे की कड़ी मेहनत के बाद महिला का सामान्य प्रसव कराया, जिसके बाद उम्मीद छोड़ चुके परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। अब महिला स्वस्थ है और अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी भी अपनी इस उपलब्धि पर खुश हैं।
चार दिन से गर्भ में था मृतक बच्चा
महिला की जांच होने पर पता चला की छावनी अस्पताल पहुंचने से 24 घंटे पहले ही बच्चे की गर्भ में मौत हो चुकी थी। ब्लड कम होने और डेंगू संक्रमित होने के कारण सर्जरी करना मुमकिन नहीं था।
हम तो उम्मीद छोड़ चुके थे। लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों ने हिम्मत नहीं हारी। बच्चे को खोने का गम जरूर है। मगर इस बात का संतोष है कि मां की जान बच गई। रंजू देवी, गर्भवती महिला की मां
महिला की स्थिति सामान्य है, अब उसका हीमोग्लोबिन आठ यूनिट है और प्लेटलेट्स भी बेहतर हो रहा है। बेली अस्पताल ने महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिसके लिए डॉ. उत्तम सिंह व अस्पताल की महिला रोग विशेषज्ञ की टीम बधाई की पात्र हैं। -डॉ. सिद्वार्थ पांडेय, प्रोजेक्ट हेड, छावनी अस्पताल