सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में मंसूर अली पार्क में 21 दिनों से जारी महिलाओं के धरना में शनिवार को अलग-अलग दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। नेताओं ने आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही हुंकार भरी कि सरकार को यह कानून वापस लेना होगा।
सीएए: मंसूर अली पार्क में समर्थन देने पहुंचे कई दलों के नेता
धरना स्थल पर पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल के शिवानंद तिवारी का कहना था कि देश भर में महिलाएं आंदोलन का नेतृत्व कर रही हैं। यह बड़ा संकेत है। उनका कहना था कि आज जिनके हाथ में मुल्क का शासन है उन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है। आजादी की लड़ाई में उनकी कोई भूमिका नहीं रही। इमरजेंसी के खिलाफ आंदोलन में भी वे पीछे रहे। ऐसे लोग आज देश भक्ति का सर्टिफिकेट दे रहे हैं। सरकार जिस एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रही है, उससे देश टूटेगा। आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड (महिला) की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर भी धरना में शामिल हुईं और महिलाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जिस तरह से महिलाएं डटी हैं उससे तय है कि सरकार को बैकफुट पर आना पड़ेगा।
रिहाई मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो.शोएब भी धरना में शामिल हुए। उन्होंने सीएए, एनआरसी को काना कानून बताया। उनका कहना था कि सरकार जिस तरह से दमन की कार्रवाई कर रही है उससे आंदोलन के भविष्य को लेकर चिंता थी। ऐसे में महिलाओं का इस तरह से आगे आना बड़ी बात है, इसकी जरूरत थी। सपा नेता संग्राम सिंह यादव भी धरना में शामिल हुए और इस लड़ाई में हर स्तर पर समर्थन का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि सरकार ने जबरदस्ती उठाने की कोशिश की तो वे जेल भर देंगे। धरने में फतेहपुर से आए किसान मंच के फूल सिंह पटेल, अनूप सिंह, बीना सिंह, बीएचयू के छात्र नेता अंबरेश राय, इरशाद उल्ला, सै.मो.अस्करी, सुनील मौर्या आदि भी शामिल हुए और संबोधित किया। इसके अलावा सीएए के विरोध में अटाला, घंटाघर स्थित सब्जी मंडी, करेली, बहादुरगंज आदि स्थानोंसे महिलाओं ने जुलूस निकाला और धरने में शामिल हुईं। धरना स्थल पर महिलाओं के जुलूस के पहुंचने का क्रम दोहपर से शुरू होकर देर रात तक जारी रहा।
धरना समाप्त कराने की रची जा रही साजिश
धरने में शामिल महिलाओं तथा स्थानीय लोगों ने आंदोलन समाप्त कराने की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि साजिश के तहत धरना स्थल के पास धमाका किया जाता है। इसके अलावा शुक्रवार की रात में करीब ढाई बजे फोर्स भी धरना स्थल पर पहुंची। हालांकि, सूचना मिलने के चंद मिनट में ही वहां हजारों लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा। उनका कहना था कि साजिश के तहत इस तरह से लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
प्रशासन के दबाव के बाद राष्ट्र रक्षक समूह ने रविवार को प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया है। समूह की ओर से मंसूर अली पार्क या आसपास के क्षेत्र में धरना की घोषणा की गई थी। उनकी ओर से एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपकर धरने की अनुमति भी मांगी थी। इससे वहां टकराव की आशंका बन गई थी। इसे देखते हुए प्रशासन ने धरने की अनुमति नहीं दी। साथ ही पुलिस विभाग के अफसरों ने समूह के पदाधिकारियों पर दबाव बनाया। इसके बाद समूह की ओर से फिलहाल धरना स्थगित कर दिया गया है।