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हटाए गए प्रो.सत्यनायण, प्रो.केएस मिश्रा बने डीन आर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 02 Aug 2016 01:50 AM IST
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प्रो. सत्य नारायण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए प्रोफेसर केएस मिश्रा को डीन आर्ट बनाया है। नए सिरे से वरिष्ठता तय होने के बाद प्रोफेसर ए.सत्यनारायण को कार्यकाल के बीच में ही यह पद छोड़ना पड़ा। प्रोफेसर मिश्रा ने सोमवार को कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। गौर करने वाली बात यह है कि वरिष्ठतम शिक्षक के नाते प्रोफेसर सत्यनारायण चार महीने तक विश्वविद्यालय के कुलपति भी रह चुके हैं।
प्रोफेसर एके सिंह के इस्तीफा के बाद वरिष्ठता के आधार पर मध्यकालीन इतिहास के प्रोफेसर एनआर फारूकी एक साल से अधिक समय तक विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। इनके रिटायरमेंट के बाद पिछले साल अगस्त में प्रोफेसर ए.सत्यनारायण कुलपति बने। हालांकि, प्रोफेसर केएस मिश्रा तथा उनके बीच वरिष्ठता को लेकर विवाद बना हुआ था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो.सत्यनारायण को वरिष्ठतम शिक्षक माना था। इसी आधार पर वे डीन आर्ट्स भी रहे।
प्रोफेसर रतनलाल हांगलू की नियुक्ति के बाद प्रो.सत्यनाराण कुलपति तो नहीं रहे, लेकिन डीन आर्ट्स बने हुए थे। इसी बीच वरिष्ठता का विवाद दूर होने की बात कही जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर केएस मिश्रा को वरिष्ठतम शिक्षक माना है। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि कार्यपरिषद ने भी प्रोफेसर मिश्रा को वरिष्ठ माना है। इसलिए प्रोफेसर सत्यनारायण की जगह प्रोफेसर केएस मिश्रा को डीन बनाने का निर्णय लिया गया। सोमवार को इस आशय का आदेश जारी होने के बाद प्रोफेसर मिश्रा ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।
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इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरके चौबे विधि संकाय के अधिष्ठाता बनाए गए हैं। उन्होंने प्रोफेसर राकेश खन्ना से सोमवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। प्रोफेसर खन्ना के बाद प्रोफेसर बीपी सिंह संकाय के वरिष्ठतम शिक्षक हैं, लेकिन विधि पाठ्यक्रमों की मान्यता पर सवाल उठने के बाद उन्हें डीन का पदभार नहीं दिया गया।
इनके बाद संकाय के प्रोफेसर डीएन पांडेय को डीन बनाए जाने का आदेश जारी किया गया, लेकिन उन्होंने चार्ज लेने से मना कर दिया। प्रोफेसर पांडेय ने पूर्व में अध्यक्ष बनने से भी मना कर दिया था। इनके बाद संकाय के वरिष्ठतम शिक्षक और विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आरके चौबे को यह जिम्मेदारी दी गई। सोमवार को इस आशय का आदेश जारी होने के बाद उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। प्रोफेसर चौबे के पास डीन और विभागाध्यक्ष के अलावा बीएएलएलबी कोर्स का वित्तीय तथा प्रशासनिक अधिकार भी है।
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोमवार को एक और फेरबदल करते हुए प्रोफेसर अनिल श्रीवास्तव को वाणिज्य विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है। इस आशय का भी आदेश जारी कर दिया गया है। वह प्रोफेसर जेएन भार्गव का स्थान लेंगे। प्रोफेसर भार्गव ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।
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प्रोफेसर एके सिंह के इस्तीफा के बाद वरिष्ठता के आधार पर मध्यकालीन इतिहास के प्रोफेसर एनआर फारूकी एक साल से अधिक समय तक विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। इनके रिटायरमेंट के बाद पिछले साल अगस्त में प्रोफेसर ए.सत्यनारायण कुलपति बने। हालांकि, प्रोफेसर केएस मिश्रा तथा उनके बीच वरिष्ठता को लेकर विवाद बना हुआ था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रो.सत्यनारायण को वरिष्ठतम शिक्षक माना था। इसी आधार पर वे डीन आर्ट्स भी रहे।
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प्रोफेसर रतनलाल हांगलू की नियुक्ति के बाद प्रो.सत्यनाराण कुलपति तो नहीं रहे, लेकिन डीन आर्ट्स बने हुए थे। इसी बीच वरिष्ठता का विवाद दूर होने की बात कही जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर केएस मिश्रा को वरिष्ठतम शिक्षक माना है। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया कि कार्यपरिषद ने भी प्रोफेसर मिश्रा को वरिष्ठ माना है। इसलिए प्रोफेसर सत्यनारायण की जगह प्रोफेसर केएस मिश्रा को डीन बनाने का निर्णय लिया गया। सोमवार को इस आशय का आदेश जारी होने के बाद प्रोफेसर मिश्रा ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।
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इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरके चौबे विधि संकाय के अधिष्ठाता बनाए गए हैं। उन्होंने प्रोफेसर राकेश खन्ना से सोमवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। प्रोफेसर खन्ना के बाद प्रोफेसर बीपी सिंह संकाय के वरिष्ठतम शिक्षक हैं, लेकिन विधि पाठ्यक्रमों की मान्यता पर सवाल उठने के बाद उन्हें डीन का पदभार नहीं दिया गया।
इनके बाद संकाय के प्रोफेसर डीएन पांडेय को डीन बनाए जाने का आदेश जारी किया गया, लेकिन उन्होंने चार्ज लेने से मना कर दिया। प्रोफेसर पांडेय ने पूर्व में अध्यक्ष बनने से भी मना कर दिया था। इनके बाद संकाय के वरिष्ठतम शिक्षक और विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आरके चौबे को यह जिम्मेदारी दी गई। सोमवार को इस आशय का आदेश जारी होने के बाद उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। प्रोफेसर चौबे के पास डीन और विभागाध्यक्ष के अलावा बीएएलएलबी कोर्स का वित्तीय तथा प्रशासनिक अधिकार भी है।
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोमवार को एक और फेरबदल करते हुए प्रोफेसर अनिल श्रीवास्तव को वाणिज्य विभाग का अध्यक्ष बनाया गया है। इस आशय का भी आदेश जारी कर दिया गया है। वह प्रोफेसर जेएन भार्गव का स्थान लेंगे। प्रोफेसर भार्गव ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।