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कुंभ में शाही स्नान के बहिष्कार का फैसला वापस

Sat, 19 May 2018 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 19 May 2018 01:07 AM IST
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Decision to boycott royal bath in Aquarius
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने शुक्रवार को प्रयाग कुंभ-2019 में शाही स्नान के बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया। शाही स्नान की तिथियां तय करने के साथ की कुंभ के तहत स्थाई संत निवास, पेशवाई मार्ग, प्रयाग राज परिक्रमा पथ निर्माण की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में एक स्वर से बहिष्कार वापस ले लिया गया। शाही स्नान की घोषणा के लिए शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयाग आने से पहले परिषद ने यह फैसला लेकर यह संदेश दिया कि सरकार से अब उनकी कोई नाराजगी नहीं है। कुंभ के इतिहास में यह पहला मौका होगा, जब अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों की मौजूदगी में सीएम खुद शाही स्नान की तिथियों की घोषणा करेंगे।
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अल्लापुर स्थित बाघंबरी गद्दी परिसर में शुक्रवार को दिन के 11 बजे शुरू हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में कुलसात प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें सबसे अहम निर्णय शाही स्नान के बहिष्कार के फैसले की वापसी था। पिछली कार्यवाही की पुष्टि के बाद परिषद के महामंत्री श्री महंत हरि गिरि महाराज ने यह प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि उज्जैन, नासिक कुंभ की तर्ज पर प्रयाग में स्थाई संत निवास और श्रद्धालु हित की सुविधाओं की अनदेखी पर शाही स्नान के बहिष्कार का फैसला लिया गया था लेकिन अब सीएम के निर्देश पर काम शुरू हो गया है। सीएम ने कुंभ से पहले  सभी कार्य पूरे करा लिए जाने का भरोसा दिलाया है। ऐसे में शाही स्नान के बहिष्कार का फैसला वापस लिया जा सकता है। इस पर सभी महंतों, संतों ने हाथ उठाकर एक स्वर से शाही स्नान बहिष्कार का फैसला वापस लेने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। इसके अलावा सभी श्रीमहंत, महामंडलेश्वरों की सूची प्रशासन को उपलब्ध कराने, जिन अखाड़ों ने भूमि खरीद ली है, उनके नाम परिषद को सौंपने, परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री को धमकाने के मामले में कार्रवाई किए जाने संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए। इस मौके परमहंत यमुनापुरी, थानापति राजेश्वरानंद सरस्वती,श्री महंत सत्य गिरि, वेदमुनि, शिवानंद, प्रेम गिरि महाराज, श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती महाराज, श्रीमहंत सोमेश्वरानंद, श्रीमहंत पवन गिरि समेत तमाम संत उपस्थित थे। अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष श्री महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने किया।
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हरिद्वार स्थित भूमा निकेतन के पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानंद सरस्वती महाराज को शुक्रवार को अखाड़ा परिषद ने संत समाज से बहिष्कृत करने का एलान किया। अखाड़ा परिषद की बैठक में विचार-विमर्श के बाद सर्व सम्मति से उनके बहिष्कार के फैसले पर मुहर लगा दी गई। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने बताया कि अच्युतानंद लगातार परिषद के विरुद्ध बयानबाजी कर रहे हैं। इसके अलावा परिषद के पदाधिकारियों को कई मौके पर उन्होंने अपमानित करने की भी कोशिश की। इसे कतई सहन नहीं किया जा सकता। अच्युतानंद को अब परिषद से जुड़े संत न तो किसी आयोजन में बुलाएंगे, न तो उनके बुलावे पर किसी समारोह में शामिल होंगे। वर्ष भर पहले अच्युतानंद ने अभिषेक कराकर खुद को शंकराचार्य घोषित कर दिया था।
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