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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Decision on SP MLA Vijma Yadav in a while, case of attack on police team 21 years ago

Prayagraj : सपा विधायक विजमा यादव को डेढ़ साल की सजा, 22 साल बाद आया फैसला

Thu, 23 Feb 2023 08:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 23 Feb 2023 08:55 PM IST
सार

यह फैसला विशेष न्यायाधीश (एमपीएमएलए) डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने सुनाया है। विशेष न्यायालय के इस फैसले से उनकी विधायकी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फैसला सुनाए जाने के समय विधायक विजमा यादव अदालत में ही मौजूद थीं। विजमा यादव ने कहा कि वह इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगी।

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Decision on SP MLA Vijma Yadav in a while, case of attack on police team 21 years ago
Prayagraj : एमपीएमएलए कोर्ट पहुंचीं विधायक विजमा यादव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद जनपद न्यायालय की विशेष अदालत ने 22 वर्ष पूर्व सहसों चौराहे पर हुई घटना के मामले में बृहस्पतिवार को सपा विधायक विजमा यादव को डेढ़ साल की सजा और 21500 रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। विशेष अदालत ने विधायक को एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है। अदालत ने 13 अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया है। जबकि एक की मौत हो चुकी है।

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यह फैसला विशेष न्यायाधीश (एमपीएमएलए) डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने सुनाया है। विशेष न्यायालय के इस फैसले से उनकी विधायकी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फैसला सुनाए जाने के समय विधायक विजमा यादव अदालत में ही मौजूद थीं। विजमा यादव ने कहा कि वह इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगी।
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इसके पूर्व सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होते ही सभी आरोपियों को अभिरक्षा में लिया गया। उनकी ओर से अपील दाखिल करने के लिए समय दिए जाने की मांग की गई। साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता के विशेष प्रावधानों के अंतर्गत तीन वर्ष से कम सजा होने के कारण जमानत दिए जाने की याचना न्यायालय से की गई। इस पर अदालत ने 20 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो प्रतिभूतियों पर रिहा करने का आदेश दिया।

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यह था मामला
सपा विधायक विजमा यादव को जिस मामले में सजा सुनाई गई, वह घटना 21 सितंबर 2000 सहसों चौराहे पर हुई थी। एक बालक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर उसके शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया था। विधायक सहित 14 सहयोगियों पर आरोप है कि उनके उकसाने पर ही भीड़ अनियंत्रित होकर पुलिस टीम पर गोली, बम से हमला किया। जिसमें 21 पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं।

मामले में 25 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के बाद विधायक सहित 15 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की ओर से 16 पुलिसकर्मियों की गवाही कराई गई। विधायक विजमा यादव ने भी अपनी तरफ से सफाई साक्ष्य में 16 गवाह पेश किए। सरकार की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य ने बहस की। जबकि, विधायक विजमा यादव का पक्ष लल्लन यादव ने रखा। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में अन्य आरोपियों को सुबूतों के आरोप में बरी कर दिया। जबकि, एक आरोपी की पहले ही मौत हो चुकी है अदालत ने मामले में विधायक विजमा यादव को दोषी माना।

इन धाराओं में हुई सजा
आईपीसी की धारा 147 एक वर्ष, 5000 जुर्माना, 341 में एक माह, 5000 जुर्माना, 504 में एक वर्ष, 5000 जुर्माना, 332/149 में डेढ़ वर्ष, 5000 जुर्माना, 353/149 में एक वर्ष, 5000 जुर्माना, सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट में छह माह 1000 जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा उन्हें एक लाख क्षतिपूर्ति के तौर पर देने का आदेश दिया है। यह क्षतिपूर्ति चोटहिल पुलिस कर्मियों का दिया जाएगा। विधायक का मामला होने से विशेष अदालत में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। आम दिनों के मुकाबले बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि और सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य ने कहा कि अदालत के फैसले की प्रति उपलब्ध होने के बाद शासन से विचार विमर्श किया जाएगा। शासन के निर्देश के अनुसार आगे कदम उठाया जाएगा।

जानें कौन हैं विधायक विजमा यादव
प्रतापपुर से सपा विधायक विजमा यादव कभी जिले के चर्चित माफिया और बाहुबली विधायक रहे जवाहर यादव उर्फ जवाहर पंडित की पत्नी हैं। जवाहर पंडित की विधायक रहते सिविल लाइन में हत्या कर दी गई थी, जिसमें करवरिया बंधुओं को उम्रकैद की सजा सुनवाई गई है। विजमा यादव तीसरी बार विधायक बनी हैं। वर्तमान में वह प्रतापपुर से विधायक हैं, उन्होंने अपना दल और भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी और यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. राकेशधर त्रिपाठी को शिकस्त दी थी। इसके पहले वह झूंसी से बार विधायक रह चुकी हैं।

फिलहाल जमानत पर हैं करवरिया बंधु
जवाहर यादव उर्फ पंडित को 13 अगस्त 1996 को गोलियों से भून दिया गया था। इस मामले में जिला अदालत ने पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, उनके भाई पूर्व विधायक उदयभान व पूर्व एमएलसी सूरजभान और रिश्तेदार रामचंद्र उर्फ कल्लू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जवाहर पंडित की पत्नी विजमा यादव समाजवादी पार्टी से विधायक हैं। हत्यारोपी करवरिया बंधु फिलहाल पेरोल पर बाहर हैं।

पहली बार एके 47 से तड़तड़ाई थीं गोलियां
विधायक विजमा के पति जवाहर यादव उर्फ पंडित को बेहद सनसनीखेज तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया था। जिले की यह पहली वारदात थी, जिसमें एके-47 का इस्तेमाल हुआ था और गोलियों की तड़तड़ाहट से सिविल लाइंस थर्रा उठा था। 23 साल बाद इस मामले में चार नवंबर 2019 को करवरिया बंधुओं को सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद से वह नैनी जेल में निरुद्ध हैं।

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