{"_id":"62dee7a25e20a27b496a33e6","slug":"dead-bodies-buried-in-the-sand-of-the-ganges-will-get-salvation-by-fire","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रयागराज : गंगा की रेत में दफनाए शवों को मुखाग्नि से मिलेगा मोक्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रयागराज : गंगा की रेत में दफनाए शवों को मुखाग्नि से मिलेगा मोक्ष
Tue, 26 Jul 2022 12:27 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 26 Jul 2022 12:27 AM IST
सार
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सैकड़ों की संख्या में अपनों के शवों को रेत में दबा देने और आर्थिक संकट की वजह से बिना अंतिम संस्कार के छोड़े जाने के बाद सरकार की किरकिरी किसी से छिपी नहीं रही है।
विज्ञापन
prayagraj news : सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगा में गिरने वाले नालों को अब तक भले बंद न किया जा सका हो, लेकिन पतितपावनी के तटों पर रेत समाधि दिए जाने वाले शवों को बाढ़ के साथ निर्मल धारा में नहीं बहने दिया जाएगा। ऐसे शवों के अंतिम संस्कार के लिए दो कमेटियां गठित कर दी गई हैं। पारंपरिक रीति से ऐसे शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। ताकि, गंगा को निर्मल बनाने के साथ ही रेत में दबे शवों को मोक्ष दिलाया जा सके।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सैकड़ों की संख्या में अपनों के शवों को रेत में दबा देने और आर्थिक संकट की वजह से बिना अंतिम संस्कार के छोड़े जाने के बाद सरकार की किरकिरी किसी से छिपी नहीं रही है। तब फाफामऊ, छतनाग श्मशान घाटों पर रेत में शवों को दफनाने पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन, एक बार फिर वहां शवों को दफनाया जाने लगा है। गंगा की रेत में दफनाए जा रहे शव बाढ़ की वजह से कटान का दायरा बढ़ने से कुछ जगहों पर दिखाई पड़ जा रहे हैं। ऐसे शवों को कुत्तों और अन्य शिकारी जानवरों के नोचने की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन
ये शव गंगा के प्रवाह के साथ बहने न पाएं, इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने अफसरों की कमेटी गठित कर जिम्मेदारी तय कर दी है। नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग ने इसके लिए अपर नगर आयुक्त रत्नप्रिया को नोडल अफसर नियुक्त कर दिया है। साथ ही जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह को शवों को मुखाग्नि देने और परंपरागत तरीके से अंतिम संस्कार की रस्म निभाने की जिम्मेदारी दी गई है। इनके साथ दो और अफसर लगाए गए हैं। इतना ही नहीं सुबह-शाम दो पाली में चार कर्मचारियों की टीम श्मशान घाट पर पहला भी देगी, ताकि शवों को बहने से रोका जा सके।
विज्ञापन
फाफामऊ श्मशान घाट पर शवों को रेत में दफनाए जाने की जानकारी मिली है। ऐसे शवों को गंगा में न बहने देने का संकल्प लिया गया है। इसके लिए उन शवों का अंतिम संस्कार कराया जाएगा। - चंद्र मोहन गर्ग, नगर आयुक्त।