फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Danpatron reached the black money

दानपात्रों में पहुंच गया काला धन

Mon, 14 Nov 2016 01:05 AM IST
विजय सक्सेना, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विजय सक्सेना, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 14 Nov 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
Danpatron reached the black money
ब्लैक मनी
पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद काली कमाई रखे लोगों ने धार्मिक स्थलों का रुख किया है। शहर के कई बड़े व्यापारी, बिल्डर, डॉक्टर आदि धार्मिक स्थलों के प्रबंधन से सांठ-गांठ कर पांच सौ और हजार के नोट सौ, 50, 20, 10 के नोटों से बदल रहे हैं। इसके साथ दानपात्र में आने वाले 10, पांच, दो और एक के सिक्के भी बदले जा रहे हैं। शहर में कई बड़े धार्मिक स्थल हैं। चर्चा यह भी है कि पिछले तीन चार दिनों में यहां से 12 करोड़ से अधिक के पांच सौ और हजार के नोट बदले जा चुके हैं।
विज्ञापन


दानपात्रों में आने वाले चढ़ावे का पूरा हिसाब-किताब वहां का प्रबंधन रखता है। चढ़ावे की यह रकम रोज नहीं निकाली जाती, बल्कि सप्ताह, 15 दिन या फिर एक माह में दानपात्र खाली किया होता है। इसके बाद रकम की गिनती कर प्रबंधन उसे धार्मिक संस्था के नाम से खुले बैंक खाते में जमा करता है। आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और हजार के नोट बंद करने का फरमान जारी किया तो घरों में काली कमाई रखने वालों में हड़कंप मच गया।

विज्ञापन


बाद में वित्त मंत्रालय ने यह भी घोषणा की कि धार्मिक  स्थलों पर रखे दानपात्र में आठ नवंबर तक चढ़ावे के रूप में एकत्र पांच सौ और हजार के नोट को प्रबंधन द्वारा संस्था के बैंक खातों में जमा करने पर किसी तरह की पूछताछ नहीं होगी। इसी का फायदा उठाकर काली कमाई करने वाले कई लोगों ने शहर के बड़े धार्मिक स्थलों का रुख किया है और पिछले दो-तीन दिन में वहां से पांच सौ और हजार के 12 करोड़ रुपये से अधिक देकर छोटे नोट और सिक्के ले लिए। कर एवं वित्त सलाहकार डॉ.पवन जायसवाल का कहना है कि यह संभव है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन


‘धार्मिक स्थलों का भी आयकर निर्धारण होता है लेकिन उसके नाम की संस्था का आयकर में धारा 12अ के तहत रजिस्ट्रेशन होने के कारण आय पर टैक्स में छूट का प्रावधान है।’ डॉ.निधि पी सिंह, कर अधिवक्ता एवं कर सलाहकार


‘मथुरा समेत कई शहरों से इस तरह के मामले सामने आए हैं, लेकिन शहर की किसी भी धार्मिक संस्था ने अभी तक मोटी रकम बैंक खाते में नहीं जमा की है। ऐसे में धार्मिक स्थलों से काली कमाई बदलने के मामले में कुछ भी नहीं कहा जा सकता।’ अरविंद कुमार गुप्ता, सहायक महाप्रबंधक, एसबीआई त्रिवेणी शाखा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed