Prayagraj : डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट करने समेत 14 लोगों से 1.68 करोड़ की ठगी, साइबर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
झूंसी के डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट करने समेत 14 लोगों से 1.68 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के डीप फेक वीडियो का प्रयोग कर शेयर-बाजार में निवेश, लिंक, एप डाउनलोड, टास्क समेत अलग-अलग तरीकों से पीड़ितों को चपत लगा दी।
विस्तार
झूंसी के डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट करने समेत 14 लोगों से 1.68 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। ठगों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के डीप फेक वीडियो का प्रयोग कर शेयर-बाजार में निवेश, लिंक, एप डाउनलोड, टास्क समेत अलग-अलग तरीकों से पीड़ितों को चपत लगा दी। साइबर थाना पुलिस ने सभी मामलों में एफआईआर दर्ज की है।
झूंसी के डॉ. चंद्रमा प्रसाद शर्मा (60) ने पुलिस को बताया कि 28 सितंबर को अंजान नंबर से व्हॉट्सएप पर वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर अपना नाम गोपीश कुमार बताया। कहा कि उन्हाेंने आधार कार्ड का दुरुपयोग कर बैंक ऑफ बड़ौदा में एक फर्जी खाता खोला है। इसके माध्यम से लगभग 20 करोड़ का अवैध लेनदेन किया गई है।इसके बाद खुद को बैंक मैनेजर बताने वाले मोहम्मद नवाब मलिक से बात हुई।
उसने डराकर कुल 10.29 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। वहीं, ओल्ड बैरहना निवासी अश्विनी वोहरा ने पुलिस को बताया कि उनके व्हॉट्सएप पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण व नारायण मूर्ति का एक वीडियो आया। इसमें शेयर बाजार में निवेश करने की बात कही गई थी। इसके बाद एक व्यक्ति का फोन आया और उसने कहा कि उसकी कंपनी लंदन में पंजीकृत है। इस झांसे में आकर उन्होंने 40 लाख रुपये निवेश कर दिए।
केस-एक
शिवकुटी निवासी संत लाल यादव ने बताया कि जानसेनगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक में उनका खाता है। व्हाॅट्सएप पर अंजान मोबाइल नंबर से जीवन प्रमाणपत्र अपडेट करने के लिए फोन आया। झांसे में लेकर शातिर ने एपीके फाइल को डाउनलोड करवाने के लिए लिंक पर क्लिक करने को कहा। जैसे ही लिंक पर क्लिक किया तो मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद खाते से 4.61 लाख रुपये निकाल लिए गए।
केस-दो
शाहपुर पीपलगांव निवासी गिरीश कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके व्हॉट्सएप पर घर बैठे ऑनलाइन कमाई करने का एक मैसेज प्राप्त हुआ। संपर्क करने पर सामने वाले ने यूनिकलो कोरिया नाम की एक साइट पर आईडी बनवा दी। इसमें बैलेंस रखने के लिए कहा गया। दिए गए बैंक खाते में कई बार में कुल 13.52 लाख रुपये जमा करवा दिए लेकिन अब रुपये निकल नहीं रहे हैं। झांसा दिया गया कि वर्किंग सिविल डाउन है।
केस-तीनमिंटो रोड निवासी नंद किशोर प्रसाद ने पुलिस को बताया कि उनके कुरियर के लिए बैंक खाते की जानकारी मांगी गई। इसके बाद खाते से पहले पांच रुपये और फिर कई बार में कुल छह लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। साइबर थाना पुलिस ने बैंक खाता नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
केस-चार
मूलरूप से प्रतापगढ़ के किलाई निवासी विजय शंकर मौर्या ने पुलिस को बताया कि व्हॉट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन गूगल ऐड से रुपये कमाने का लालच दिया गया। इसके बाद उन्हें टेलीग्राम के एक ग्रुप में जोड़कर खाता खोला गया और इसमें रकम जमा करने को कहा गया। शातिरों ने कई बार में कुल 7.94 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। अब तकनीकी दिक्कत बताकर और रुपये मांगे जा रहे हैं।
केस-पांच
कानपुर रोड निवासी शैली गांगुली ने पुलिस को बताया कि शातिरों ने टेलीग्राम के माध्यम से टास्क पूरा कर रुपये कमाने का लालच दिया। पहले एक हजार रुपये जमा करने पर 1200 रुपये दिए। झांसे में लेकर 15 हजार और जमा करवा लिए लेकिन जब रुपये नहीं आए तो 50 हजार रुपये और जमा करने पर ही शेष राशि निकलने का झांसा दिया गया। इस तरह झांसे में लेकर कुल 15.83 लाख रुपये की चपत लगा दी।
केस-छह
सोहबतियाबाग निवासी अनुराग सिंह ने पुलिस को बताया कि मोबाइल फोन पर एक लिंक आया। शेयर-बाजार में निवेश करने अधिक मुनाफा देने का लालच दिया गया। टेलीग्राम के माध्यम से उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा गया फिर उन्होंने कुल 6.59 लाख रुपये जमा कर दिया। लेकिन अब कंपनी उनके रुपये लेकर रफूचक्कर हो गई है।
केस-सात
मम्मोर्डगंज निवासी अंकित अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि शेयर बाजार में रुपये निवेश करने के लिए फेसबुक पर ग्रो नाम का एक विज्ञापन देखा। इसके बाद खुद को कंपनी की कर्मचारी बताने वाली अभिलाषा बिष्ट नाम की युवती से फोन पर संपर्क हुआ। स्टॉक में निवेश की जानकारी देकर झांसे में लेकर 7.80 लाख रुपये का निवेश करवाया। लालच दिया गया कि 24 लाख रुपये का लाभ होगा। अब रुपये निकलने पर कमीशन मांगा जा रहा है।
केस-आठ
कटघर के काशी राजनगर निवासी कारोबारी विजय कुमार केसरवानी ने बताया कि कैंपा कोला की एजेंसी लेने के लिए इंटरनेट से नंबर निकाला। पंकज कोला के नाम से मोबाइल नंबर मिला। संपर्क किया तो व्हॉट्सएप पर फ्रेंचाइजी लेने के बारे में सारी जानकारी देकर एक फॉर्म भरकर ई-मेल करने का कहा गया। दो दिन बाद लक्ष्य चौधरी के नाम से युवक का फोन आया। अप्रूवल की बात कहकर 1.18 लाख रुपये रजिस्ट्रेशन, 10 लाख सिक्योरिटी मनी और स्टॉक के नाम पर सात लाख रुपये जमा करवा लिए। इसके बाद एक व्यक्ति दुकान पर साइट विजिट पर आया। थोड़ी देर बाद फिर फोन आया व 3.99 लाख रुपये और ले लिए। इस तरह से कुल 22.17 लाख रुपये की ठगी हो गई।
केस-नौ
कीडगंज के बाई का बाग निवासी लोहा कारोबारी प्रकाश चंद्र साहू ने पुलिस को बताया कि 22 जुलाई 2025 को उनके पास अंजान मोबाइल नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि आपको लोहा शीट का माल चाहिए तो उचित रेट पर मिल जाएगा। दोनों के बीच 30 टन लोहा चादर की डील हुई। इसके लिए आठ लाख रुपये दिए लेकिन न तो लोहा शीट भेजी गई और न ही रुपये वापस किए गए।
केस-10
सलोरी चांदपुर निवासी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस को बताया कि तीन नवंबर को उनके मोबाइल फोन पर जीवन प्रमाणपत्र के लिए फोन आया था। इसके बाद वह पेंशन के लिए गोविंदपुर स्थित पीएनबी बैंक गए थे। उसी दिन शाम करीब 5:15 बजे फोन आया कि जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन प्रमाणित होगा। इसके बाद व्हाॅट्सएप वीडियो कॉल कर फोटो लिया गया और फिर एपीके फाइल भेज कर उस पर क्लिक करने को कहा गया। क्लिक करने के बाद खाते से पहले पांच और फिर दो लाख रुपये निकाल लिए गए।
केस- 11
फाफामऊ के नई बस्ती निवासी शिवधर दुबे ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर शातिर ने फोन करके कस्टमर सपोर्ट एप्लीकेशन एप डाउन लोड करवा दिया। इसके बाद मोबाइन फोन हैक हो गया। थोड़ी देर बाद देखा कि बैंक खाते से 6.96 लाख रुपये निकल गए।
केस-12
करछना के डीहा गांव निवासी मनोज कुमार यादव ने पुलिस को बताया कि व्हॉट्सएप पर एक मैसेज प्राप्त हुआ जिसमें शेयर बाजार में निवेश कराकर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। इसके बाद मोबाइल नंबर को टेलीग्राम के एक ग्रुप में जोड़कर दिया गया। फिर वेबसाइट के माध्यम से 18 लाख रुपये जमा करवा लिए गए।