Cyber Fraud : क्यूआर कोड भेजकर कहा- पेमेंट रिसीव करिए, स्कैन करते ही खाते से 54 हजार उड़ा दिए
कॉल करने वाले ने खुद को सेना का जवान बताया। साथ ही कहा कि वह मकान किराये पर लेना चाहता है। इसके बाद उसने कहा कि वह एडवांस पेमेंट करना चाहता है। उसने एक क्यूआर कोड भेजा और कहा कि इसे स्कैन करते ही रकम आपके खाते में पहुंच जाएगी।
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साइबर ठगों ने जार्जटाउन में रहने वाली ऋतु सिंह को क्यूआर कोड भेजकर उनके खाते से 54 हजार रुपये उड़ा दिए। यह रकम तीन बार में उड़ाई गई। इसके अलावा दो अन्य लोगों के खाते से भी हजारों रुपये पार कर दिए। ऋतु पुत्री अरविंद कुमार सिंह सोहबतियाबाग में रहती है। पुलिस को बताया कि मकान किराये पर देने के लिए उसने 99 एकड़ एप पर रजिस्टर किया था। एक दिन अज्ञात नंबर से कॉल आई।
कॉल करने वाले ने खुद को सेना का जवान बताया। साथ ही कहा कि वह मकान किराये पर लेना चाहता है। इसके बाद उसने कहा कि वह एडवांस पेमेंट करना चाहता है। उसने एक क्यूआर कोड भेजा और कहा कि इसे स्कैन करते ही रकम आपके खाते में पहुंच जाएगी। ऋतु ने जैसे ही क्यूआर कोड स्कैन किया, उसके खाते से तीन बार में 18-18 हजार रुपये करके कुल 54 हजार रुपये निकाल लिए। पेमेंट फोनपे के जरिये हुआ। इसके बाद भुक्तभोगी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिसके आधार पर जार्जटाउन थाने में अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
निवेश के नाम पर पहले दिए रिटर्न, फिर 80 हजार ठगे
इसी तरह तुलारामबाग निवासी पीयूष तिवारी के खाते से 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने बताया कि टेलीग्राम पर एक दिन उसके पास अज्ञात नंबर से मैसेज आया। फिर टेलीग्राम कॉलिंग के जरिये बात भी हुई। कॉल करने वाले ने निवेश पर आकर्षक रिटर्न की बात कही। इसके बाद छोटे निवेश पर कई बार रिटर्न भी दिया। इस तरह से उन्हें भरोसे में लेकर बड़ी रकम निवेश करा ली। इसके बाद रिटर्न देने का झांसा देकर बार-बार रुपये जमा कराते चले गए। इस तरह से 80 हजार रुपये हड़प लिए। उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए साइबर ठग के खाते में रकम फ्रीज भी करा दी, लेकिन बैंक की हीलाहवाली के चलते अब तक उन्हें रकम वापस नहीं मिल सकी।
ऐसे फंसाते हैं जाल में
एडीजी प्रेमप्रकाश बताते हैं कि सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि क्यूआर कोड पेमेंट करने के लिए होता है। कोई इसके जरिये रुपये देने की बात कहे तो समझ लें कि वह आपके साथ धोखाधड़ी करना चाहता है। ऐसे में बिना जांचे परखे किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन न करें। इसके साथ ही यूपीआई पिन के जरिये भी ठगी की घटनाएं होती हैं। साइबर ठग आपको झांसे में लेकर यूपीआई पिन डालने को कहता है और ऐसा करते ही खाता खाली हो जाता है। कई बार लिंक भेजकर ठगी की जाती है। दरअसल लिंक के डिटेल में तो कुछ और लिखा होता है जबकि वास्तव में लिंक पेमेंट के लिए होता है। लोग लिंक की डिटेल देखते हैं जिसमें फॉर पेमेंट रिसीव लिखा होता है, लेकिन इस पर क्लिक करते ही रकम उड़ा दी जाती है।
आप हुए हैं साइबर ठगी के शिकार तो हमसे साझा करें जानकारी
अगर आप साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं तो कैसे हुए, ठग ने क्या कहा, उसके बाद क्या रकम वापस मिली या नहीं। यह जानकारी हमसे इस नंबर 7617566162 पर व्हाट्सएप पर साझा कर सकते हैं। हम आपसे मिली जानकारी को प्रकाशित कर अन्य लोगों को सचेत करने की कोशिश करेंगे।