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Prayagraj News: महाकुंभ में बसेगा संस्कृति ग्राम,75 देशों से आएंगे श्रद्धालु
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प्रयागराज। महाकुंभ में इस बार देश भर की संस्कृतियों के समागम के लिए पांच एकड़ एरिया में संस्कृति ग्राम बसाया जाएगा। यह संस्कृति ग्राम कई मायने में खास होगा। यहां 58 दिनों तक देश के हर राज्य की संस्कृतियों का मिलन होगा।
इस संस्कृति ग्राम में ऑग्युमेंटेड रिएलिटी (एआर) और वर्चुअल रिएलिटी (वीआर) के जरिए महाकुंभ के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहलुओं को दर्शाया जाएगा। मेला क्षेत्र में 30 भव्य थिमेटिक गेट का भी निर्माण होगा, जो त्रिशूल, स्वास्तिक, कल्पवृक्ष, डमरू की आकृतियों पर आधारित होगा।
मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के तौर पर है चिह्नित, 75 देशों के जुटेंगे लोग
यूनेस्को की ओर से महाकुंभ को मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के तौर पर चिह्नित किया गया है, ऐसे में यहां दुनिया के 75 देशों से 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है। यही कारण है कि आयोजन को इसी अनुपात में भव्य बनाने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग की ओर से मेला क्षेत्र में भव्य संस्कृति ग्राम का निर्माण कराया जाएगा। उप निदेशक पर्यटन के मुताबिक संस्कृति ग्राम में 20 तरह की प्रदर्शनी लगेंगी।इसमें हस्तकला -शिल्प को तरजीह दी जाएगी।
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संस्कृति ग्राम को ऑग्युमेंटेड रिएलिटी व वर्चुअल रिएलिटी का हब भी बनाया जाएगा। यहां महाकुंभ के पौराणिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया जाएगा। विभिन्न कालखंडों में महाकुंभ की यात्रा को इन माध्यमों से सजाया जाएगा। संस्कृति ग्राम जोनवाइज बसेगा। इसमें एन्शियंट हेरिटेज और माइथोलॉजी, हिस्टोरिकल ट्रैवलर्स के आलेख, एस्ट्रोलॉजिकल साइंस, परफॉर्मिंग आर्ट्स और इंटेरैक्टिव वर्कशॉप क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे।
आयुर्वेद, ज्योतिष और प्राचीन विश्वविद्यालयों का भी होगा उल्लेख
संस्कृति ग्राम में महाराजा हर्षवर्धन की ओर से कुंभ आयोजन के लिए दिए गए दान, एआर माध्यम से सभी स्थलों की विशेषता, उनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक प्रारूपों को टचस्क्रीन इंटरैक्टिव कियोस्क और मल्टीमीडिया डिस्प्ले, मोबाइल एप इंटीग्रेशन के साथ लाइव स्ट्रीमिंग वर्चुअल टूर्स जैसे फीचर्स से लैस किया जाएगा। प्रदर्शनी स्थलों पर वेद, पुराण और चरक संहिता व प्राचीन ज्योतिषीय शास्त्रों को उल्लेखित किया जाएगा। इस दौरान भारत के प्राचीन विश्वविद्यालयों का भी जिक्र किया जाएगा। वहीं, मेन स्टेज पर क्लासिकल व फोक डांस व म्यूजिक की प्रतिदिन विशिष्ट प्रस्तुतियां होंगी। इसके अतिरिक्त, थिएट्रिकल परफॉर्मेंस, फूड स्टॉल्स, कुकिंग डेमॉन्सट्रेशंस, क्राफ्ट वर्कशॉप व डांस-म्यूजिक वर्कशॉप्स का आयोजन किया जाएगा। विजिटर्स के लिए इन्फॉर्मेशन सेंटर, गाइडेड टूर्स की सुविधा भी होगी।
अलग-अलग थीम पर आधारित होंगे 30 द्वार
महाकुंभ मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा 30 भव्य द्वारों का निर्माण कराया जाएगा। इनके नाम महाकुंभ लोगो द्वार, त्रिशूल द्वार, स्वास्तिक द्वार, डमरू द्वार, शंख द्वार, महाकुंभ -2025 द्वार, सूर्य द्वार, देवा दल द्वार, कमल द्वार, गदा द्वार, धनुष द्वार, गंगा द्वार, कौस्तुभ द्वार, कामधेनु द्वार, लक्ष्मी द्वार, ओम द्वार, नंदी द्वार, संगम द्वार, नाग वासुकी द्वार, शिवलिंग द्वार, चंद्र द्वार, कलश द्वार, सुदर्शन चक्र द्वार, 14 रत्न कथा द्वार, ऐरावत द्वार, कच्छप द्वार, कल्पवृक्ष द्वार, समुद्र मंथन द्वार, रुद्राक्ष द्वार व अश्व द्वार हैं। इन सभी द्वारों पर सेल्फी प्वॉइंट, लैंप पोस्ट व पोर्टेबल टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन सभी द्वारों को थीम के अनुरूप निर्मित किया जाएगा जो इनके महत्व को दर्शाने के साथ ही टूरिस्ट अट्रैक्शन व फुटफॉल एरिया के तौर पर भी कार्य करेगा।
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इस संस्कृति ग्राम में ऑग्युमेंटेड रिएलिटी (एआर) और वर्चुअल रिएलिटी (वीआर) के जरिए महाकुंभ के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहलुओं को दर्शाया जाएगा। मेला क्षेत्र में 30 भव्य थिमेटिक गेट का भी निर्माण होगा, जो त्रिशूल, स्वास्तिक, कल्पवृक्ष, डमरू की आकृतियों पर आधारित होगा।
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मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के तौर पर है चिह्नित, 75 देशों के जुटेंगे लोग
यूनेस्को की ओर से महाकुंभ को मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के तौर पर चिह्नित किया गया है, ऐसे में यहां दुनिया के 75 देशों से 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों के आने का अनुमान है। यही कारण है कि आयोजन को इसी अनुपात में भव्य बनाने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग की ओर से मेला क्षेत्र में भव्य संस्कृति ग्राम का निर्माण कराया जाएगा। उप निदेशक पर्यटन के मुताबिक संस्कृति ग्राम में 20 तरह की प्रदर्शनी लगेंगी।इसमें हस्तकला -शिल्प को तरजीह दी जाएगी।
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संस्कृति ग्राम को ऑग्युमेंटेड रिएलिटी व वर्चुअल रिएलिटी का हब भी बनाया जाएगा। यहां महाकुंभ के पौराणिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया जाएगा। विभिन्न कालखंडों में महाकुंभ की यात्रा को इन माध्यमों से सजाया जाएगा। संस्कृति ग्राम जोनवाइज बसेगा। इसमें एन्शियंट हेरिटेज और माइथोलॉजी, हिस्टोरिकल ट्रैवलर्स के आलेख, एस्ट्रोलॉजिकल साइंस, परफॉर्मिंग आर्ट्स और इंटेरैक्टिव वर्कशॉप क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे।
आयुर्वेद, ज्योतिष और प्राचीन विश्वविद्यालयों का भी होगा उल्लेख
संस्कृति ग्राम में महाराजा हर्षवर्धन की ओर से कुंभ आयोजन के लिए दिए गए दान, एआर माध्यम से सभी स्थलों की विशेषता, उनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक प्रारूपों को टचस्क्रीन इंटरैक्टिव कियोस्क और मल्टीमीडिया डिस्प्ले, मोबाइल एप इंटीग्रेशन के साथ लाइव स्ट्रीमिंग वर्चुअल टूर्स जैसे फीचर्स से लैस किया जाएगा। प्रदर्शनी स्थलों पर वेद, पुराण और चरक संहिता व प्राचीन ज्योतिषीय शास्त्रों को उल्लेखित किया जाएगा। इस दौरान भारत के प्राचीन विश्वविद्यालयों का भी जिक्र किया जाएगा। वहीं, मेन स्टेज पर क्लासिकल व फोक डांस व म्यूजिक की प्रतिदिन विशिष्ट प्रस्तुतियां होंगी। इसके अतिरिक्त, थिएट्रिकल परफॉर्मेंस, फूड स्टॉल्स, कुकिंग डेमॉन्सट्रेशंस, क्राफ्ट वर्कशॉप व डांस-म्यूजिक वर्कशॉप्स का आयोजन किया जाएगा। विजिटर्स के लिए इन्फॉर्मेशन सेंटर, गाइडेड टूर्स की सुविधा भी होगी।
अलग-अलग थीम पर आधारित होंगे 30 द्वार
महाकुंभ मेला क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा 30 भव्य द्वारों का निर्माण कराया जाएगा। इनके नाम महाकुंभ लोगो द्वार, त्रिशूल द्वार, स्वास्तिक द्वार, डमरू द्वार, शंख द्वार, महाकुंभ -2025 द्वार, सूर्य द्वार, देवा दल द्वार, कमल द्वार, गदा द्वार, धनुष द्वार, गंगा द्वार, कौस्तुभ द्वार, कामधेनु द्वार, लक्ष्मी द्वार, ओम द्वार, नंदी द्वार, संगम द्वार, नाग वासुकी द्वार, शिवलिंग द्वार, चंद्र द्वार, कलश द्वार, सुदर्शन चक्र द्वार, 14 रत्न कथा द्वार, ऐरावत द्वार, कच्छप द्वार, कल्पवृक्ष द्वार, समुद्र मंथन द्वार, रुद्राक्ष द्वार व अश्व द्वार हैं। इन सभी द्वारों पर सेल्फी प्वॉइंट, लैंप पोस्ट व पोर्टेबल टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन सभी द्वारों को थीम के अनुरूप निर्मित किया जाएगा जो इनके महत्व को दर्शाने के साथ ही टूरिस्ट अट्रैक्शन व फुटफॉल एरिया के तौर पर भी कार्य करेगा।