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Prayagraj News: कर्ज लेकर तैयार की थी फसल, बारिश ने बिगाड़ा गणित
Mon, 28 Sep 2026 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Mon, 28 Sep 2026 02:27 AM IST
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फूलपुर के गुलचपा गांव में बारिश और तेज हवा के बाद खेत में जमीन पर बिछी धान की फसल।
तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश और तेज हवा ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवा के कारण जमीन पर बिछ गई। खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
फूलपुर क्षेत्र के करुआडीह, बसना, बरेस्ता, प्रतापपुर, जमुवा, सराय हरिराम, वरुणा बाजार, कोडापुर, रुदापुर और बाबूगंज समेत कई गांवों में धान की फसल प्रभावित हुई है।
कहीं पूरी फसल जमीन पर बिछ गई है, तो कहीं धान की बालियां पानी में डूबी हुई हैं। कटाई के समय बारिश होने से किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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किसान रामफेर, बाबूलाल, शिवशंकर, राम पदारथ, राजकुमार गुड्डू ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर धान की खेती की थी।
खाद, बीज, जोताई और सिंचाई पर काफी खर्च किया। उम्मीद थी कि अच्छी पैदावार होगी तो कर्ज चुकाने के साथ परिवार की जरूरतें भी पूरी हो जाएंगी, लेकिन बारिश और हवा ने तैयार फसल को खेत में ही गिरा दिया। किसानों का कहना है कि गिरी और भीगी फसल की कटाई में अतिरिक्त खर्च आएगा और दाने की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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फूलपुर क्षेत्र के करुआडीह, बसना, बरेस्ता, प्रतापपुर, जमुवा, सराय हरिराम, वरुणा बाजार, कोडापुर, रुदापुर और बाबूगंज समेत कई गांवों में धान की फसल प्रभावित हुई है।
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कहीं पूरी फसल जमीन पर बिछ गई है, तो कहीं धान की बालियां पानी में डूबी हुई हैं। कटाई के समय बारिश होने से किसानों के सामने फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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किसान रामफेर, बाबूलाल, शिवशंकर, राम पदारथ, राजकुमार गुड्डू ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर धान की खेती की थी।
खाद, बीज, जोताई और सिंचाई पर काफी खर्च किया। उम्मीद थी कि अच्छी पैदावार होगी तो कर्ज चुकाने के साथ परिवार की जरूरतें भी पूरी हो जाएंगी, लेकिन बारिश और हवा ने तैयार फसल को खेत में ही गिरा दिया। किसानों का कहना है कि गिरी और भीगी फसल की कटाई में अतिरिक्त खर्च आएगा और दाने की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।