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जांच को पहुंचे यूको बैंक के शीर्ष अफसर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 05 May 2018 01:04 AM IST
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यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में लॉकर तोड़कर चोरी के मामले में अफसर पुलिस की जांच पर निर्भर हैं। शुक्रवार को बैंक के शीर्ष अफसर शाखा में पहुंचे। उन्हाेंने वहां के अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ भी की, लेकिन चोरी को लेकर उन्हें किसी तरह का सुराग नहीं मिला। उनका कहना है कि बैंक तथा अफसरों के स्तर पर किसी तरह की कमी अभी सामने नहीं आई है।
बैंक की ओर से भी घटना के लिए जांच टीम बनाई गई है। इसी क्रम में वाराणसी से आए जोनल मैनेजर मनोज कुमार आनंद ने स्थानीय अफसरों और कर्मचारियों से घटना की बाबत जानकारी ली। उन्होंने शाखा तथा स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के बारे में भी पूछा। जोनल मैनेजर का कहना था कि बैंक के स्तर पर जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन की भी जांच में हर तरह से सहयोग किया जा रहा है। उनका कहना था कि घटना को अंजाम देने में बैंक के किसी अफसर और कर्मचारी के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है।
लॉकर देखने के लिए यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में ग्राहकों के पहुंचने का क्रम चोरी की घटना के चार दिन बाद भी जारी रहा। दो दिन के प्रयास के बावजूद ये लोग लॉकर नहीं देख पाए थे और उनकी धड़कनें बढ़ी हुई थीं। हालांकि, शुक्रवार को लॉकर में अपना पूरा सामान सुरक्षित पाकर उन्होंने राहत महसूस की। तोड़ने की कोशिश में क्षतिग्रस्त हो गए कई लॉकर ग्राहकों की मौजूदगी में विशेषज्ञों ने खोले। चीफ मैनेजर मयंक सिंह का कहना है कि चोरों ने 17 लॉकर पूरी तरह से खाली कर दिए हैं। कई अन्य से भी छेड़छाड़ की थी, लेकिन सभी लॉकर में सामान सुरक्षित हैं।
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चोरों ने रविवार की रात में घटना को अंजाम दिया था, लेकिन जानकारी मंगलवार को बैंक खुलने पर हो पाई। बुधवार को सभी ग्राहकों को सूचना भेजकर लॉकर जांच के बुलाया गया था। चूंकि स्ट्रांग रूम में एक बार में एक ही ग्राहक को भेजा जा रहा था। इसकी वजह से बृहस्पतिवार को भी कई ग्राहकों को बिना लॉकर देखे वापस होना पड़ा था। वे लोग शुक्रवार को शाखा पहुंचे। हालांकि, अफसरों ने दिलासा दिलाया था कि उनके लॉकर सुरक्षित हैं, लेकिन सुकून लॉकर देखने के बाद ही मिला। हालांकि, इसके बावजूद बैंक की सुरक्षा पर से उनका भरोसा उठ गया है। सिविल लाइंस के अमरजीत का कहना था कि इस घटना से विश्वास टूट गया है। बैंक ही सुरक्षित नहीं हैं तो लोग कहां जाएं। शलभ बरबारी ने बताया कि उनका लॉकर सुरक्षित है लेकिन साथ में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
तीन दिन के बाद यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में शुक्रवार को भुगतान के अलावा अन्य काम शुरू हो गए। हालांकि, इसके लिए भी दूसरी शाखा की मदद लेनी पड़ी। चेक आदि का सिविल लाइंस शाखा में कलेक्शन हुआ लेकिन इंट्री नगर निगम शाखा में हुई। शाखा के मुख्य प्रबंधक ने बताया कि बीएसएनएल से बात की गई है। एक-दो दिन में बैंक में सभी सेवाएं सुचारू हो जाएंगी।
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बैंक की ओर से भी घटना के लिए जांच टीम बनाई गई है। इसी क्रम में वाराणसी से आए जोनल मैनेजर मनोज कुमार आनंद ने स्थानीय अफसरों और कर्मचारियों से घटना की बाबत जानकारी ली। उन्होंने शाखा तथा स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के बारे में भी पूछा। जोनल मैनेजर का कहना था कि बैंक के स्तर पर जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन की भी जांच में हर तरह से सहयोग किया जा रहा है। उनका कहना था कि घटना को अंजाम देने में बैंक के किसी अफसर और कर्मचारी के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है।
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लॉकर देखने के लिए यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में ग्राहकों के पहुंचने का क्रम चोरी की घटना के चार दिन बाद भी जारी रहा। दो दिन के प्रयास के बावजूद ये लोग लॉकर नहीं देख पाए थे और उनकी धड़कनें बढ़ी हुई थीं। हालांकि, शुक्रवार को लॉकर में अपना पूरा सामान सुरक्षित पाकर उन्होंने राहत महसूस की। तोड़ने की कोशिश में क्षतिग्रस्त हो गए कई लॉकर ग्राहकों की मौजूदगी में विशेषज्ञों ने खोले। चीफ मैनेजर मयंक सिंह का कहना है कि चोरों ने 17 लॉकर पूरी तरह से खाली कर दिए हैं। कई अन्य से भी छेड़छाड़ की थी, लेकिन सभी लॉकर में सामान सुरक्षित हैं।
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चोरों ने रविवार की रात में घटना को अंजाम दिया था, लेकिन जानकारी मंगलवार को बैंक खुलने पर हो पाई। बुधवार को सभी ग्राहकों को सूचना भेजकर लॉकर जांच के बुलाया गया था। चूंकि स्ट्रांग रूम में एक बार में एक ही ग्राहक को भेजा जा रहा था। इसकी वजह से बृहस्पतिवार को भी कई ग्राहकों को बिना लॉकर देखे वापस होना पड़ा था। वे लोग शुक्रवार को शाखा पहुंचे। हालांकि, अफसरों ने दिलासा दिलाया था कि उनके लॉकर सुरक्षित हैं, लेकिन सुकून लॉकर देखने के बाद ही मिला। हालांकि, इसके बावजूद बैंक की सुरक्षा पर से उनका भरोसा उठ गया है। सिविल लाइंस के अमरजीत का कहना था कि इस घटना से विश्वास टूट गया है। बैंक ही सुरक्षित नहीं हैं तो लोग कहां जाएं। शलभ बरबारी ने बताया कि उनका लॉकर सुरक्षित है लेकिन साथ में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
तीन दिन के बाद यूको बैंक की सिविल लाइंस शाखा में शुक्रवार को भुगतान के अलावा अन्य काम शुरू हो गए। हालांकि, इसके लिए भी दूसरी शाखा की मदद लेनी पड़ी। चेक आदि का सिविल लाइंस शाखा में कलेक्शन हुआ लेकिन इंट्री नगर निगम शाखा में हुई। शाखा के मुख्य प्रबंधक ने बताया कि बीएसएनएल से बात की गई है। एक-दो दिन में बैंक में सभी सेवाएं सुचारू हो जाएंगी।