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गंगा में डूबे दो चचेरे भाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 21 Apr 2016 02:14 AM IST
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गंगा में डूबे किश्ााोर काो ढूंढती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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तेलिया तारा गांव के दो चचेरे भाई बुधवार सुबह गोकुला गंगा घाट पर नदी में समा गए। गनीमत रही कि उनके साथ डूब रही युवती एक महिला की साड़ी पकड़कर किसी तरह बाहर निकल आई। पुुलिस ने गोताखोरों को बुलाकर गंगा में उतारा, जिन्होंने दोनों शव बाहर निकाले। डूबने वालों में एक अपने परिवार का इकलौता पुत्र था।
तेलिया तारा गांव में रहने वाले राजितराम भारतीय का पुत्र सुधीर भारतीय (10 वर्ष) बुधवार सुबह अपने चचेरे भाई शशि (8 वर्ष) और परिवार की बर्फी नामक युवती के साथ गोकुला घाट पर गंगा स्नान करने गया था। नहाते वक्त अचानक शशि गहरे पाने में जाकर डूबने-उतराने लगा। उसे बचाने के लिए बर्फी भी गहरे पानी में चली गई। यह देख सुधीर ने भी बचाने की कोशिश की मगर शशि समेत वे दोनों भी डूबने लगे।
घाट पर खड़ी एक महिला ने अपनी साड़ी का एक छोर पानी में फेंका तो उसे पकड़कर बर्फी बाहर निकल आई। मगर शशि और सुधीर गहरे पानी में समा गए। हल्ला मचा तो वहां भीड़ लग गई। गंगा में डूबे चचेरे भाईयों के परिवार के लोग भी रोते-कलपते पहुंच गए। पुलिस पहुंची और वहां गोताखोरों को बुलाया। कुछ देर की खोजबीन के बाद गोताखोरों ने गंगा में डूबे शशि और सुधीर का शव निकाला तो परिवार के लोग विलाप करने लगे। मृतकों में सुधीर दो भाइयों में छोटा था जबकि शशि माता-पिता का इकलौता पुत्र था। बुधवार सुबह की इस घटना ने दो परिवारों समेत पूरे गांव को गम में डुबो दिया।
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तेलिया तारा गांव में रहने वाले राजितराम भारतीय का पुत्र सुधीर भारतीय (10 वर्ष) बुधवार सुबह अपने चचेरे भाई शशि (8 वर्ष) और परिवार की बर्फी नामक युवती के साथ गोकुला घाट पर गंगा स्नान करने गया था। नहाते वक्त अचानक शशि गहरे पाने में जाकर डूबने-उतराने लगा। उसे बचाने के लिए बर्फी भी गहरे पानी में चली गई। यह देख सुधीर ने भी बचाने की कोशिश की मगर शशि समेत वे दोनों भी डूबने लगे।
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घाट पर खड़ी एक महिला ने अपनी साड़ी का एक छोर पानी में फेंका तो उसे पकड़कर बर्फी बाहर निकल आई। मगर शशि और सुधीर गहरे पानी में समा गए। हल्ला मचा तो वहां भीड़ लग गई। गंगा में डूबे चचेरे भाईयों के परिवार के लोग भी रोते-कलपते पहुंच गए। पुलिस पहुंची और वहां गोताखोरों को बुलाया। कुछ देर की खोजबीन के बाद गोताखोरों ने गंगा में डूबे शशि और सुधीर का शव निकाला तो परिवार के लोग विलाप करने लगे। मृतकों में सुधीर दो भाइयों में छोटा था जबकि शशि माता-पिता का इकलौता पुत्र था। बुधवार सुबह की इस घटना ने दो परिवारों समेत पूरे गांव को गम में डुबो दिया।
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