फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Then got 'Time Bomb', a sensation in Kent

फिर मिला ‘टाइम बम’, कैंट में मची सनसनी

Mon, 22 Jan 2018 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 22 Jan 2018 01:55 AM IST
विज्ञापन
Then got 'Time Bomb', a sensation in Kent
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
कैंट इलाके में रविवार दोपहर नेहरू पार्क स्थित पुलिया के पास किसी ने एक कैरीबैग में लाल टेप में लिपटा डिब्बा रख दिया। डिब्बे के साथ कंडेसर और कुछ तार आपस में जोड़े गए थे। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने यह देख टाइम बम का शोर मचा दिया और कुछ ही देर में पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर एसएसपी भी पहुंचे। बाद में बीडीएस ने जांच में पाया कि यह किसी की शरारत थी। डिब्बे के अंदर बालू भरी थी। अब पुलिस यह पता करने में जुटी है कि इसके पीछे कौन लोग हैं।
विज्ञापन


घटना करीब 2.30 बजे की है। पुलिस के मुताबिक धूमनगंज थाना क्षेत्र में नेहरू पार्क स्थित पुलिया के पास से वहीं का रहने वाला अभिषेक नामक  युवक  गुजरा तो उसे जूते का एक नया कैरीबैग दिखाई पड़ा। उसने बैग उठाकर देखा तो अंदर लाल रंग के टेप में लिपटा लाल डिब्बा था। इसमें पंखे का कंडेसर और मोबाइल फोन की टूटी एलसीडी स्क्रीन लगी थी, जिसे बिजली के पतले तार से आपस में जोड़ा गया था। यह देख कुछ राहगीर भी रुक गए और शोर मच गया कि यह टाइम बम है।
विज्ञापन


खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोग जुट गए। लोगों में दहशत फैल गई। आसपास रहने वाले लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। मामले की जानकारी मिली तो पुलिसवालों केे भी हाथ-पांव फूल गए। धूमनगंज इंस्पेक्टर कमलेश कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल कैंट थाना क्षेत्र में आता है, ऐसे में कैंट पुलिस को भी सूचना दी गई। जानकारी पर कैंट थाने से फोर्स पहुंची और इसके बाद बीडीएस को बुलाया गया। बम की सूचना एसएसपी को मिली तो वह भी पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बीडीएस के सदस्याें ने बम जैसी दिखने वाली चीज को खोलकर देखा तो पता चला कि किसी ने शरारतवश ऐसा किया था। डिब्बे में बालू भरी गई थी। यह बम जैसा दिखे, इसके लिए शरारती तत्वों ने कंडेसर और तार का इस्तेमाल किया था। इसके बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। सीओ सिविल लाइंस श्रीश्चन्द्र ने बताया कि  पता लगाया जा रहा है कि इसके पीछे किसका हाथ है।


बम के नाम पर शरारत का जिले में यह कोई पहला मामला नहीं। पिछले साल यमुनापार के मेजा रोड व अन्य इलाकों में भी इस तरह के कई मामले सामने आए थे। यहां तक कि शहर में महानगरी एक्सप्रेस में भी फर्जी बम मिलने की घटना से सनसनी फैल गई थी। एक के बाद एक हो रही घटनाओं ने पुलिस अफसरों को भी परेशान करके रख दिया था। अधिकतर घटनाओं में नकली बम के साथ धमकी भरा पत्र भी मिला था। पुलिस सूत्रों की मानें तो मिलान के बाद पता चला था कि अधिकांश पत्रों को एक ही व्यक्ति ने लिखा था। यानी हैंडराइटिंग एक थी। हालांकि लाख कोशिशों के बाद भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच सकी थी। मेजा रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास और मेजा रोड रेलवे स्टेशन स्थित ट्रैक पर नकली बम रखने के मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed