{"_id":"36e9665b83a7436f649a4ac599dd4701","slug":"theft-hindi-news-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात ताले तोड़ मंदिर से चार प्रतिमाएं की चोरी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सात ताले तोड़ मंदिर से चार प्रतिमाएं की चोरी
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 28 Jan 2015 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनापार में मेजा इलाके के कोहड़ार बाजार में बदमाशों ने मंगलवार रात प्राचीन जैन मंदिर से अष्टधातु की चार प्रतिमाएं चोरी कर लीं। चहारदीवारी फांदकर घुसे बदमाशों ने तीन दरवाजों के सात ताले तोड़ डाले थे। सुबह चोरी का पता चला तो जैन मंदिर के सैकड़ों भक्त वहां जुट गए। लोगों में चोरी से बेहद नाराजगी थी। उन्होंने कोहड़ार पुलिस चौकी को घेरकर गुस्सा जताया तो पुलिस ने तीन दिन की मोहलत मांगी। मौके पर खोजी कुत्ता भी बुलाया गया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अब पुलिस इलाके के संदिग्ध युवकों और पेशेवर चोरों को टटोलने में जुटी है।
कोहड़ार बाजार में प्राचीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर है। तकरीबन डेढ़ सौ साल पुराने इस मंदिर के चौतरफा चहारदीवारी है। मंदिर में प्रवेश के लिए तीन दरवाजे हैं जिनमें सात मजबूत ताले लगे रहते हैं। रोज रात पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद मंदिर की चाभियां कस्बे के रामकुमार जैन के घर में रखी जाती हैं। सुबह कोई भी चाभी मांगकर मंदिर के दरवाजे खोलकर सफाई और पूजा शुरू करता था। बुधवार सुबह सुशील जैन की पत्नी संजू जैन चाभी लेकर मंदिर पहुंची तो तीनों दरवाजे खुले थे। सभी सात ताले वहां टूटे पड़े थे।
संजू ने शोर मचाया तो वहां भीड़ लग गई। मंदिर में जाकर देखने पर पता चला कि ऋषभदेव, शांतिनाथ, पार्श्वनाथ, सिद्ध परमेष्ठी की प्रतिमाएं गायब हैं। ये सभी प्रतिमाएं अष्टधातु निर्मित हैं। मेजा थाने और कोहड़ार चौकी की पुलिस भी आ गई। छानबीन से पता चला कि बदमाशों ने सीढ़ी लगाकर चहारदीवारी पार की। फिर ताले तोड़कर चार प्रतिमाएं लेकर भाग गए। जैन समाज के लोगों ने विरोध में कोहड़ार चौकी को घेरकर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस रात में गश्त नहीं कर रही जिसकी वजह से चोरों ने आसानी से यह वारदात कर डाली। एसडीएम मेजा डॉ.विपिन मिश्र और सीओ राजवीर सिंह ने आक र लोगों से बात की। चौकी प्रभारी अमित पांडेय ने चोरों की धरपकड़ के लिए तीन दिन की मोहलत मांगी। तब जाकर करीब डेढ़ घंटे बाद चक्काजाम खत्म हुआ। वहां फील्ड यूनिट प्रभारी प्रेम भारतीय भी खोजी कुत्ते के साथ पहुंचे। मगर ऐसा कोई सुराग नहीं मिल सका जिससे चोरों के बारे में फौरन पता चल सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोहड़ार बाजार में प्राचीन पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर है। तकरीबन डेढ़ सौ साल पुराने इस मंदिर के चौतरफा चहारदीवारी है। मंदिर में प्रवेश के लिए तीन दरवाजे हैं जिनमें सात मजबूत ताले लगे रहते हैं। रोज रात पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद मंदिर की चाभियां कस्बे के रामकुमार जैन के घर में रखी जाती हैं। सुबह कोई भी चाभी मांगकर मंदिर के दरवाजे खोलकर सफाई और पूजा शुरू करता था। बुधवार सुबह सुशील जैन की पत्नी संजू जैन चाभी लेकर मंदिर पहुंची तो तीनों दरवाजे खुले थे। सभी सात ताले वहां टूटे पड़े थे।
विज्ञापन
संजू ने शोर मचाया तो वहां भीड़ लग गई। मंदिर में जाकर देखने पर पता चला कि ऋषभदेव, शांतिनाथ, पार्श्वनाथ, सिद्ध परमेष्ठी की प्रतिमाएं गायब हैं। ये सभी प्रतिमाएं अष्टधातु निर्मित हैं। मेजा थाने और कोहड़ार चौकी की पुलिस भी आ गई। छानबीन से पता चला कि बदमाशों ने सीढ़ी लगाकर चहारदीवारी पार की। फिर ताले तोड़कर चार प्रतिमाएं लेकर भाग गए। जैन समाज के लोगों ने विरोध में कोहड़ार चौकी को घेरकर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस रात में गश्त नहीं कर रही जिसकी वजह से चोरों ने आसानी से यह वारदात कर डाली। एसडीएम मेजा डॉ.विपिन मिश्र और सीओ राजवीर सिंह ने आक र लोगों से बात की। चौकी प्रभारी अमित पांडेय ने चोरों की धरपकड़ के लिए तीन दिन की मोहलत मांगी। तब जाकर करीब डेढ़ घंटे बाद चक्काजाम खत्म हुआ। वहां फील्ड यूनिट प्रभारी प्रेम भारतीय भी खोजी कुत्ते के साथ पहुंचे। मगर ऐसा कोई सुराग नहीं मिल सका जिससे चोरों के बारे में फौरन पता चल सकता।
विज्ञापन