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उपद्रव के दूसरे रोज सामान्य रहा माहौल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 23 Nov 2016 01:21 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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बेकाबू बस से कुचलकर छात्रा मोनिका राण की मौत के चलते सोमवार रात कई घंटे तक हुए उत्पात के बाद मंगलवार को तेलियरगंज इलाके में माहौल सामान्य रहा। तेलियरगंज में एक किलोमीटर के दायरे में कई थानों की पुलिस तैनात रही। दुर्घटना वाली जगह के आसपास कुछ गुमटियां और छोटी दुकानों की बंदी के अलावा पूरा बाजार सामान्य तौर पर खुला। पुलिस ने दुबारा बवाल की आशंका से एहतियात के तौर पर सोमवार आधी रात ही पोस्टमार्टम कराकर छात्रा का शव परिजनों को सौंप दिया था जो उसे लेकर अपने मूल निवास लखीमपुर खीरी जनपद रवाना हो गए।
डीएम कार्यालय में कार्यरत अर्चना राणा की छोटी बहनें मोनिका (19) और मिथिलेश (21) सोमवार शाम प्रयाग संगीत समिति से घर लौट रही थीं। वे दोनों टीबी अस्पताल के सामने उतरकर सामने कॉलोनी स्थित घर जाने के लिए सड़क पार करने लगीं तभी शहर से प्रतापगढ़ की ओर जा रही बस ने साइकिल और बाइक सवार को चपेट में लेने के बाद मोनिका को कुचल दिया। उसकी मौत हो गई। आरोप है कि पास में मौजूद पुलिसवाले भाग गए। इस पर गुस्साए लोगों ने बवाल काटा।
छह बस, एक टैंकर, चार बाइक और कई गुमटियां जला दीं। भीड़ तीन घंटे तक गदर काटती रही। दर्जनों गाड़ियों को तोड़ा। आखिर में पुलिस बल ने किसी तरह मोनिका का शव जबरन कब्जे में लेकर चीरघर भेजा था। दमकल दस्ते ने गाड़ियों में लगी आग बुझाई। पुलिस फोर्स, पीएसी तथा आरएएफ बुलाकर वहां तैनात कर दी गई। रात भर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की टुकड़ियां गश्त करती रहीं।
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पुलिस अफसरों को इस बात का खतरा सता रहा था कि मोनिका का शव अगर मंगलवार दिन में तेलियरगंज ले जाया गया तो भीड़ फिर उत्पात कर सकती है। यही वजह है कि पुलिस अफसरों ने सोमवार देर रात ही पंचनामा भराने के बाद मोनिका के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया। सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी ने बताया कि परिवार के लोग अंतिम संस्कार की खातिर मोनिका का शव लखीमपुर खीरी ले गए। तेलियरगंज बाजार में पांच थानों की पुलिस फोर्स की तैनाती के बीच मंगलवार को माहौल सामान्य रहा। कुछ गुमटियां बंद रही। बाकी पूरा बाजार खुला रहा।
तेलियरगंज में सोमवार रातके उपद्रव में शिवकुटी थाने में दो मुकदमे लिखे गए हैं। एक एफआईआर छात्रा मोनिका को कुचलकर मारने के आरोप में अज्ञात बस ड्राइवर के खिलाफ लिखी गई है। दूसरा केस थानाध्यक्ष शिवकुटी ने पुलिस पर हमले, आगजनी, पथराव, तोड़फोड़, बलवा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पांच सौ से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखा है। सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी ने बताया कि वीडियो फुटेज के जरिए उपद्रवियों को चिन्हित कर धरपकड़ शुरू कर दी गई है। एक युवक संतोष कुमार पुत्र भरतलाल को बलवा के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह शिवकुटी के नया गांव का रहने वाला है। उससे पूछताछ में भी कुछ बलवाइयों के नाम सामने आए हैं। सीओ ने बताया कि इस घटना में अभी जलाई गई बसों के ड्राइवरों तथा दूसरे वाहन चालकों से तहरीर मिलने पर और भी एफआईआर दर्ज हो सकती है।
तेलियरगंज बाजार में मंगलवार को स्थिति भले ही पूरी तरह सामान्य रही लेकिन लोगों के दिल-दिमाग में सोमवार रात का वाकया ही छाया रहा। हर दुकान और गुमटी के साथ ही घरों में भी इसी घटना की चर्चा होती रही। दरअसल, भयानक आगजनी और पथराव से इलाके के लोग बेहद घबरा गए थे। मंगलवार दोपहर तमाम व्यापारियों के बीच चर्चा में यह आशंका भी जाहिर की गई कि वे घबराए हुए थे कि कहीं उपद्रवी दुकानों समेत बाजार को ही न आग के हवाले कर दें। इसी आशंका के चलते पथराव और आगजनी शुरू होते ही दुकानों को बंदकर व्यापारी भाग गए।
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डीएम कार्यालय में कार्यरत अर्चना राणा की छोटी बहनें मोनिका (19) और मिथिलेश (21) सोमवार शाम प्रयाग संगीत समिति से घर लौट रही थीं। वे दोनों टीबी अस्पताल के सामने उतरकर सामने कॉलोनी स्थित घर जाने के लिए सड़क पार करने लगीं तभी शहर से प्रतापगढ़ की ओर जा रही बस ने साइकिल और बाइक सवार को चपेट में लेने के बाद मोनिका को कुचल दिया। उसकी मौत हो गई। आरोप है कि पास में मौजूद पुलिसवाले भाग गए। इस पर गुस्साए लोगों ने बवाल काटा।
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छह बस, एक टैंकर, चार बाइक और कई गुमटियां जला दीं। भीड़ तीन घंटे तक गदर काटती रही। दर्जनों गाड़ियों को तोड़ा। आखिर में पुलिस बल ने किसी तरह मोनिका का शव जबरन कब्जे में लेकर चीरघर भेजा था। दमकल दस्ते ने गाड़ियों में लगी आग बुझाई। पुलिस फोर्स, पीएसी तथा आरएएफ बुलाकर वहां तैनात कर दी गई। रात भर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की टुकड़ियां गश्त करती रहीं।
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पुलिस अफसरों को इस बात का खतरा सता रहा था कि मोनिका का शव अगर मंगलवार दिन में तेलियरगंज ले जाया गया तो भीड़ फिर उत्पात कर सकती है। यही वजह है कि पुलिस अफसरों ने सोमवार देर रात ही पंचनामा भराने के बाद मोनिका के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया। सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी ने बताया कि परिवार के लोग अंतिम संस्कार की खातिर मोनिका का शव लखीमपुर खीरी ले गए। तेलियरगंज बाजार में पांच थानों की पुलिस फोर्स की तैनाती के बीच मंगलवार को माहौल सामान्य रहा। कुछ गुमटियां बंद रही। बाकी पूरा बाजार खुला रहा।
तेलियरगंज में सोमवार रातके उपद्रव में शिवकुटी थाने में दो मुकदमे लिखे गए हैं। एक एफआईआर छात्रा मोनिका को कुचलकर मारने के आरोप में अज्ञात बस ड्राइवर के खिलाफ लिखी गई है। दूसरा केस थानाध्यक्ष शिवकुटी ने पुलिस पर हमले, आगजनी, पथराव, तोड़फोड़, बलवा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पांच सौ से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखा है। सीओ कर्नलगंज डीपी तिवारी ने बताया कि वीडियो फुटेज के जरिए उपद्रवियों को चिन्हित कर धरपकड़ शुरू कर दी गई है। एक युवक संतोष कुमार पुत्र भरतलाल को बलवा के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह शिवकुटी के नया गांव का रहने वाला है। उससे पूछताछ में भी कुछ बलवाइयों के नाम सामने आए हैं। सीओ ने बताया कि इस घटना में अभी जलाई गई बसों के ड्राइवरों तथा दूसरे वाहन चालकों से तहरीर मिलने पर और भी एफआईआर दर्ज हो सकती है।
तेलियरगंज बाजार में मंगलवार को स्थिति भले ही पूरी तरह सामान्य रही लेकिन लोगों के दिल-दिमाग में सोमवार रात का वाकया ही छाया रहा। हर दुकान और गुमटी के साथ ही घरों में भी इसी घटना की चर्चा होती रही। दरअसल, भयानक आगजनी और पथराव से इलाके के लोग बेहद घबरा गए थे। मंगलवार दोपहर तमाम व्यापारियों के बीच चर्चा में यह आशंका भी जाहिर की गई कि वे घबराए हुए थे कि कहीं उपद्रवी दुकानों समेत बाजार को ही न आग के हवाले कर दें। इसी आशंका के चलते पथराव और आगजनी शुरू होते ही दुकानों को बंदकर व्यापारी भाग गए।