वकील को मारकर जलाया था कातिलों ने
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इलाहाबाद। हाईकोर्ट के अधिवक्ता दीपचंद्र शुक्ला को घर से बुलाकर अपहरण के बाद बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई। रविवार आधी रात सूबेदारगंज स्टेशन के पास जलता मिला शव वकील का ही था। सुबह छिवकी नैनी में घर से निकलने के बाद वह रात तक घर नहीं लौटे थे। उनकी बाइक हाईकोर्ट के पास लावारिस मिली थी। जिला अदालत में वकालत करने वाले उनके भाई ने सिविल लाइंस थाने में पहले गुमशुदगी फिर अपहरण का केस दर्ज कराया था मंगलवार को शव देखकर परिजनों ने शिनाख्त की तो कत्ल का पता चला। फिलहाल कातिलों का सुराग नहीं लग सका है। वकील का मोबाइल भी गायब है। पुलिस दोस्तों-परिचितों से बातचीत और कॉल डिटेल की जांच के सहारे कातिलों की खोजबीन में जुटी है।
दीपचंद्र (42) कौशाम्बी में सिराथू के पास साढ़ो गांव निवासी रामचंद्र शुक्ला के चार बेटों में दूसरे नंबर पर थे। वह करीब बीस साल पहले ही इलाहाबाद में रहने लगे थे। पहले वह राजापुर में घर बनाकर रहते थे। तब वह मेडिकल प्रैक्टिस करते थे। दो पत्नियों के देहांत के बाद 2005 में दीप ने छिवकी नैनी में वीथिका से तीसरा ब्याह किया था। वह शिक्षिका हैं। दीप छिवकी में ही रहकर हाईकोर्ट में वकालत करने लगे। वीथिका के माता-पिता का अब देहांत हो चुका है। तीन शादी के बाद भी दीप की कोई संतान नहीं थी। रविवार सुबह करीब दस बजे वह पत्नी को यह बताकर घर से निकले कि हाईकोर्ट के पास किसी से मिलने जा रहा हूं। वह शाम तक घर नहीं लौटे तो पत्नी वीथिका ने फोन किया। तब दीप ने कहा कि मुझे देर हो जाएगी। तुम खाना खा लेना। फिर देर रात वीथिका ने दुबारा फोन किया तो कॉल दूसरे आदमी ने रिसीव की। उसके लहजे से लगा कि नशे में धुत है।
उसने कहा कि अभी दीपचंद्र से बात नहीं हो सकती। उसने कॉल काट दी तो वीथिका ने फिर फोन किया। मगर मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। परेशान होकर उन्होंने रसूलाबाद इलाके में रहने वाले जेठ ईश्वरचंद्र को फोन किया जो जिला अदालत में वकील हैं। ईश्वरचंद्र ने सिविल लाइंस थाने जाकर भाई दीप की गुमशुदगी की सूचना दी। तभी पुलिस ने बताया कि हाईकोर्ट के पास एक बाइक लावारिस मिली है। यह बाइक लापता दीप की ही थी। रविवार रात ही करीब एक बजे सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवानों ने कुछ दूर पर रेलवे पटरी किनारे शव जलते देखा था। आग किसी तरह बुझाई गई।
धूमनगंज पुलिस ने आकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव दीपचंद्र का था। भाई समेत परिजनों ने शव देखकर शिनाख्त की। सिविल लाइंस थाने में सोमवार को अपहरण का केस लिखा गया था। कत्ल से परिजन दुखी हैं तो वकीलों में भारी गुस्सा है। अभी परिवार के लोगों ने किसी पर शक नहीं जताया है। पोस्टमार्टम में पता चला कि दीपचंद्र का कत्ल सिर पर गहरी चोट से किया गया। बाद में शव को सूबेदारगंज ले जाकर शिनाख्त मिटाने के इरादे से जलाया गया। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।