फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The hotel's deluxe rooms betting

होटल के डीलक्स कमरों में चल रही सट्टेबाजी 

Fri, 29 Apr 2016 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 29 Apr 2016 01:45 AM IST
विज्ञापन
The hotel's deluxe rooms betting
क्रिकेट लीग - फोटो : demo pic
आईपीएल सीजन में सट्टेबाजी चरम पर पहुंच चुकी है। इलाहाबाद में भी आईपीएल के हर मैच में जमकर सट्टा लगाया जा रहा है। घरों, दुकानों और किराए के कमरों से भी आगे बढ़कर अब सट्टेबाज लग्जरी होटलों के कमरों में टिककर दांव लगा रहे हैं। लीडर रोड और सिविल लाइंस के कई होटलों में सट्टेबाजों ने कमरे बुक करा रखे हैं, जहां मैच के दौरान वे टीवी पर नजर गड़ाकर सट्टा लगाते हैं। ऐसा नहीं है कि पुलिस को को इसकी जानकारी नहीं है लेकिन इलाके के थानों में होटल मालिक और सट्टेबाजों से सेटिंग की वजह से धरपकड़ नहीं की जा रही है।
विज्ञापन


सट्टेबाजी घरों और मुहल्लों से होते हुए अब होटलों के डीलक्स कमरों में ठौर बना चुकी है। आईपीएल के इस सीजन में सटट्े का बाजार और भी तेजी से फैलता गया। स्कूली लड़कों से लेकर तमाम व्यापारी और दुकानदार भी सट्टा लगाने में जुटे हैं। आमतौर पर जुआ खेलने वाले लोग भी आईपीएल में सट्टा लगाने में व्यस्त हैं। मैच शुरू होते ही वे अपने ठिकाने पर जुटकर जीत-हार, हर गेंद, चौके-छक्के, विकेट, रनों पर बोली लगाने लगते हैं। फोन के जरिए सटोरिए अपना दांव नोट कराते हैं। जितने बड़े सट्टेबाज उतना ज्यादा दांव। छोटे सटोरिए हजार रुपये का दांव लगाते हैं तो बड़े सट्टेबाज दस से बीस हजार तक की बोली लगाते हैं।
विज्ञापन


सट्टेबाजी की अवैध कमाई के चलते ही सटोरिए होटलों में कमरे लेकर बैठते हैं। वहीं खाना-पीना होता है और दांव लगाए जाते हैं। लीडर रोड, जानसेनगंज, सिविल लाइंस, रामबाग के कई होटलों में सटोरियों ने कमरे बुक करा रखे हैं। तमाम सट्टेबाज ऐसे हैं जो आईपीएल सीजन में कई रोज तक होटलों में ही टिककर सट्टा लगाते रहते हैं। होटल मालिकों की भी इन सटोरियों से अच्छी कमाई हो रही है इसलिए गलत धंधा होने के बाद भी वे उसे शह दे रहे हैं। पुलिस तो सटोरियों से दावत लेकर ही आंखें मूंद लेती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सट्टेबाजी के बारे में जानकारी लेने के दौरान अमर उजाला संवाददाता को जंक्शन के रेस्टोरेंट में खाना खाने आया एक सटोरिया मिला। बमुश्किल 25 साल का यह युवक बीटेक कर चुका है। मगर दो साल पहले सट्टेबाजी का ऐसा चस्का लगा कि बीटेक की डिग्री बेकार हो गई। पिछले दो साल में उसने कमाया कम गंवाया ज्यादा। इस युवा सटोरिए ने खुद कहा कि उसके कारोबारी पिता ने अब तक उसका 25 लाख से ज्यादा कर्ज चुकाया है। मां-बाप कहते हैं कि घर पर रहो लेकिन वह होटल में टिककर सट्टेबाजी करता है। महीन में एक या दो बार ही घर जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed