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एटीएम बदलकर रकम उड़ाने वाला गिरोह पकड़ा गया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 24 Jun 2016 01:32 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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एटीएम बदलकर रकम उड़ाने वाले गिरोह के मास्टर माइंड समेत चार बदमाशों को पुलिस ने पकड़ा है। तलाशी में उनके पास से 30 एटीएम कार्ड, दो बिना नंबर की पल्सर बाइक, छह मोबाइल और 19 हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में शातिरों ने बताया कि एटीएम को हैंग कर देते हैं। फिर मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदल देते और पासवर्ड देख लेते। इसके बाद रकम उड़ा देते थे। पकड़े गए शातिरों के खिलाफ सरायइनायत थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
पुलिस लाइन में एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद और एसपी गंगापार राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सरायइनायत एसओ अमित मिश्र, एसआई आनंद कुमार वर्मा और, संतोष सिंह ने चेकिंग के दौरान प्रतापगढ़ में पूरे खुसई मोहनगंज के मनीष सिंह, अशोक नाई उर्फ मुन्ना, प्रतापगढ़ में कोतवाली सिटी के ढेरहन गांव के अनिल सिंह और प्रतापगढ़ में ही मोहनगंज खास राजपूत सब्जी मंडी निवासी मोहम्मद वसीम को चेकिंग के दौरान पकड़ लिया।
तलाशी में उनके पास दो बिना नंबर की नई पल्सर बाइक, 30 एटीएम कार्ड मिला। एक साथ बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ तो कड़ाई से पूछताछ की गई। तब शातिरों ने बताया कि वे तीन से चार की संख्या में एटीएम बूथ में घुसते हैं। इसके बाद बांईं तरफ की ऊपर वाली बटन दबाकर एटीएम हैंग कर देते हैं। जब कोई रकम निकालने आता है तो उसकी मदद के बहाने एटीएम हाथ में लेते ही बदल देते हैं। इसी दौरान पासवर्ड भी देख लेते थे। युवक के जाने के बाद खाते से रकम उड़ा देते थे। आसपास के जनपदों प्रतापगढ़, वाराणसी, इलाहाबाद, भदोही, फतेहपुर, फैजाबाद में बाइक से घूमकर शिकार की तलाश करते थे। मनीष सिंह गिरोह का सरगना है।
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उसके खिलाफ प्रतापगढ़, वाराणसी में कई मुकदमे दर्ज हैं। वे पहले भी जेल जा चुके हैं। पूछताछ में मनीष ने बताया कि वह पहले प्रतापगढ़ के विकास नामक युवक के साथ रहकर उसकी बाइक चलाता था। विकास ने ही उसे इस धंधे की ट्रेनिंग दी। विकास उसे प्रतिदिन के हिसाब से एक हजार रुपये देता था। पकड़े गए आरोपियों ने आसपास के जनपदों में हुई ऐसी कई घटनाओं में शामिल होने की बात कबूली है। एसओ सरायइनायत अमित मिश्र ने बताया कि मनीष के गांव के ज्यादातर युवक इसी धंधे में लिप्त हैं। वे एक दिन पचास से साठ हजार रुपये कमा लेते थे। महीने में दस से बीस लाख की कमाई करते थे। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरोह का मास्टर माइंड मनीष सिंह एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। पूछने पर बताया ताकि पकड़े जाने पर पुलिस वालों पर रौब गांठ सके। उसने एनसीसी भी किया है। मुन्ना उर्फ अशोक भी बीए पास है। उसके गिरोह के लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। वे लोगों की गाढ़ी कमाई को उड़ाने के बाद खूब अय्याशी करते थे। होटलों में रुकना और हर शौक को पूरा करना उनकी आदत बन गई थी।
पकड़ा गया मुन्ना उर्फ अशोक नाई पहले प्रतापगढ़ स्टेशन पर चाय बेचता था। उसने मोदी को मन की बात में लिखा था कि सरकार स्टेशनों पर अवैध रूप से चना, चाय बेचने वाले वेंडरों को वैध कर दे तो इससे सरकार को करोड़ों की आय होगी, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।
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पुलिस लाइन में एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद और एसपी गंगापार राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सरायइनायत एसओ अमित मिश्र, एसआई आनंद कुमार वर्मा और, संतोष सिंह ने चेकिंग के दौरान प्रतापगढ़ में पूरे खुसई मोहनगंज के मनीष सिंह, अशोक नाई उर्फ मुन्ना, प्रतापगढ़ में कोतवाली सिटी के ढेरहन गांव के अनिल सिंह और प्रतापगढ़ में ही मोहनगंज खास राजपूत सब्जी मंडी निवासी मोहम्मद वसीम को चेकिंग के दौरान पकड़ लिया।
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तलाशी में उनके पास दो बिना नंबर की नई पल्सर बाइक, 30 एटीएम कार्ड मिला। एक साथ बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ तो कड़ाई से पूछताछ की गई। तब शातिरों ने बताया कि वे तीन से चार की संख्या में एटीएम बूथ में घुसते हैं। इसके बाद बांईं तरफ की ऊपर वाली बटन दबाकर एटीएम हैंग कर देते हैं। जब कोई रकम निकालने आता है तो उसकी मदद के बहाने एटीएम हाथ में लेते ही बदल देते हैं। इसी दौरान पासवर्ड भी देख लेते थे। युवक के जाने के बाद खाते से रकम उड़ा देते थे। आसपास के जनपदों प्रतापगढ़, वाराणसी, इलाहाबाद, भदोही, फतेहपुर, फैजाबाद में बाइक से घूमकर शिकार की तलाश करते थे। मनीष सिंह गिरोह का सरगना है।
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उसके खिलाफ प्रतापगढ़, वाराणसी में कई मुकदमे दर्ज हैं। वे पहले भी जेल जा चुके हैं। पूछताछ में मनीष ने बताया कि वह पहले प्रतापगढ़ के विकास नामक युवक के साथ रहकर उसकी बाइक चलाता था। विकास ने ही उसे इस धंधे की ट्रेनिंग दी। विकास उसे प्रतिदिन के हिसाब से एक हजार रुपये देता था। पकड़े गए आरोपियों ने आसपास के जनपदों में हुई ऐसी कई घटनाओं में शामिल होने की बात कबूली है। एसओ सरायइनायत अमित मिश्र ने बताया कि मनीष के गांव के ज्यादातर युवक इसी धंधे में लिप्त हैं। वे एक दिन पचास से साठ हजार रुपये कमा लेते थे। महीने में दस से बीस लाख की कमाई करते थे। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखकर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरोह का मास्टर माइंड मनीष सिंह एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है। पूछने पर बताया ताकि पकड़े जाने पर पुलिस वालों पर रौब गांठ सके। उसने एनसीसी भी किया है। मुन्ना उर्फ अशोक भी बीए पास है। उसके गिरोह के लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। वे लोगों की गाढ़ी कमाई को उड़ाने के बाद खूब अय्याशी करते थे। होटलों में रुकना और हर शौक को पूरा करना उनकी आदत बन गई थी।
पकड़ा गया मुन्ना उर्फ अशोक नाई पहले प्रतापगढ़ स्टेशन पर चाय बेचता था। उसने मोदी को मन की बात में लिखा था कि सरकार स्टेशनों पर अवैध रूप से चना, चाय बेचने वाले वेंडरों को वैध कर दे तो इससे सरकार को करोड़ों की आय होगी, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।