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आग में कारोबारी का गोदाम, मकान खाक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 24 Apr 2016 01:53 AM IST
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शहराराबाग में आग लगी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शहर के शहरारा बाग मोहल्ले में शनिवार सुबह स्टेशनरी कारोबारी के सूने मकान में लगी आग ने चालीस लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान कर दिया। परिवार के लोग एक शादी समारोह में गए थे। पड़ोसियों ने आग देखी तो शोर मचाया और कारोबारी को खबर दी। कारोबारी ने खुद आकर आसपास के लोगों की मदद से आग बुझाने की भरसक कोशिश की पर कोई फायदा नहीं हुआ। पूरा मकान जला और साथ ही मकान मालिक भी झुलस गया। फायरब्रिगेड की देरी से भी आग बुझाने में सफलता नहीं मिली। इस अग्निकांड से मोहल्ले में कई घंटे तक अफरातफरी मची रही।
शहरारा बाग में रहने वाले ओमप्रकाश वर्मा उर्फ आनंद स्टेशनरी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने तीन मंजिला मकान के निचले तल में गोदाम बना रखा है जिसमें स्टेशनरी भरी रहती है। वहां कई बाइंडिंग मशीन भी रखी थीं। ऊपर तल के कमरों में वह पत्नी सीमा, मां दुर्गा और बच्चों के साथ रहते थे। परिवार के लोग तीन रोज पहले शहर में ही एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने चले गए। शनिवार सुबह ओमप्रकाश भी घर में ताला लगाकर वहीं निकल गए। करीब सुबह ग्यारह बजे पड़ोसियों ने गोदाम से धुआं निकलता देखा तो शोर मचाया। वहां भीड़ लग गई। ओमप्रकाश को सूचना मिली तो वह भी भागकर वहां आ गए।
आग तेजी से फैलती जा रही थी। ओमप्रकाश ने दरवाजा खोला तो गोदाम के साथ ही मकान के ऊपर वाले कमरों में भी आग पहुंच चुकी थी। वह पड़ोसियों की मदद से आग बुझाने में जुट गए। लोग घरों से पानी लाकर डालने लगे, मगर लपटों ने धीरे-धीरे पूरे मकान को जद में ले लिया। घर को जलता देख बदहवास ओमप्रकाश बुझाने की कोशिश में खुद भी झुलस गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अग्निकांड से व्यथित ओमप्रकाश ने बताया कि आग ने गोदाम में रखे 30 लाख रुपये कीमत के माल के साथ ही उनकी गृहस्थी का भी सब कुछ जला दिया। उनके घर में कुछ भी नहीं बचा। न कपड़े न बिस्तर। कुछ भी नहीं। वह बेघर हो गए और परिवार का गुजारा करने के लिए भी कुछ शेष नहीं रह गया।
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शहरारा बाग में स्टेशनरी व्यापारी ओमप्रकाश वर्मा उर्फ आनंद के मकान में आग लगी देख लोगों ने बार-बार फायरब्रिगेड को फोन किया, लेकिन दमकल दस्ता नहीं पहुंचा। आग बुझाने में लोगों के घरों का पानी खत्म हो गया। सनी अंसारी, शेरू, नफीस, हनी, आतिश, अफशां, गुड्डू लाला आदि पानी ला-लाकर व्यापारी के घर में फेंकते रहे। जब बहुत देर हो गई तो कुछ लोग सीधे फायरब्रिगेड कार्यालय पहुंच गए। वहां से बताया गया कि दमकल की गाड़ियों को दादूंपुर में सीएम की सभास्थल के पास लगाया गया है। काफी देर बाद तीन दमकल गाड़ियां पहुंचीं, मगर आग बढ़ चुकी थी।
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शहरारा बाग में रहने वाले ओमप्रकाश वर्मा उर्फ आनंद स्टेशनरी का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने तीन मंजिला मकान के निचले तल में गोदाम बना रखा है जिसमें स्टेशनरी भरी रहती है। वहां कई बाइंडिंग मशीन भी रखी थीं। ऊपर तल के कमरों में वह पत्नी सीमा, मां दुर्गा और बच्चों के साथ रहते थे। परिवार के लोग तीन रोज पहले शहर में ही एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने चले गए। शनिवार सुबह ओमप्रकाश भी घर में ताला लगाकर वहीं निकल गए। करीब सुबह ग्यारह बजे पड़ोसियों ने गोदाम से धुआं निकलता देखा तो शोर मचाया। वहां भीड़ लग गई। ओमप्रकाश को सूचना मिली तो वह भी भागकर वहां आ गए।
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आग तेजी से फैलती जा रही थी। ओमप्रकाश ने दरवाजा खोला तो गोदाम के साथ ही मकान के ऊपर वाले कमरों में भी आग पहुंच चुकी थी। वह पड़ोसियों की मदद से आग बुझाने में जुट गए। लोग घरों से पानी लाकर डालने लगे, मगर लपटों ने धीरे-धीरे पूरे मकान को जद में ले लिया। घर को जलता देख बदहवास ओमप्रकाश बुझाने की कोशिश में खुद भी झुलस गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अग्निकांड से व्यथित ओमप्रकाश ने बताया कि आग ने गोदाम में रखे 30 लाख रुपये कीमत के माल के साथ ही उनकी गृहस्थी का भी सब कुछ जला दिया। उनके घर में कुछ भी नहीं बचा। न कपड़े न बिस्तर। कुछ भी नहीं। वह बेघर हो गए और परिवार का गुजारा करने के लिए भी कुछ शेष नहीं रह गया।
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शहरारा बाग में स्टेशनरी व्यापारी ओमप्रकाश वर्मा उर्फ आनंद के मकान में आग लगी देख लोगों ने बार-बार फायरब्रिगेड को फोन किया, लेकिन दमकल दस्ता नहीं पहुंचा। आग बुझाने में लोगों के घरों का पानी खत्म हो गया। सनी अंसारी, शेरू, नफीस, हनी, आतिश, अफशां, गुड्डू लाला आदि पानी ला-लाकर व्यापारी के घर में फेंकते रहे। जब बहुत देर हो गई तो कुछ लोग सीधे फायरब्रिगेड कार्यालय पहुंच गए। वहां से बताया गया कि दमकल की गाड़ियों को दादूंपुर में सीएम की सभास्थल के पास लगाया गया है। काफी देर बाद तीन दमकल गाड़ियां पहुंचीं, मगर आग बढ़ चुकी थी।