बीमारी से बुजुर्ग और बेरोजगारी से तंग युवक ने दी जान
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जार्जटाउन में किदवईनगर अल्लापुर के नरेश चंद्र चौरसिया(60) बीमा कंपनी से रिटायर हुए थे। वह पिछले कई सालों से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। शुक्रवार रात घर के पीछे के कमरे में नायलान की रस्सी से पंखे के चुल्ले में फांसी लगा ली। शनिवार सुबह घरवाले देर तक सोकर न उठने पर बुलाने गए तो फांसी के फंदे से लटकता शव देखकर घर में कोहराम मच गया। शोरगुल सुनकर पड़ोस के लोग भी आ गए। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें नरेश ने लिखा था कि बीमारी से आजिज आकर आत्महत्या कर रहे हैं। इसमें घरवालों का कोई दोष नहीं है। नरेश की मौत से पत्नी राजकुमारी और बेटे का रोकर बुरा हाल था।
दूसरी घटना करेली के करेलाबाग लाल कॉलोनी की है। सीओडी से रिटायर ओम प्रकाश चक्रवर्ती का बड़ा बेटा कानपुर में रेलवे कर्मचारी है। जबकि छोटा बेटा भानु उर्फ भावेश (32) प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। नौकरी न मिलने से वह परेशान रहता था। शुक्रवार रात खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह घरवाले बुलाने गए तो दरवाजा अंदर से बंद था। कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर पंखे के चुल्ले से भानु का शव फंदे से लटक रहा था। भानु का शव देखकर घर में कोहराम मच गया। मां और पिता दहाड़ मारकर रोने लगे। रोना पिटना सुनकर पड़ोस के लोग पहुंचे। वहीं बगल में एक सुसाइड नोट भी पड़ा था। जिसमें नौकरी न मिलने की हताशा में सुसाइड की बात लिखी थी।