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टेंपो ने ली छात्र की जान, दारागंज थाने पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 17 Aug 2017 02:22 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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स्वतंत्रता दिवस के समारोह में शामिल होने के बाद हाथ में लड्डू लेकर स्कूल से पैदल घर लौट रहे दस साल के अभिषेक केसरवानी (10) को दारागंज के पूरा पड़ाइन में तेज रफ्तार टेंपो ने कुचल दिया। बालक की मौत से नाराज लोगों ने घटनास्थल पर जाम लगाया और दारागंज थाने पर भी जाकर हंगामा किया। पोस्टमार्टम के बाद भी लोगों ने जीटी जवाहर चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम किया। पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर टेंपो सीज कर दिया है।
पूरा पड़ाइन झोपड़पट्टी में रहने वाले सुभाष केसरवानी ने किराने की दुकान खोल रखी है। परिवार में पत्नी कोमल, तीन बेटियां और इकलौता पुत्र 10 साल का बेटा अभिषेक उर्फ मीनू था। वह अलोपीबाग स्थित सिंधु विद्या मंदिर में पढ़ता था। मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वह स्कूल में आयोजित समारोह में शामिल होने गया था। करीब 11 बजे वह स्कूल से निकलकर पैदल घर की ओर जा रहा था। उसने एक हाथ में लड्डू थाम रखा था जबकि दूसरे हाथ में तिरंगा झंडी पकड़े था। वह बाघंबरी तिराहे पर पहुंचा तभी पीछे से तेज गति में आए टेंपो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। वह घायल होकर सड़क पर गिर गया। आसपास के लोग जुटे और टेंपो घेरकर ड्राइवर को दबोच लिया। उसे जमकर पीटा। सिर पर गहरी चोट से अभिषेक की मौत हो गई थी। उसके परिजन और मुहल्ले वाले भी जुट गए।
घटना की खबर पाकर 100 डायल की टीम तथा दारागंज थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस टेंपो तथा ड्राइवर अनिल कुमार को थाने ले गई। उधर, गुस्साए लोगों ने शव के पास चक्काजाम कर दिया। फिर लोगों ने थाने जाकर भी हंगामा किया कि ड्राइवर को उनके सामने लाया जाए। साथ ही बेटे की मौत से दुखी परिवार को सरकार से मुआवजा दिलाया जाए। किसी तरह पुलिस ने लोगों को मनाकर शव को चीरघर भेजा। दोपहर बाद पोस्टमार्टम होने पर अभिषेक का शव लेकर घर की तरफ जाते समय लोगों ने जीटी जवाहर चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। पता चलते ही पुलिस पहुंची और लोगों को मनाने की कोशिश की। भीड़ की मांग थी कि मौके पर डीएम आकर परिवार को मुआवजे का ऐलान करें। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को मनाया तो शव घर के पास ले जाकर रखा गया। वहां भीड़ जुटने पर पुलिस ने जबरन लोगों को हटाया। मां कोमल समेत रिश्ते की महिलाएं रोती-कलपती रहीं। सभी रिश्तेदारों के जुटने के बाद रात में अभिषेक के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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इस दुखद घटना की जानकारी पाकर रात में भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी भी रात में पूरा पड़ाइन पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ आसपास के लोगों से बात की। उनसे शिकायत की गई कि पोस्टमार्टम के बाद शव लाए जाने पर लोग शोक जताने के लिए जुटे थे लेकिन दारागंज पुलिस ने सबको लाठी भांजकर वहां से भगाया। खासतौर से चौकी प्रभारी संगम उमेश सिंह ने ज्यादती की। इस पर नाराज विधायक ने पुलिस पर गुस्सा जताया और अफसरों से इस बारे में बात की। इसके बाद संगम चौकी प्रभारी उमेश को दरियाबाद चौकी के लिए रिलीव कर दिया गया। उमेश का कुछ दिन पहले तबादला हुआ था पर वह संगम चौकी पर टिके रहे।
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पूरा पड़ाइन झोपड़पट्टी में रहने वाले सुभाष केसरवानी ने किराने की दुकान खोल रखी है। परिवार में पत्नी कोमल, तीन बेटियां और इकलौता पुत्र 10 साल का बेटा अभिषेक उर्फ मीनू था। वह अलोपीबाग स्थित सिंधु विद्या मंदिर में पढ़ता था। मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वह स्कूल में आयोजित समारोह में शामिल होने गया था। करीब 11 बजे वह स्कूल से निकलकर पैदल घर की ओर जा रहा था। उसने एक हाथ में लड्डू थाम रखा था जबकि दूसरे हाथ में तिरंगा झंडी पकड़े था। वह बाघंबरी तिराहे पर पहुंचा तभी पीछे से तेज गति में आए टेंपो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। वह घायल होकर सड़क पर गिर गया। आसपास के लोग जुटे और टेंपो घेरकर ड्राइवर को दबोच लिया। उसे जमकर पीटा। सिर पर गहरी चोट से अभिषेक की मौत हो गई थी। उसके परिजन और मुहल्ले वाले भी जुट गए।
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घटना की खबर पाकर 100 डायल की टीम तथा दारागंज थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस टेंपो तथा ड्राइवर अनिल कुमार को थाने ले गई। उधर, गुस्साए लोगों ने शव के पास चक्काजाम कर दिया। फिर लोगों ने थाने जाकर भी हंगामा किया कि ड्राइवर को उनके सामने लाया जाए। साथ ही बेटे की मौत से दुखी परिवार को सरकार से मुआवजा दिलाया जाए। किसी तरह पुलिस ने लोगों को मनाकर शव को चीरघर भेजा। दोपहर बाद पोस्टमार्टम होने पर अभिषेक का शव लेकर घर की तरफ जाते समय लोगों ने जीटी जवाहर चौराहे पर रखकर जाम लगा दिया। पता चलते ही पुलिस पहुंची और लोगों को मनाने की कोशिश की। भीड़ की मांग थी कि मौके पर डीएम आकर परिवार को मुआवजे का ऐलान करें। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को मनाया तो शव घर के पास ले जाकर रखा गया। वहां भीड़ जुटने पर पुलिस ने जबरन लोगों को हटाया। मां कोमल समेत रिश्ते की महिलाएं रोती-कलपती रहीं। सभी रिश्तेदारों के जुटने के बाद रात में अभिषेक के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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इस दुखद घटना की जानकारी पाकर रात में भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी भी रात में पूरा पड़ाइन पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ आसपास के लोगों से बात की। उनसे शिकायत की गई कि पोस्टमार्टम के बाद शव लाए जाने पर लोग शोक जताने के लिए जुटे थे लेकिन दारागंज पुलिस ने सबको लाठी भांजकर वहां से भगाया। खासतौर से चौकी प्रभारी संगम उमेश सिंह ने ज्यादती की। इस पर नाराज विधायक ने पुलिस पर गुस्सा जताया और अफसरों से इस बारे में बात की। इसके बाद संगम चौकी प्रभारी उमेश को दरियाबाद चौकी के लिए रिलीव कर दिया गया। उमेश का कुछ दिन पहले तबादला हुआ था पर वह संगम चौकी पर टिके रहे।