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अपमान का बदला लेने के लिए की थी नीरज की हत्या

Sun, 21 Oct 2018 02:22 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sun, 21 Oct 2018 02:22 AM IST
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कैंट में आकाशवाणी केंद्र के सामने स्थित दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर हिस्ट्रीशीटर नीरज वाल्मीकि की हत्या अपमान का बदला लेने की नीयत से की गई थी। हत्यारोपियों में एक बदमाश नैनी जेल में नीरज के साथ बंद था। तब नीरज से उसकी पिटाई कर दी थी। हत्या में शामिल चारों बदमाशों जब पुलिस के हत्थे चढ़े तो मामले का खुलासा हुआ। कैंट पुलिस एवं क्राइम ब्रांच ने चारों को शुक्रवार को चौफटका ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार किया।
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एसएसपी नितिन तिवारी ने शनिवार को पकड़े गए बदमाशों में तीन को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि नीरज वाल्मीकि और सनाउल्ला उर्फ रानू निवासी कटरा दोनों पिछले साल नैनी जेल की एक बैरक में बंद थे। उसी दौरान एक विवाद में नीरज ने सबके सामने रानू को बुरी तरह पीट दिया था। इससे रानू को बहुत बेइज्जती महसूस हुई। एसएसपी के मुताबिक इसके बाद से रानू बदला लेना चाहता था। पिछले महीने जब रानू जेल से बाहर आया, तभी से वह नीरज की रेकी कराने लगा। उसे मालूम हुआ कि दुर्गापूजा पंडाल में नीरज असलहा नहीं रखता। उसी दौरान उसकी हत्या की साजिश रची गई।
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इसमें रानू ने विकास तिवारी, संजय यादव को बतौर शूटर और सोनू को बम चलाने के लिए शामिल किया। 16 अक्तूबर की शाम करीब साढ़े सात बजे चारों दुर्गापूजा पंडाल पहुंच गए। सीसीटीवी फुटेज में नीरज से हाथ मिलाने वाला शख्स विकास था। उसी ने नीरज के पास पहुंचकर उसे बाहर चलने को कहा, लेकिन नीरज बाहर आने को राजी नहीं हुआ। उसके मना करने पर विकास ने पिस्टल निकाली और जैसे ही फायर करने को हुआ तो नीरज ने उस पर झपट्टा मार दिया। पहला फायर विकास ने किया, उसके बाद रानू और संजय ने भी पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। रानू एक हाथ से पिस्टल चला रहा था, साथ ही बम भी फेंक रहा था। इसी बीच रानू लड़खड़ाकर नीरज के पास गिर पड़ा। एक गोली रानू के कमर के नीचे लगी। बम के छर्रे नीरज के साथ ही रानू को भी लगे, जिससे वह गंभीर तौर पर घायल हो गया। घायलावस्था पर ही रानू को लेकर सभी वहां से भाग गए।
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इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए कैंट इंस्टपेक्टर आरसी रावत के साथ इंटेलीजेंस विंग के बृजेश सिंह एवं साइबर प्रभारी नागेश कुमार सिंह की अगुवाई में टीम लगाई गई। टीम ने कई जगह दबिश के बाद इन चारों को पकड़ लिया। इनके पास से तीन पिस्टल समेत बम भी बरामद हुए हैं। एसएसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।    

घायल रानू के सहारे हत्यारों तक पहुंची पुलिस
प्रयागराज। गोली चलाने के दौरान ही रानू गंभीर तौर पर घायल हो गया था। उसको लेकर बदमाश तपोवन पार्क होते हुए धूमनगंज की ओर भागे। पुलिस को यहां पर खून के निशान मिलने के साथ ही एक लाल रंग की टोपी मिली थी। यह लाल रंग की टोपी विकास ने लगाई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों की योजना बनारस भागने की थी, लेकिन रानू की गंभीर हालत देख सभी बीच रास्ते से वापस लौट आए। पकड़े जाने से बचने के लिए रानू को अस्पताल नहीं ले जाया गया, बल्कि धूमनगंज में घर पर ही रखा गया। पुलिस ने शक के आधार पर धूमनगंज के कुछ बदमाशों को पकड़ा, उनमें से एक ने घायल रानू की शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस का रास्ता आसान हो गया और धड़ाधड़ चारों बदमाश एक साथ पकड़ लिए गए। रानू को गंभीर हालत में पहले एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।


तीस साल से कम उम्र के थे चारों बदमाश
प्रयागराज। चारों बदमाशों की उम्र 30 वर्ष से कम की है। इन सभी के खिलाफ विभिन्न थानों में कई गंभीर मामलों में दर्ज हैं। बम फेंकने वाला सोनू 27 वर्ष पर कैंट में दो, गोली चलाने वाले विकास 26 वर्ष पर धूमनगंज, फतेहपुर, कैंट में छह, रानू 28 वर्ष पर करेली, कीडगंज, गैंगस्टर, नैनी एवं शाहगंज में कुल सात मुकदमे, जबकि संजय यादव 26 वर्ष पर धूमनगंज एवं कैंट में कुल तीन मुकदमे दर्ज हैं।
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